फैसला : पंजाब के चिड़ियाघरों में हाई अलर्ट, 31 मई तक रहेंगे बंद, इस वजह से सरकार ने उठाया कदम
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हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क में आठ एशियाई शेरों में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद वन विभाग ने पंजाब के सभी चिड़ियाघरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जंगलों के साथ ही चिड़ियाघरों में 31 मई तक विजिटर्स की एंट्री बंद कर दी गई है, ताकि जानवरों में संक्रमण फैलने से रोका जा सके। एहतियातन अब चिड़ियाघरों में हर जानवर पर वन कर्मियों द्वारा नजर रखी जाएगी। जानवरों के व्यवहार में बदलाव आते ही उनका सैंपल लिया जाएगा।
लोगों के बाद अब जानवरों में भी कोरोना संक्रमण मिलने लगा है। हैदराबाद की घटना से पंजाब वन विभाग भी हरकत में आ गया है। राज्य के महत्वपूर्ण जीरकपुर स्थित छतबीड़ जू सहित अन्य लुधियाना, पटियाला और बठिंडा के चिड़ियाघरों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
जानवरों को संरक्षित करने के लिए वन कर्मियों को गाइडलाइन जारी की गई हैं। इसके तहत जानवरों को सर्विलांस पर रखा गया है, साथ ही उनके व्यवहार पर भी गहनता से नजर रखी जा रही है। जानवरों को दिए जाने वाले खाने को भी वन कर्मी संक्रमण के भय से गर्म पानी से धोने के बाद ही दे रहे हैं।
वन कर्मियों की भी होगी टेस्टिंग
हैदराबाद में हुई घटना की जांच में यह बात सामने आई है कि शेरों में संक्रमण किसी कर्मचारी के जरिए ही पहुंचा है। इसलिए वन विभाग अब चिड़ियाघरों में तैनात सभी कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट कराएगा। जिन कर्मचारियों द्वारा टेस्ट करा लिया गया है उन्हें टीकाकरण के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है।
हैदराबाद की घटना के बाद चिड़ियाघरों और जंगलों को लोगों के लिए 31 मई तक बंद किया गया है। साथ ही वन कर्मियों को गाइडलाइन भी जारी की गई हैं। जिस पर सख्ती से अमल करने के लिए कहा गया है। - आरके मिश्रा, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन, पंजाब।