ज्योतिष महाकुंभ में उठी भारत में ज्योतिष दिवस मनाने की मांग
अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ के दूसरे दिन सोमवार को देश भर से आए ज्योतिषियों ने भारत में ज्योतिष दिवस मनाने की मांग रखी। देहरादून में आयोजित अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में देशभर से आए ज्योतिष गुरुओं को सम्मानित किया गया।
ज्योतिष महाकुंभ के दूसरे दिन देहरादून के सैफ्रान लीव होटल में देश भर से आए ज्योतिषियों को उत्तराखंड के सीएम के हरीश रावत के हाथों प्रतीक चिह्न दिया गया।
कार्यक्रम में बेजन दारूवाला, पवन सिन्हा, केए दुबे पद्मेश, लेखराज शर्मा, नस्तूर दारूवाला, स्टाइलिश फेमिली गुरू जय मदान आदि जाने-माने ज्योतिषी पहुंचे।
अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ के दूसरे दिन देश भर से आए ज्योतिषियों का सम्मान समारोह किया जा रहा है। सम्मान समारोह से पहले परिचर्चा में भाग लेते हुए अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद ने देश में ज्योतिष दिवस की मांग की।
वहीं देश भर में ज्योतिषियों के अलग-अलग पंचांग होने पर चिंता जताई गई। इस बारे में पंचांगों के एकीकरण के लिए ज्योतिषियों को मिलकर एक साथ काम करने की जरूरत बताई।
ज्योतिषी गलत हो सकते हैं भगवान नहीं
परिचर्चा की शुरुआत करते हुए बेजन दारूवाला ने कहा कि वाइब्रेशन का जमाना है। यह सब शक्ति का कमाल है, ज्योतिषी गलत हो सकते हैं भगवान नहीं। दारूवाला ने गंगा का महत्व बताते हुए कहा कि गंगा सबसे बड़ी है और वही रक्षा करेगी।
बेजन दारूवाला के बेटे और प्रख्यात ज्योतिषविद नस्तूर दारूवाला ने कहा कि नेप्च्यून और यूरेनस ग्रहों पर अभी तक बहुत कम काम हुआ है। ज्योतिषशास्त्रियों को इन दो छोटे ग्रहों पर भी शोध करना चाहिए।
ज्योतिष महाकुंभ में परिचर्चा करते हुए ज्योतिषियों ने कहा कि ज्योतिषी दुनिया में मुश्किल से घिरे लोगों के जीवन में आशा का संचार करते हैं।
135 ज्योतिषियों का किया जाएगा सम्मान
मुख्यमंत्री हरीश रावत जीएमएस रोड स्थित होटल सैफ्रॉन लीफ में सुबह दस बजे से आयोजित होने वाले समारोह में तिषियों को सम्मानित करेंगे।
समारोह में ज्योतिष भविष्य वाणियां भी करेंगे। खास बात यह है कि कुछ लोगों को यहां भी ज्योतिषियों से मिलने का मौका दिया जाएगा।