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Naxalite surrender: डेढ़ करोड़ के इनामी खूंखार नक्सली भूपति ने 60 साथियों के साथ गढ़चिरौली में किया सरेंडर
Tue, 14 Oct 2025 12:45 PM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बस्तर
अमर उजाला नेटवर्क, बस्तर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Tue, 14 Oct 2025 12:45 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में माओवादी नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है। बस्तर में संगठन के केंद्रीय कमेटी मेंबर (सीसीएस) सोनू दादा उर्फ भूपति ने 60 साथियों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इसके साथ ही इन नक्सलियों ने लगभग 50 हथियार भी पुलिस के हवाले किए।
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डेढ़ करोड़ के इनामी खूंखार नक्सली भूपति ने 60 साथियों के साथ किया सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में माओवादी नक्सल संगठन को बड़ा झटका लगा है। संगठन के केंद्रीय कमेटी मेंबर (सीसीएस) सोनू दादा उर्फ भूपति ने 60 साथियों के साथ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। बता दें कि खूंखार नक्सली भूपति पर डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम था। नक्सलियों ने लगभग 50 हथियार भी गढ़चिरौली पुलिस के हवाले किए हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 3 DKSZC मेंबर और 10 DVCM सदस्य शामिल हैं।
यह माओवादी संगठन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। खूंखार नक्सली भूपति पांच राज्यों की पुलिस के निशाने पर था। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा पुलिस तलाश कर रही थी। कई बड़ी नक्सली घटनाओं शामिल में रहा है। भूपति गढ़चिरौली में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेंबर भी था। ये नक्सली हथियार समेत आत्मसमर्पण करने की बात पहले की कह चुके थे। सोनू दादा के बयान के बाद नक्सलियों में दो फाड़ हो गई थी। अब कई और नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पूछताछ जारी की जा रही है।
नक्सलियों को लीडर करने वाले सीसीएम मेंबर ने आज अपने 60 साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र राज्य के गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण कर दिया, इस समर्पण के साथ ही नक्सली टीम पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। अब गिने चुने ही टॉप नक्सली बचे हुए है, जो पुलिस के टॉप लिस्ट में है, उन्हें भी सरेंडर करने की बात कही जा रही है। बता दें कि नक्सली संगठन के शुरुआत से ही सोनू दादा उर्फ भूपति उसका बड़ा भाई किशन जी, भाभी सुजाता के अलावा सोनू दादा की पत्नी जुडी हुई थी, जहां लंबे समय से पूरा परिवार नक्सलियों की विचारधारा से जुड़कर काम कर रहे थे। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर के अलावा राज्य हर बड़ी घटनाओं में शामिल थे। धीरे-धीरे इनका नाम हर जगह गूंजने लगा।
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टॉप लीडर किशन जी का छोटा भाई था भूपति
नक्सलियों के टॉप लीडर किशन जी को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया। किशन जी की मौत के बाद उनकी पत्नी सुजाता काफी अकेले हो गई, जिसके बाद उसने तेलंगाना में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं सोनू दादा की पत्नी तारक्का ने भी करीब छह माह पहले गढ़चिरौली में आत्मसर्पण कर दिया था। पत्नी के बार-बार सोनू दादा को आत्मसमर्पण के लिए कहा जा रहा था, जिसके बाद सोनू ने अपने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
ब्राह्मण परिवार से है सोनू दादा
बता दे कि सोनू दादा ब्राह्मण परिवार से है, 67 वर्षीय सोनू दादा का असली नाम मल्लोजूला वेणुगोपाल राव है। वहीं सोनू दादा के कई नाम भी हैं, जिसमें सोनू उर्फ विवेक उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा उर्फ भूपति है, सोनू दादा ने बी काम करने के साथ ही आईटीआई भी कर चुके है। सोनू दादा सीसीएम, पीबीएम, सीआरबी सचिव, प्रवक्ता सीपीआई माओवाद भी रह चुके हैं।
टूट गई संगठन
देखा जाए तो भूपति उर्फ सोनू दादा ने संगठन में हर बड़े से बड़े घटनाओं में शामिल होकर काम किया, लेकिन लगातार संगठन में चल रहे दो फाड़ के चलते सोनू दादा अकेले हो गए। वहीं सोनू ने अपने दुख को साझा करते हुए कुछ दिन पहले समर्पण करने की बात कही और आखिरकार आज समर्पण कर दिया।
मिशन 2026 का डर
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मिशन 2026 में नक्सलियों के खात्मे की बात कही गई है। वहीं लगातार नक्सलियों के लीडर के खिलाफ चल रहे मुहिम के चलते किशन जी एनकाउंटर में मारा गया, सुजाता ने सरेंडर कर दिया, बसवराज भी मारा गया, नक्सली संगठन के टूट जाने से अब सोनू दादा उर्फ भूपति ने भी सरेंडर कर दिया।
पहले दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
इससे पहले दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसमें 21 महिला नक्सली और 50 पुरुष नक्सली शामिल थे। सरेंडर करने वाले 30 नक्सलियों पर 64 लख रुपए का इनाम था। डेढ़ साल में करीब 400 नक्सली मारे गए हैं। इनमें बस्तर के नक्सली ज्यादा हैं।
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यह माओवादी संगठन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। खूंखार नक्सली भूपति पांच राज्यों की पुलिस के निशाने पर था। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा पुलिस तलाश कर रही थी। कई बड़ी नक्सली घटनाओं शामिल में रहा है। भूपति गढ़चिरौली में नक्सलियों के पोलित ब्यूरो मेंबर भी था। ये नक्सली हथियार समेत आत्मसमर्पण करने की बात पहले की कह चुके थे। सोनू दादा के बयान के बाद नक्सलियों में दो फाड़ हो गई थी। अब कई और नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से पूछताछ जारी की जा रही है।
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नक्सलियों को लीडर करने वाले सीसीएम मेंबर ने आज अपने 60 साथियों के साथ मिलकर महाराष्ट्र राज्य के गढ़चिरौली में आत्मसमर्पण कर दिया, इस समर्पण के साथ ही नक्सली टीम पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। अब गिने चुने ही टॉप नक्सली बचे हुए है, जो पुलिस के टॉप लिस्ट में है, उन्हें भी सरेंडर करने की बात कही जा रही है। बता दें कि नक्सली संगठन के शुरुआत से ही सोनू दादा उर्फ भूपति उसका बड़ा भाई किशन जी, भाभी सुजाता के अलावा सोनू दादा की पत्नी जुडी हुई थी, जहां लंबे समय से पूरा परिवार नक्सलियों की विचारधारा से जुड़कर काम कर रहे थे। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर के अलावा राज्य हर बड़ी घटनाओं में शामिल थे। धीरे-धीरे इनका नाम हर जगह गूंजने लगा।
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टॉप लीडर किशन जी का छोटा भाई था भूपति
नक्सलियों के टॉप लीडर किशन जी को पुलिस ने एक एनकाउंटर में मार गिराया। किशन जी की मौत के बाद उनकी पत्नी सुजाता काफी अकेले हो गई, जिसके बाद उसने तेलंगाना में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं सोनू दादा की पत्नी तारक्का ने भी करीब छह माह पहले गढ़चिरौली में आत्मसर्पण कर दिया था। पत्नी के बार-बार सोनू दादा को आत्मसमर्पण के लिए कहा जा रहा था, जिसके बाद सोनू ने अपने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
ब्राह्मण परिवार से है सोनू दादा
बता दे कि सोनू दादा ब्राह्मण परिवार से है, 67 वर्षीय सोनू दादा का असली नाम मल्लोजूला वेणुगोपाल राव है। वहीं सोनू दादा के कई नाम भी हैं, जिसमें सोनू उर्फ विवेक उर्फ भूपति उर्फ सोनू दादा उर्फ भूपति है, सोनू दादा ने बी काम करने के साथ ही आईटीआई भी कर चुके है। सोनू दादा सीसीएम, पीबीएम, सीआरबी सचिव, प्रवक्ता सीपीआई माओवाद भी रह चुके हैं।
टूट गई संगठन
देखा जाए तो भूपति उर्फ सोनू दादा ने संगठन में हर बड़े से बड़े घटनाओं में शामिल होकर काम किया, लेकिन लगातार संगठन में चल रहे दो फाड़ के चलते सोनू दादा अकेले हो गए। वहीं सोनू ने अपने दुख को साझा करते हुए कुछ दिन पहले समर्पण करने की बात कही और आखिरकार आज समर्पण कर दिया।
मिशन 2026 का डर
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मिशन 2026 में नक्सलियों के खात्मे की बात कही गई है। वहीं लगातार नक्सलियों के लीडर के खिलाफ चल रहे मुहिम के चलते किशन जी एनकाउंटर में मारा गया, सुजाता ने सरेंडर कर दिया, बसवराज भी मारा गया, नक्सली संगठन के टूट जाने से अब सोनू दादा उर्फ भूपति ने भी सरेंडर कर दिया।
पहले दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
इससे पहले दंतेवाड़ा जिले में 71 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था। इसमें 21 महिला नक्सली और 50 पुरुष नक्सली शामिल थे। सरेंडर करने वाले 30 नक्सलियों पर 64 लख रुपए का इनाम था। डेढ़ साल में करीब 400 नक्सली मारे गए हैं। इनमें बस्तर के नक्सली ज्यादा हैं।