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UPSC में छत्तीसगढ़ की बेटियों का जलवा: वैभवी अग्रवाल 35वीं, जनकपुर की दर्शना सिंह 383वीं रैंक पर रहीं सफल
Fri, 06 Mar 2026 07:51 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 06 Mar 2026 07:51 PM IST
सार
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राजधानी रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 35वीं रैंक प्राप्त की है।
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UPSC में छत्तीसगढ़ की बेटियों का जलवा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राजधानी रायपुर की वैभवी अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 35वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार बल्कि पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है।
वैभवी अग्रवाल की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। उनकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने यह साबित कर दिया कि सही योजना और लगातार प्रयास से कठिन से कठिन परीक्षा भी जीती जा सकती है। उनकी उपलब्धि के बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
वहीं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की रहने वाली दर्शना सिंह ने भी यूपीएससी परीक्षा में 383वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। दर्शना ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और सफलता हासिल कर क्षेत्र के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बन गईं।
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दर्शना सिंह का कहना है कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका मानना है कि निरंतर मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
यूपीएससी परिणाम घोषित होने के बाद जिला प्रशासन ने भी उनकी उपलब्धि की सराहना की। रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने दर्शना सिंह से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दर्शना की सफलता दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों के लिए भी एक मजबूत प्रेरणा है।
इसी परीक्षा में संजय डहरिया ने भी 946वीं रैंक हासिल कर अपनी जगह बनाई है। इस तरह यूपीएससी के इस परिणाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पदों तक पहुंचने की क्षमता रखते हैं।
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वैभवी अग्रवाल की सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। उनकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने यह साबित कर दिया कि सही योजना और लगातार प्रयास से कठिन से कठिन परीक्षा भी जीती जा सकती है। उनकी उपलब्धि के बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
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वहीं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर की रहने वाली दर्शना सिंह ने भी यूपीएससी परीक्षा में 383वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। दर्शना ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और सफलता हासिल कर क्षेत्र के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बन गईं।
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दर्शना सिंह का कहना है कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका मानना है कि निरंतर मेहनत, धैर्य और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
यूपीएससी परिणाम घोषित होने के बाद जिला प्रशासन ने भी उनकी उपलब्धि की सराहना की। रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने दर्शना सिंह से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दर्शना की सफलता दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों के लिए भी एक मजबूत प्रेरणा है।
इसी परीक्षा में संजय डहरिया ने भी 946वीं रैंक हासिल कर अपनी जगह बनाई है। इस तरह यूपीएससी के इस परिणाम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर देश के सर्वोच्च प्रशासनिक पदों तक पहुंचने की क्षमता रखते हैं।