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छत्तीसगढ़: तीन नेताओं को मिला राज्यमंत्री का दर्जा, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश
Thu, 03 Sep 2026 05:35 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 03 Sep 2026 05:35 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन प्रमुख नेताओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने तीन प्रमुख नेताओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया। इस फैसले के तहत छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अजय शुक्ला और इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शरद अवस्थी को राज्यमंत्री की श्रेणी में शामिल किया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार तीन अलग-अलग निकायों में कार्यरत पदाधिकारियों को यह महत्वपूर्ण दर्जा प्रदान किया गया है। योग आयोग के प्रमुख के रूप में संजय अग्रवाल का मुख्य दायित्व प्रदेश भर में योग का प्रचार-प्रसार करना तथा स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
अजय शुक्ला को राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी के साथ राज्यमंत्री का दर्जा मिला है। यह बोर्ड विशेष रूप से वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों तथा औषधीय पौधों से जुड़ी गतिविधियों के संवर्धन के लिए कार्य करता है। तीसरे नेता शरद अवस्थी इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं। इंद्रावती बेसिन के समग्र विकास तथा उससे जुड़े कार्यों के संचालन में इस प्राधिकरण की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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शासन ने आदेश में इस दर्जे की सीमाओं को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है। आदेश में कहा गया है कि तीनों पदाधिकारियों को प्रदान किया गया राज्यमंत्री का दर्जा केवल शिष्टाचार और औपचारिक प्रोटोकॉल के पालन के लिए है। इस निर्णय के माध्यम से संबंधित नेताओं को राज्यमंत्री के रूप में किसी प्रकार की सांविधानिक या प्रशासनिक शक्तियां स्वतः हासिल नहीं होंगी।
इसके अतिरिक्त, राज्यमंत्री का दर्जा पाने वाले पदाधिकारियों को नियमानुसार मिलने वाली आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का दायित्व संबंधित प्रशासनिक विभाग या आयोग का होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि जारी सूची में नामों का क्रम किसी भी प्रकार से आपसी वरिष्ठता या प्रोटोकॉल स्थिति को नहीं दर्शाता है। यानी सूची में नाम जिस क्रम में लिखे गए हैं, उसे पदाधिकारियों का पारस्परिक वरिष्ठता क्रम नहीं माना जाएगा।
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छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार तीन अलग-अलग निकायों में कार्यरत पदाधिकारियों को यह महत्वपूर्ण दर्जा प्रदान किया गया है। योग आयोग के प्रमुख के रूप में संजय अग्रवाल का मुख्य दायित्व प्रदेश भर में योग का प्रचार-प्रसार करना तथा स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
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अजय शुक्ला को राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी के साथ राज्यमंत्री का दर्जा मिला है। यह बोर्ड विशेष रूप से वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों तथा औषधीय पौधों से जुड़ी गतिविधियों के संवर्धन के लिए कार्य करता है। तीसरे नेता शरद अवस्थी इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हैं। इंद्रावती बेसिन के समग्र विकास तथा उससे जुड़े कार्यों के संचालन में इस प्राधिकरण की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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शासन ने आदेश में इस दर्जे की सीमाओं को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है। आदेश में कहा गया है कि तीनों पदाधिकारियों को प्रदान किया गया राज्यमंत्री का दर्जा केवल शिष्टाचार और औपचारिक प्रोटोकॉल के पालन के लिए है। इस निर्णय के माध्यम से संबंधित नेताओं को राज्यमंत्री के रूप में किसी प्रकार की सांविधानिक या प्रशासनिक शक्तियां स्वतः हासिल नहीं होंगी।
इसके अतिरिक्त, राज्यमंत्री का दर्जा पाने वाले पदाधिकारियों को नियमानुसार मिलने वाली आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का दायित्व संबंधित प्रशासनिक विभाग या आयोग का होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि जारी सूची में नामों का क्रम किसी भी प्रकार से आपसी वरिष्ठता या प्रोटोकॉल स्थिति को नहीं दर्शाता है। यानी सूची में नाम जिस क्रम में लिखे गए हैं, उसे पदाधिकारियों का पारस्परिक वरिष्ठता क्रम नहीं माना जाएगा।