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PMAY Scam CG: 72 अधूरे आवासों को पूर्ण बताकर 86 लाख रुपये गबन, दो रोजगार सहायक बर्खास्त, छह लोगों के खिलाफ FIR

Wed, 29 Jan 2025 11:48 AM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Wed, 29 Jan 2025 11:48 AM IST
सार

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटला का मामला सामने आया है। 72 अधूरे आवासों को पूर्ण बताकर 86 लाख रुपये का गबन किया गया है। मामले में दो रोजगार सहायक को बर्खास्त किया गया है।

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Embezzlement of Rs 86 lakh in PMAY, two employment assistance dismissed FIR against six people in Chhattisgarh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना में घोटला का मामला सामने आया है। 72 अधूरे आवासों को पूर्ण बताकर 86 लाख रुपये का गबन किया गया है। मामले में दो रोजगार सहायक को बर्खास्त किया गया है। वहीं अन्य रोजगार सहायक और ठेकेदार के खिलाफ थाना में एफआईआर दर्ज किया गया है। पूरा मामला कोरबा जिले का है। 
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प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि गबन करने के मामले में कोरबा जिले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की गई है, जिसमें तीन ठेकेदार, दो पूर्व रोजगार सहायक और एक पूर्व आवास मित्र शामिल है। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर हुई इस कार्यवाही के चलते पूर्व रोजगार सहायक प्रकाश चौहान और किरण महंत को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। 
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वहीं ठेकेदार मेघनाथ विश्वकर्मा, राजाराम चौहान ग्राम सिमकेंदा, लखनलाल बैगा ग्राम श्यांग, रोजगार सहायक ग्राम श्यांग प्रकाश चौहान और ग्राम सोल्वा के किरण महंत, पूर्व आवास मित्र चंद्रशेखर मँझवार, ग्राम करूमौहा के खिलाफ पुलिस थाना श्यांग कोरबा में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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जिला प्रशासन कोरबा को यह शिकायत मिली थी कि जनपद पंचायत कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत श्यांग, सिमकेदा, एवं सोल्वा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 72 हितग्राहियों के आवास आधे अधूरे हैं। आवास बने ही नहीं और 86 लाख रुपए निकाल लिए गए। शिकायत के संबंध में जिला स्तरीय जांच समिति गठित कर जांच कराई गई थी। 

जांच रिपोर्ट के अनुसार उक्त तीनों ग्रामों में स्वीकृत 72 आवासों के लिए ठेकेदार राजाराम, मेघनाथ विश्वकर्मा, लखनलाल बैगा और तत्कालीन रोजगार सहायक प्रकाश चौहान,किरण महंत, तत्कालीन आवास मित्र चंद्रशेखर मँझवार के द्वारा आवास की राशि निकाल ली गई है, जिसके कारण आवास निर्माण का कार्य अधूरा है। तत्कालीन विकासखंड समन्वयक लम्बोदर कौशिक, कलेश्वर चौहान तथा तकनीकी सहायक नरेंद्र साहू द्वारा भी बिना भौतिक सत्यापन के आवास पूर्ण होने का जिओ टैग कर पूर्ण भुगतान कराया गया। 


सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जा रही है। जनपद पंचायत सीईओ देवानंद श्रीवास के पत्र के अनुसार विकासखंड समन्वयक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण जनपद पंचायत कोरबा के द्वारा उक्त छह लोगों पर पुलिस थाना श्यांग कोरबा में शासकीय राशि के गबन की प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 
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