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जाट आंदोलन: सरकार के बातचीत के न्योते को मलिक ने ठुकराया

Thu, 16 Feb 2017 09:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 16 Feb 2017 09:11 AM IST
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Yashpal Malik rejected the Government's invitation to talks
सरकार के बातचीत के न्योते को मलिक ने ठुकराया - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा सरकार की ओर से दिए गए दूसरे चरण की वार्ता के न्योते को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने ठुकरा दिया है। सरकार ने वीरवार को गुरुग्राम में बातचीत का न्योता जाट आंदोलनकारियों को दिया था। सरकार हर मुद्दे पर सकारात्मक बातचीत चाह रही है, लेकिन आंदोलनकारी मांगों पर अडिग हैं। 
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सूत्रों के अनुसार सरकार ने स्पष्ट किया था कि सीएम मनोहर लाल या कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ समिति से बातचीत करेंगे, लेकिन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने साफ कर दिया है कि वे सरकार से दूसरे दौर की वार्ता नहीं करेंगे।
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सरकार उनके साथ बातचीत को निर्णायक मोड़ पर ले जाने के पक्ष में ही नहीं है। वे अधिकारियों की समिति से बातचीत नहीं करेंगे। सीएम व अन्य नेताओं की बयानबाजी से लग रहा है कि पांच सदस्यीय कमेटी का कोई औचित्य ही नहीं है। इसलिए अब हम कोई वार्ता नहीं करेंगे।
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हांसी के एसडीएम सस्पेंड

Yashpal Malik rejected the Government's invitation to talks
Jat reservation - फोटो : अमर उजाला
जाट आंदोलन के बीच ऑडियो वायरल होने के विवाद में हांसी के एसडीएम प्रशांत अटकान पर गाज गिर गई है। हरियाणा सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर चंडीगढ़ मुख्य सचिव कार्यालय में अटैच कर दिया है। उन्हें चंडीगढ़ से बाहर जाने के लिए मुख्य सचिव की इजाजत लेनी होगी। 

प्रशांत के निलंबन का आधार डीएसपी हांसी नरेंद्र कादियान के साथ दुर्व्यवहार को बनाया गया है। फरवरी महीने के पहले सप्ताह एसडीएम और डीएसपी का ऑडियो वायरल होने का सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया था। इसके बाद एसडीएम प्रशांत पंद्रह दिन की छुट्टी भेज दिए गए थे, हालांकि सरकार का इसके पीछे तर्क यह है कि उन्होंने बीस फरवरी तक अवकाश मांगा था, जो उन्हें दे दिया गया।

विवाद के साथ ही सरकार ने जांच के आदेश दे दिए थे। बीते पांच फरवरी को एसडीएम के तीन ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए थे, जिनमें से दो मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े थे, जबकि एक में हांसी के डीएसपी के साथ बातचीत है। वायरल हुए ऑडियो में दोनों अधिकारियों में जाट आरक्षण आंदोलन की रिपोर्ट भेजने को लेकर कहासुनी है। 
 
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