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प्रकृति संरक्षण और अटूट श्रद्धा का संदेश देती है गिरिराज की पूजा : डॉ. रमनीक कृष्ण
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श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गिरिराज जी महाराज को अर्पित किया छप्पन भोग
संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। मिल्क कॉलोनी धनास स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में बुधवार को भागवत कथा के दौरान स्वामी डॉ. रमनीक कृष्ण महाराज ने गोवर्धन लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला में मानवता के लिए महत्वपूर्ण संदेश छिपा है।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कनिष्ठ अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। यह प्रसंग अहंकार त्यागने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और ईश्वर पर विश्वास रखने की प्रेरणा देता है। पर्वत, नदियां, वन, गौमाता और जीव-जंतु पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा और जरूरतमंदों की सहायता भी भक्ति के स्वरूप हैं।
कार्तिक मास में भजन-कीर्तन, दीपदान और सत्कर्म का महत्व बताते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को अच्छे कर्म करने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए। भजन-कीर्तन के बाद आरती हुई और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
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चंडीगढ़। मिल्क कॉलोनी धनास स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में बुधवार को भागवत कथा के दौरान स्वामी डॉ. रमनीक कृष्ण महाराज ने गोवर्धन लीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य ज्ञान है। भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला में मानवता के लिए महत्वपूर्ण संदेश छिपा है।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कनिष्ठ अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। यह प्रसंग अहंकार त्यागने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और ईश्वर पर विश्वास रखने की प्रेरणा देता है। पर्वत, नदियां, वन, गौमाता और जीव-जंतु पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा और जरूरतमंदों की सहायता भी भक्ति के स्वरूप हैं।
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कार्तिक मास में भजन-कीर्तन, दीपदान और सत्कर्म का महत्व बताते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को अच्छे कर्म करने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए। भजन-कीर्तन के बाद आरती हुई और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
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