Jagdalpur: दिल की बीमारी की वजह से छूट गई प्राइवेट नौकरी, कलेक्टर ने बना दिया शिक्षक, बताया रोल मॉडल
जुगल किशोर कोर्राम बस्तर जिले के संवेदनशील क्षेत्र चांदामेटा का निवासी है, किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले जुगल ने प्रारंभिक शिक्षा कोलेंग से की,इसके बाद जगदलपुर फिर रायपुर प्रयास स्कूल से स्कूली शिक्षा ग्रहण किया।
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जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के ने जिले के संवेदनशील क्षेत्र चांदामेटा के बीटेक पास जुगल किशोर को आश्रम शाला में कंप्यूटर शिक्षक की नौकरी दी है। कलेक्टर ने कहा कि बहुत कम लोग हैं जो अतिसंवेदनशील क्षेत्र से निकलकर उच्च शिक्षा ग्रहण किए हो, प्रशासन हमेशा ऐसे क्षेत्रों से निकलने वाले युवाओं की सराहना और हर संभव सहयोग करने का प्रयास करता है। अति संवेदनशील क्षेत्र के बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त करना भी एक बड़ी उपलब्धि है, शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर बी-टेक तक की पढ़ाई करने वाले जुगल किशोर कोर्राम क्षेत्र के लिए रोल मॉडल हैं।
जुगल किशोर कोर्राम बस्तर जिले के संवेदनशील क्षेत्र चांदामेटा का निवासी है, किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले जुगल ने प्रारंभिक शिक्षा कोलेंग से की,इसके बाद जगदलपुर फिर रायपुर प्रयास स्कूल से स्कूली शिक्षा ग्रहण किया। प्रयास के माध्यम में इंजिनियर बनने के प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी की और रायपुर के शासकीय इंजिनीयरिंग कालेज से बीटेक की पढ़ाई की। उसने बताया कि आर्थिक जरूरतों के लिए टीचिंग काम भी उसने किया, पढ़ाई के दौरान उसे स्वास्थ्यगत दिक्कत होने लगी थी, जांच करवाने पर दिल से संबंधित बीमारी का पता चला। इस बीमारी की वजह से उसे आर्थिक हानि के साथ साथ ज्यादा चलने में दिक्कत होने लगा है। जुगल के परिवार में माता पिता, एक भाई और बहन है। माता पिता कृषि कार्य में संलग्न है भाई और बहन पढ़ाई कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के दौरान चांदामेटा में पहली बार वोटिंग की प्रक्रिया किया गया। इस खबर को देखकर जुगलकिशोर ने कुछ उम्मीद के साथ कलेक्टर से मिले। कलेक्टर ने जुगल के आवेदन पर आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। निर्वाचन उपरांत सोमवार को कोलेंग क्षेत्र के विकास कार्यों का निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जुगल किशोर से मिलकर उसको बालक आश्रम में कंप्यूटर शिक्षक के रूप में नियुक्ति देने की बात कही। जुगल ने सहमति दी तो कलेक्टर ने अपनी गाड़ी में बिठाकर आश्रम तक ले जाकर नियुक्ति हेतु आदेश जारी करने के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को निर्देशित किया। कलेक्टर ने आश्रम के विद्यार्थियों से नए कंप्यूटर शिक्षक का परिचय करवाया, इस अवसर पर जुगल ने छात्रों को गणित और अंग्रेजी भी पढ़ाने की बात कही।