{"_id":"66e1d5323e214f3fce07f77a","slug":"high-court-asked-phe-department-to-give-this-answer-in-matter-of-fluoride-tainted-water-in-gariaband-2024-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG: गरियाबंद में फ्लोराइड युक्त पानी का मामला, हाईकोर्ट ने पीएचई विभाग से शपथपत्र के साथ मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG: गरियाबंद में फ्लोराइड युक्त पानी का मामला, हाईकोर्ट ने पीएचई विभाग से शपथपत्र के साथ मांगा जवाब
Wed, 11 Sep 2024 11:07 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 11 Sep 2024 11:07 PM IST
सार
गरियाबंद में फ्लोराइड युक्त पानी के मामले में हाईकोर्ट ने पीएचई विभाग को शपथपत्र के साथ यह जवाब देने कहा है। कोर्ट ने कहा कि साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए क्या किया जा रहा है।
विज्ञापन
बिलासपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गरियाबंद में फ्लोराइड युक्त पानी के मामले में हाईकोर्ट ने पीएचई विभाग को शपथपत्र के साथ यह जवाब देने कहा है। कोर्ट ने कहा कि साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए क्या किया जा रहा है। कोर्ट ने गरियाबंद सहित पूरे प्रदेश में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की जरूरत बताई है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि गरियाबंद जिले के लगभग सभी गांवों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा होने के कारण बच्चे डेंटल फ्लोरोसिस का शिकार हो रहे हैं। हाईकोर्ट के नोटिस के बाद विभागीय सचिव ने अपने जवाब में कहा था कि क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों और कैंप के माध्यम से लगातार इलाज जारी है। पानी में आठ गुना नहीं बल्कि अधिकतम 3 गुना फ्लोराइड की बात सामने आई है।
विज्ञापन
कोर्ट ने फ्लोरोसिस से उक्त क्षेत्र के लोगों के बीमार होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साफ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना राज्य शासन की जिमेदारी है। कोर्ट ने पीएचई सचिव को शपथपत्र देकर यह बताने को कहा है कि इसके लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं। सुनवाई के दौरान यह जानकारी भी सामने आई कि जिले के 40 गांवों में 6 करोड़ की लागत से प्लांट तो लगाए गए लेकिन वह कुछ महीने में ही बंद हो गए। इस पर विभाग की ओर से बताया गया कि 40 फ्लोराइड रिमूवल प्लांट में से 24 सही तरीके से काम कर रहे हैं। बाकी को सुधारा जा रहा है।
विज्ञापन