संघर्ष समिति की मांग 31 मार्च तक पूरी करे सरकार, नहीं तो फिर आंदोलन शुरू होगा: यशपाल मलिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश सरकार को उनकी पांच मांग 31 मार्च तक हर हाल में पूरी करनी चाहिए। उन्होंने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं करने पर प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक कर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। साथ ही कहा कि केंद्र में भी आरक्षण हासिल करने के लिए जाट समाज के लोगों का संघर्ष जारी रहेगा और मार्च माह में देश भर में सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे।
वह फरवरी, 2016 में हुए आरक्षण आंदोलन में मारे गए जाट समाज के युवाओं की स्मृति में लाठ जौली में आयोजित सभा में बोल रहे थे। सभा में मृतक युवाओं को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने आगामी रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि आरक्षण आंदोलन के दौरान धरनों पर मारे गए जाट समाज के लोगों के परिजनों को राज्य सरकार नौकरी देने में आनाकानी कर रही है।
राज्य सरकार उस समय युवाओं पर दर्ज केस वापस लेने, प्रदेश में आरक्षण देने, एसबीसी उम्मीदवारों की नियुक्तियां, आर्थिक आधार पर आरक्षण में आयु व अन्य छूट केंद्र सरकार के तय मानकों के अनुसार देने की मांगों को समझौता होने के बावजूद पूरा नहीं कर रही है। यशपाल मलिक ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों को 31 मार्च तक पूरा नहीं करती है तब भाजपा के सभी विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में पंचायत की जाएगी और विधायकों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
साथ ही जजपा और निर्दलीय विधायकों के क्षेत्र में भी पंचायत होंगी। कहा कि 31 मार्च तक सामाजिक न्याय यात्रा भी जारी रहेगी, जिसमें विधायकों को भी मांगपत्र सौंपे जाएंगे। उन्होंने कहा कि मार्च में जिन 13 राज्यों में जाट समाज के लोग रहते हैं उनमें सभी सांसदों को ज्ञापन दिए जाएंगे और उनसे कहा जाएगा कि वह जाट समाज को केंद्र की ओबीसी श्रेणी में शामिल करने की सिफारिश के पत्र प्रधानमंत्री, सामाजिक न्याय मंत्री और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजें। सभा में विभिन्न प्रदेशों से लोग पहुंचे। इस मौके पर समिति के पदाधिकारी अशोक बल्हारा बीएस अहलावत, महेंद्र पूनिया, बलवान सिंह, जयभगवान डबास, रणबीर कोच, सुरेंद्र सिरसाढ़, रामभगत मलिक, ओमपाल देशमुख मौजूद रहे।
आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को किया गया याद
गन्नौर के गांव लड़सौली में ग्रामीणों ने आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों की याद में स्मृति दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान हवन यज्ञ कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। साथ ही पुष्पांजलि अर्पित की गई। ग्रामीण धर्मबीर मोर ने बताया कि वर्ष 2016 में आरक्षण आंदोलन के दौरान लड़सौली गांव के निकट जीटी रोड पर धरना दिया जा रहा था।
22 फरवरी को आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई है। साथ ही देश व प्रदेश में लोगों का आपसी प्यार प्रेम व भाईचारा बना रहे इसके लिए यज्ञ का आयोजन किया गया है। इस दौरान भमबल मोर, नान्हा मोर, पंकज, रविंद्र मोर, विक्की, जयभगवान पहलवान, शमशेर, सुशील मोर व सुमित मौजूद रहे।