फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Jhiram Valley Joga knew neither arrows nor guns, so how could he be convicted? The family questions decision

झीरम घाटी: ना तीर ना बंदूक चलानी आती थी जोगा को, फिर कैसे दोषी? परिवार ने एनआईए कोर्ट के फैसले पर उठाये सवाल

Sat, 05 Sep 2026 08:50 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Sat, 05 Sep 2026 08:50 PM IST
सार

2013 के झीरम घाटी नक्सल हमले में एनआईए कोर्ट ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। इनमें से एक दोषी जोगा मरकाम के परिवार ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।

विज्ञापन
Jhiram Valley Joga knew neither arrows nor guns, so how could he be convicted? The family questions decision
परिवार ने एनआईए कोर्ट के फैसले पर उठाये सवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

2013 के झीरम घाटी नक्सल हमले में एनआईए कोर्ट ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। इनमें से एक दोषी जोगा मरकाम के परिवार ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। परिवार का दावा है कि जोगा को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है।
विज्ञापन

 

कोर्ट ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया है। सजा की अवधि पर बहस के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की गई है। जोगा मरकाम के भाई दुर्जन मरकाम ने निराशा व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को फैसला आने की बात कही गई थी। फिर 5 सितंबर की तारीख दी गई और अब 16 सितंबर को आने को कहा गया है।

विज्ञापन


दुर्जन ने कहा कि उनके भाई का झीरम घाटी घटना में कोई हाथ नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि जोगा को न तो तीर चलाना आता था और न ही बंदूक चलानी। दुर्जन ने लंबे मुकदमे के कारण परिवार पर पड़े आर्थिक और शारीरिक बोझ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर बार दूर से आने में बहुत पैसे खर्च होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

जोगा के जीजा संतोष कुमार पोडियामी ने बताया कि घटना के समय जोगा एक सामाजिक कार्यक्रम में था। वह पूर्व सरपंच जितेन मरकाम की शादी में शामिल हो रहे थे। संतोष ने दावा किया कि जोगा शादी के कार्यक्रमों में व्यस्त थे। उन्होंने अभियोजन पक्ष के दावों की व्यावहारिकता पर सवाल उठाए।

 

संतोष ने बताया कि घटना दोपहर करीब 3:00 बजे हुई थी। शादी की जगह से हमले वाली जगह लगभग 20 किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाका था। वहां से घटना स्थल तक पहुंचना बेहद मुश्किल था। उन्होंने कहा कि शादी के कार्यक्रमों के बाद वहां पहुंचना संभव नहीं था। संतोष के अनुसार, जब जोगा की कोई भूमिका नहीं थी, तो उन्हें सजा नहीं मिलनी चाहिए थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed