फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Assembly Elections 2018: Another leader quits BJP in Rajasthan

भाजपा में नेताओं के पार्टी छोड़ने का सिलसिला जारी, लगा एक और बड़ा झटका

Thu, 11 Oct 2018 06:00 PM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 11 Oct 2018 06:00 PM IST
विज्ञापन
Assembly Elections 2018: Another leader quits BJP in Rajasthan
amit shah in rajasthan
विधानसभा चुनावों से पहले राजस्थान भाजपा में पार्टी छोड़ने की तादाद बढ़ती जा रही है। पिछले तीन महीने के दौरान कई दिग्गज कमल का साथ छोड़ चुके हैं। घनश्याम तिवाड़ी, मानवेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह के बाद अब पूर्व मंत्री उषा पूनिया ने भी पार्टी को बाय-बाय कह दिया है। पूर्व मंत्री, विधायकों और वर्तमान एमएलए के इस रुख से भाजपा परेशान है।
विज्ञापन


उषा पूनिया ने छोड़ी पार्टी

वसुंधरा राजे की पिछली सरकार में उषा पूनिया पर्यटन मंत्री रही हैं। उषा पूनिया का मानना है कि भाजपा में जाट नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। विजय पूनिया जाट समाज के कद्दावर नेता माने जाते हैं और भाजपा में उनका नाम जोड़-तोड़ के माहिर नेताओं में गिना जाता है। जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, जैसलमेर, सीकर समेत एक दर्जन जिलों के अलावा प्रदेश की 40 विधानसभा सीटों पर जाट समुदाय ही जीत का आधार तय करता है। ऐसे में उषा पूनिया का भाजपा छोड़ना भाजपा के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। राजस्थान में जाट समुदाय राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहा है। 
विज्ञापन


दो महीने में लगे तीन बड़े झटके

पिछले 2 महीने के दौरान राजस्थान में भाजपा को तीन बड़े झटके लग चुके हैं। मौजूदा विधायक धनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी में रहते हुए नई पार्टी भारत वाहिनी बना ली। पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे और बीजेपी विधायक मानवेन्द्र सिंह ने बाड़मेर में लाखों लोगों की भीड़ के सामने भाजपा को बाय-बाय कर दिया। इसके बाद झुंझुनू जिले के नवलगढ़ से विधायक रहीं प्रतिभा सिंह ने भारतीय जनता पार्टी छोड़ने की घोषणा की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रतिभा सिंह कांग्रेस के टिकट पर 2003 से 2008 तक नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं। लगातार दो विधानसभा चुनाव हार चुकी प्रतिभा सिंह 4 साल पहले बीजेपी में शामिल हुई थीं। हालांकि मौजूदा विधायकों, पूर्व मंत्रियों और नेताओं के पार्टी छोड़ने से भाजपा ज्यादा चिंतित नजर नहीं आ रही है। पार्टी पदाधिकारियों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव में इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पार्टी 180 प्लस सीटों के लक्ष्य के साथ चुनाव जीतकर रहेगी। 


राजस्थान में चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा में विधायक और मंत्रियों के दल बदलने और निर्दलीय लड़ने की पुरानी परंपरा है। यहां 7 दिसंबर को वोटिंग होनी है और कांग्रेस भाजपा 200 सीटों पर किसे टिकट दे किसे नहीं, इसी माथापच्ची में लगी है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पहले ही संकेत दे चुकी हैं कि 160 मौजूदा विधायकों में 100 विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं। ऐसे में नए चेहरों की तलाश पार्टी में काफी समय से हो रही है। उधर, कांग्रेस में सचिन पायलट और अशोक गहलोत समर्थकों के बीच रस्साकशी में टिकट बांटने का फैसला राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed