हरियाणा: विश्व की नंबर एक महिला पहलवान विनेश फौगाट का मुकाबला आज, रियो ओलंपिक का घाव टोक्यो में भरने का मौका
विनेश को बचपन से गीता और बबीता फौगाट के साथ ताऊ एवं द्रोणाचार्य अवार्डी महाबीर फौगाट ने कुश्ती के गुर सिखाए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के साथ देशवासियों को विनेश से पदक की उम्मीद है और वह इस पर जरूर खरा उतरेगी। गुरुवार को होने वाले मुकाबले में विनेश पूरी ताकत झोकेगी। वहीं, मां प्रेमलता का कहना है कि पिछले ओलंपिक में पदक न जीतने की कमी को इस बार बेटी जरूर पूरा करेगी।
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विश्व की नंबर वन महिला पहलवान विनेश फौगाट टोक्यो ओलंपिक में गुरुवार को अपना पहला मुकाबला खेलेंगी। उनका मुकाबला स्वीडन की महिला पहलवान सोफिया मैटसन से होगा। 53 किलोग्राम भारवर्ग में विनेश फौगाट इस बार देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और रियो ओलंपिक में मिले दर्द पर मरहम लगाने का उनके पास अच्छा मौका है।
महज पांच वर्ष की उम्र में द्रोणाचार्य अवार्डी एवं ताऊ महाबीर फौगाट के अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेच सीखने वालीं विनेश फौगाट ने मेट पर ऐसी धाक छोड़ी है कि आज हर कोई उनके खेल का मुरीद है। विनेश फौगाट राष्ट्रमंडल के अलावा एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्हें सरकार अर्जुन अवार्ड और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाज चुकी है।
2016 के रियो ओलंपिक की शुरुआत तो विनेश ने अपने ही अंदाज में की थी लेकिन दुर्भाग्य से बाउट के दौरान उनके घुटने में चोट लग गई और उन्हें मैच से बाहर होना पड़ा था। रियो ओलंपिक की मायूसी को खुशी मे बदलने का विनेश के पास अच्छा अवसर है। सुबह करीब आठ बजे विनेश की बाउट शुरू होगी।
चिकित्सकों ने दी थी कुश्ती छोड़ने की सलाह
रियो ओलंपिक में लगी चोट के बाद तो चिकित्सकों ने विनेश को कुश्ती छोड़ने की सलाह तक दे दी थी। चिकित्सकों का कहना था कि अगर मेट पर वापसी की तो पैर भी खराब हो सकता है। इसके बावजूद विनेश ने हार नहीं मानी और करीब दस माह की कड़ी मेहनत के बाद दोबारा से मैट पर न केवल वापसी की, बल्कि अपनी ख्याति अनुरूप राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक भी जीते।
इन उपलब्धियों के कारण विनेश से है पदक की उम्मीद
- वर्ष 2013 में एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- वर्ष 2013 में कामनवेल्थ कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक
- वर्ष 2014 में राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2014 में एशियाई खेलों में कांस्य पदक
- वर्ष 2015 में एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक
- वर्ष 2016 में रियो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में पहुंची लेकिन घुटने में चोट लगने से बाहर हुईं
- वर्ष 2016 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया
- वर्ष 2018 में राष्ट्रमंडल खेल में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2018 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2019 में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक
- वर्ष 2019 में पोलैंड ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2020 में रोम में रैंकिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2020 में राजीव गांधी खेल रत्न से नवाजा गया
- वर्ष 2021 में यूक्रेनियन रेसलर्स एंड कोचेज मेमोरियल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक
- वर्ष 2021 में पोलैंड ओपन कुश्ती टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक