आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की छुट्टियों पर सरकार ने ये निकाला हल
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आंदोलित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का गुस्सा रंग लाया है। सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की छुट्टी पर कैंची न चलाने का भरोसा दिलाया है। उन्हें पहले की तरह वर्ष भर में 15 दिन का अवकाश जारी रहेगा। बजट सत्र के दौरान सदन में विभागीय मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि फिलहाल मानदेय बढ़ाने की स्थिति में सरकार नहीं है, लेकिन निकट भविष्य में यदि गुंजाइश बनी, तो इसे बढ़ाया जाएगा।
सदन में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के मानदेय से जुडे़ सवाल पर सोमवार को कई बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट हो गई। सवाल महेंद्र भट्ट ने उठाया था। इसके जवाब में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि पूरे देश में उत्तराखंड में कार्यकत्रियों को सबसे ज्यादा मानदेय दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल में कार्यकत्री को 3450, छत्तीसगढ़ में 4000 और मध्य प्रदेश में 5000 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, जबकि हमारे यहां छह हजार रुपये का भुगतान हो रहा है। मिनी आंगनबाड़ी में भी कार्यकत्रियों को 3500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साल भर में पहले की तरह 15 अवकाश मिलेंगे। कुछ दिनों पहले इसे घटाकर पांच कर दिया गया था।
वरीयता पर मिलेगा जीओ
समन्वित बाल विकास परियोजना कार्यक्रम के अंतर्गत खुलने वाले नए आंगनबाड़ी केंद्रों में मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकत्रियों और सहायिकों को वरीयता के संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है। अब मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत कार्यकत्रियों और सहायिकों को वरीयता प्रदान की जाएगी।
प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी शासनादेश में नई व्यवस्था का जिक्र किया गया है। इसमें विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा और बीपीएल अभ्यर्थी के अलावा कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्री, कार्यरत मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री, कार्यरत सहायिकों की वरीयता को अलग से रेखांकित किया गया है।