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बागवानी कर घर पर महसूस कर सकते हैं पहाड़ों जैसी शांति

Fri, 09 Jul 2021 02:30 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 02:30 AM IST
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You can feel at home by doing gardening
बागवानी कर घर पर महसूस की जा सकती है पहाड़ों जैसी शांति
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पिछले पांच साल से बागवानी कर रहीं सेक्टर-38 निवासी नेहा अरोड़ा के घर में खिले रहे हैं डेढ़ सौ से ज्यादा पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। कई लोग मानसिक तनाव को कम करने के लिए पहाड़ी इलाकों में घूमने जाते हैं, क्योंकि हरियाली को देखकर काफी शांति महसूस होती है। बागवानी कर यही सुकून अपने घर पर महसूस किया जा सकता है। यह कहना है सेक्टर-38 निवासी नेहा अरोड़ा का। नेहा पिछले पांच साल से बागवानी कर रही हैं।
नेहा अरोड़ा ने बताया कि 2015 से पहले उनका घर बहुत छोटा था, जिसमें वह बागवानी नहीं कर पाई। पांच साल पहले नया घर बनने पर उन्होंने बागवानी की शुरुआत की। अब बागवानी उनकी जिंदगी बन चुकी है। लोग उनके लॉन को देखने आते हैं। उन्होंने बताया कि वह खुद को बहुत अकेला महसूस करती थी, जिसके बाद उनकी सहेली ने उन्हें पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। आज उनका बगीचा इतना अच्छा है कि उसमें बैठकर वह कविताएं लिखती हैं।
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उन्होंने बताया कि उनके घर में डेढ़ सौ से ज्यादा गमले हैं, जिनमें अरिका, गेंदी, पाम, फाइकस, चांदनी, कैक्टस, तुलसी और एलोवेरा जैसे पौधे लगे हुए हैं। वह रोजाना अपने गार्डन को दो घंटे देती हैं। गर्मी के चलते दोनों समय वह खुद पौधों को पानी देती हैं। उनका मानना है कि पौधे परिवार के सदस्यों की तरह होते हैं। जो उनकी देखभाल करता है वही उनकी तकलीफ समझ सकता है। उन्होंने बताया कि वह अंडे के छिलके पौधों की जड़ों में डाल देती हैं, जिससे उन्हें प्रोटीन मिलती है।
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बेटा-बेटी भी प्रेरित होकर कर रहे बागवानी
नेहा अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने अकेले बागवानी शुरू की थी। उनको देखकर बेटी संजना और बेटा कुनाल भी बागवानी में सहायता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भी बगीचे में बैठकर पढ़ना बहुत अच्छा लगता है।
लॉकडाउन के बाद लगाई सब्जियां
नेहा ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान सब्जियां महंगी मिलने से उन्हें विचार आया कि क्यों न घर में ही सब्जियां लगा ली जाएं। उन्होंने लॉन में ही सब्जियां लगा दीं। अब घिया, तोरी, हरी मिर्च, भिंडी, कड़ी पत्ता जैसी सब्जियां उनके घर पर ही लगी हुई है। उन्होंने बताया कि सब्जियां लगने के बाद उन्हें बहुत खुशी हुई।

बागवानी करते समय ध्यान रखिए यह बातें
1. समय पर पौधों में पानी और खाद डालें।
2. ध्यान रहे पौधों में पानी और खाद की मात्रा सीमित रहें।
3. कीड़ा लगने से बचाने के लिए समय पर पौधों में दवाई का छिड़काव करें।
4. परिवार के सदस्य समझकर ही पौधों की देखभाल करें।
बाहर जाने पर रहती है पौधों की चिंता
उन्होंने कहा कि सप्ताह में एक दिन ही माली आता है। जब उन्हें बाहर जाना होता है तो पौधों की चिंता उन्हें सताती रहती है। उनका कहना है कि पौधों के बिना उन्हें बहुत की अधूरा महसूूस होता है। बच्चों की तरह पौधों की देखरेख करती हूं। इसलिए उनके साथ भावनाएं जुड़ी हुई हैं।
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