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शाकाहार से बीमारियां रहें दूर, चेहरे पर आए नूर...मांसाहार हैं तो भी सावधान रहें जरूर
सीमा एस आनंद, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 01 Oct 2018 01:31 PM IST
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शाकाहारी बनाम मांसाहारी
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शाकाहारी रहें तो बहुत अच्छा, यदि आप मांसाहारी हैं तो सावधान रहें! मांसाहार से जहां क्रोध, डर जैसी बुराइयां बढ़ती हैं वहीं कई बड़ी बीमारियां भी शरीर को घेर लेती हैं। शाकाहारी लोग यदि प्रोटीन, कोलेस्ट्राल के बारे में जानकारी रखें तो ज्यादा स्वस्थ रह सकते हैं। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि मांसाहार से ज्यादा शाकाहारी मनुष्य स्वस्थ रहता है।
मांस खाने वाले में ट्रांसफर हो जाती है मृतक जानवर की बीमारी: डाइटीशियन
चंडीगढ़ सेक्टर 46 के ‘लिव लाइफ मोर’ की डाइटीशियन पल्लवी जस्सल का कहना है कि शाकाहारी भोजन ज्यादा बेहतर है। वे खुद भी शाकाहारी हैं। इसके पीछे एक कारण तो यह है कि आपको नहीं पता कि जिस जीव का मांस आप खा रहे हैं मरने से पहले उसने कुछ दूषित तो नहीं खाया, उसे कोई बीमारी तो नहीं थी।
यदि ऐसा है तो यकीनन उसका असर मांस खाने वाले के शरीर पर पड़ेगा। शाकाहार फाइबरयुक्त होने के कारण ज्यादा अच्छा होता है। हमारी रोजाना की कोलेस्ट्राल की जरूरत 200 मिग्रा होती है जबकि केवल एक अंडे में 186 मिग्रा कोलेस्ट्राल होता है। मांसाहार पचने में बहुत समय लेता है, जबकि शरीर के लिए जल्दी पचने वाला भोजन ही अच्छा माना गया है।
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मांस खाने वाले में ट्रांसफर हो जाती है मृतक जानवर की बीमारी: डाइटीशियन
चंडीगढ़ सेक्टर 46 के ‘लिव लाइफ मोर’ की डाइटीशियन पल्लवी जस्सल का कहना है कि शाकाहारी भोजन ज्यादा बेहतर है। वे खुद भी शाकाहारी हैं। इसके पीछे एक कारण तो यह है कि आपको नहीं पता कि जिस जीव का मांस आप खा रहे हैं मरने से पहले उसने कुछ दूषित तो नहीं खाया, उसे कोई बीमारी तो नहीं थी।
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यदि ऐसा है तो यकीनन उसका असर मांस खाने वाले के शरीर पर पड़ेगा। शाकाहार फाइबरयुक्त होने के कारण ज्यादा अच्छा होता है। हमारी रोजाना की कोलेस्ट्राल की जरूरत 200 मिग्रा होती है जबकि केवल एक अंडे में 186 मिग्रा कोलेस्ट्राल होता है। मांसाहार पचने में बहुत समय लेता है, जबकि शरीर के लिए जल्दी पचने वाला भोजन ही अच्छा माना गया है।
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गांधी जी ने इंग्लैंड में बनाया था शाकाहारी ग्रुप
vegetarian
गांधी स्मारक भवन केडायरेक्टर डॉ. देवराज त्यागी ने बताया कि शाकाहारी भोजन जल्दी पचता है, और बीमारियों से दूर रखता है। शरीर का सिस्टम भी दुरुस्त रखता है। उन्होंने महात्मा गांधी का एक किस्सा बताया कि जब वे मैट्रिक के बाद जनवरी 1888 को लॉ की पढ़ाई करने इंग्लैंड गए थे, उनके दोस्तों ने उसे मांस खाने के लिए मजबूर करने की कोशिश की, लेकिन वे शाकाहार आहार के लिए अडिग रहे। उन्हें शाकाहारी भोजन ढूंढ़ने में बड़ी दिक्कत होती थी। उन्होंने वहां शाकाहारी लोगों का ग्रुप बनाया था। साथ ही शाकाहार भोजन का प्रचार किया था।
दीर्घ आयु होता है शाकाहारी व्यक्ति : डायरेक्टर फोर्टिस
फोर्टिस, मोहाली के डायरेक्टर डॉ. एच के बाली के अनुसार भारतीय तो नेचुरली शाकाहारी हैं। अब तो वेस्ट के लोग भी शाकाहार को अपना रहे हैं। शाकाहारी व्यक्तियों को क्रोनिक डिजीज, पेट के कैंसर जैसी बीमारियां मांसाहारी की तुलना में कम होती हैं। शाकाहार अपनाना इसलिए भी अच्छा है क्योंकि यह बैलेंस डाइट है, इससे दिल की बीमारियों पर कंट्रोल रहता है, मोटापा कम करने में सहायक है, शाकाहारी व्यक्ति दीर्घ आयु होता है।
शाकाहारी भोजन खाने वाले केवल इस बात का ध्यान रखें कि सब्जियों में पेस्टीसाइड और हार्मोन बढ़ाने वाले तत्वों का इस्तेमाल न हो। ब्रोकली, अखरोट, सोयाबीन, उबले चने, पनीर और अंकुरित भोजन खाने से शरीर में प्रोटीन, कैल्शियम की कमी नहीं आएगी। पिरुलीना के सेवन से विटामिन, न्यूट्रीशन और प्रोटीन की कमी दूर हो जाएगी।
दीर्घ आयु होता है शाकाहारी व्यक्ति : डायरेक्टर फोर्टिस
फोर्टिस, मोहाली के डायरेक्टर डॉ. एच के बाली के अनुसार भारतीय तो नेचुरली शाकाहारी हैं। अब तो वेस्ट के लोग भी शाकाहार को अपना रहे हैं। शाकाहारी व्यक्तियों को क्रोनिक डिजीज, पेट के कैंसर जैसी बीमारियां मांसाहारी की तुलना में कम होती हैं। शाकाहार अपनाना इसलिए भी अच्छा है क्योंकि यह बैलेंस डाइट है, इससे दिल की बीमारियों पर कंट्रोल रहता है, मोटापा कम करने में सहायक है, शाकाहारी व्यक्ति दीर्घ आयु होता है।
शाकाहारी भोजन खाने वाले केवल इस बात का ध्यान रखें कि सब्जियों में पेस्टीसाइड और हार्मोन बढ़ाने वाले तत्वों का इस्तेमाल न हो। ब्रोकली, अखरोट, सोयाबीन, उबले चने, पनीर और अंकुरित भोजन खाने से शरीर में प्रोटीन, कैल्शियम की कमी नहीं आएगी। पिरुलीना के सेवन से विटामिन, न्यूट्रीशन और प्रोटीन की कमी दूर हो जाएगी।
विभिन्न शोध में शाकाहार ज्यादा सुरक्षित
गैर शाकाहारी हो जाएं सावधान
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्लूएचओ) के एक शोध प्रभाग, कैंसर पर अनुसंधान के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसी (आईएआरसी) ने हाल ही में घोषणा की है कि मांस के सेवन का कैंसर से सीधा संबंध है। दुनिया भर के 10 अलग-अलग देशों के 22 विशेषज्ञों की एक टीम ने दुनिया भर में मांस उपभोग के 800 से अधिक अध्ययनों के साथ-साथ पिछले वैज्ञानिक अनुसंधान का विश्लेषण किया और निष्कर्ष निकाला कि मांसाहार कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है।
आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार नियमित मांस खाने वालों की तुलना में कम मांस खाने वाले या शाकाहारी व्यक्तियों में अग्नाशय कैंसर, श्वसन रोग और अन्य सभी कारणों से मृत्यु दर 30-45 फीसदी कम थी। सन् 1977 में उत्तरी अमेरिकी शाकाहारी सोसाइटी (एनएवीएस) द्वारा विश्व शाकाहारी दिवस मनाया जाने लगा।
भारत ही नहीं विदेशी भी शाकाहार अपना रहे
जापान के ओकिनावा में दुनिया में सबसे लंबे जीवनकाल वाले लोग रहते हैं। वे अपने आहार में मांसाहारी भोजन तो नाममात्र ही लेते हैं। शाकाहार संसाधन समूह द्वारा संचालित एक हैरिस इंटरएक्टिव पोल के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग छह से आठ मिलियन वयस्क मांस, मछली या पोल्ट्री नहीं खाते। हाल ही में ग्रेट ब्रिटेन की एक ताजा स्टडी में यह बात सामने आई है कि बच्चे की दिमागी स्थिति जितनी बेहतर होगी उतना उसके शाकाहारी बनने का चांस ज्यादा होगा। शाकाहारी डाइट से दिल की बीमारियां, कैंसर और टाइप टू डायबिटीज भी कम होती हैं।
कौन सी शख्सियत शाकाहारी
शुद्ध शाकाहारी शख्सियतों में मोहनदास गांधी, जेन गुडल, श्री चिनमोय, जॉर्ज बर्नार्ड शॉ, जॉन हार्वे केलॉग, बेंजामिन फ्रैंकलिन, सर आइजैक न्यूटन, मार्क ट्वेन और हेनरी फोर्ड शामिल हैं। देश के दो तिहाई शाकाहारी भारत में रहते हैं।
आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार नियमित मांस खाने वालों की तुलना में कम मांस खाने वाले या शाकाहारी व्यक्तियों में अग्नाशय कैंसर, श्वसन रोग और अन्य सभी कारणों से मृत्यु दर 30-45 फीसदी कम थी। सन् 1977 में उत्तरी अमेरिकी शाकाहारी सोसाइटी (एनएवीएस) द्वारा विश्व शाकाहारी दिवस मनाया जाने लगा।
भारत ही नहीं विदेशी भी शाकाहार अपना रहे
जापान के ओकिनावा में दुनिया में सबसे लंबे जीवनकाल वाले लोग रहते हैं। वे अपने आहार में मांसाहारी भोजन तो नाममात्र ही लेते हैं। शाकाहार संसाधन समूह द्वारा संचालित एक हैरिस इंटरएक्टिव पोल के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग छह से आठ मिलियन वयस्क मांस, मछली या पोल्ट्री नहीं खाते। हाल ही में ग्रेट ब्रिटेन की एक ताजा स्टडी में यह बात सामने आई है कि बच्चे की दिमागी स्थिति जितनी बेहतर होगी उतना उसके शाकाहारी बनने का चांस ज्यादा होगा। शाकाहारी डाइट से दिल की बीमारियां, कैंसर और टाइप टू डायबिटीज भी कम होती हैं।
कौन सी शख्सियत शाकाहारी
शुद्ध शाकाहारी शख्सियतों में मोहनदास गांधी, जेन गुडल, श्री चिनमोय, जॉर्ज बर्नार्ड शॉ, जॉन हार्वे केलॉग, बेंजामिन फ्रैंकलिन, सर आइजैक न्यूटन, मार्क ट्वेन और हेनरी फोर्ड शामिल हैं। देश के दो तिहाई शाकाहारी भारत में रहते हैं।