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जान बचाकर लौटे युवक ने बताई इराक की हैवानियत
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Thu, 03 Jul 2014 07:38 PM IST
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इराक से जान बचाकर पटियाला के सिऊना चौक का रहने वाला यादविंदर सिंह वापस लौट आया है। इराक के बसरा में आतंक के साए तले बिताए उन दिनों को याद करके यादविंदर सिंह सिहर उठता है।
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उसने बताया कि इराक के बसरा में क्लोक केटरिंग फैक्टरी में काम करता था। हिंसा के फैलते ही जब उन्होंने वापस जाने को कहा, तो उनसे बदूंक की नोक पर काम कराया जा रहा था। बड़ी मुश्किल से उसके समेत कुछ और नौजवान अपनी जान बचा कर वापस लौटे हैं।
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21 साल के यादविंदर सिंह ने बताया कि वह एक साल के वीजा पर करीब 11 महीने पहले बसरा गया था। जब इराक में हिंसा फैली, तो उसके समेत फैक्टरी में काम कर रहे और भारतीय नौजवानों ने वापस जाने को कहा। जिससे उनसे बंदूक की नोक पर जबरन काम कराया गया। उक्त नौजवान के पिता लखविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार अपने लड़के को संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जिससे वह काफी घबराए थे।
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यादविंदर ने बताया कि जिन पंजाबी नौजवानों के वीजा खत्म हो गए हैं, उन्हें जेलों में डाला जा रहा है। इस मौके पर पूर्व मंत्री हरमेल सिंह टोहड़ा ने कहा कि वह भारत सरकार से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द सभी नौजवानों को वापस लाया जाए।