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विश्व मधुमेह दिवस: ओरल सेमैगलूटाइड दवा बनी शुगर के मरीजों के लिए नई उम्मीद, वजन घटा; हड्डियां हुईं मजबूत
Fri, 14 Nov 2025 09:48 AM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 14 Nov 2025 09:48 AM IST
सार
शोध डॉ. संजय कुमार भडाड़ा, डॉ. दुरैराज अरजुनन (एंडोक्रिनोलॉजी विभाग) और डॉ. अजय दुसेजा (हेपेटोलॉजी विभाग) के नेतृत्व में किया गया। इसमें 36 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया जिन्हें टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबॉलिक लिवर डिजीज थी। मरीजों को 12 सप्ताह तक सेमैगलूटाइड की नियंत्रित खुराक (3 से बढ़ाकर 14 मिलीग्राम तक) दी गई।
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डायबिटीज
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई के एंडोक्रेनोलॉजी विभाग के शोध ने टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए नई राह खोल दी है। शोध में पाया गया कि ओरल सेमैगलूटाइड दवा न केवल ब्लड शुगर कंट्रोल करती है बल्कि हड्डियों की मजबूती और घनत्व भी बढ़ाती है। अब तक यह माना जाता था कि वजन घटने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं लेकिन इस शोध ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है।
शोध में पाया गया कि पुरुष मरीजों में कुल और ट्रैबेक्युलर बोन डेंसिटी में अधिक सुधार हुआ जबकि महिलाओं में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल कैल्सिफाइड टिशू इंटरनेशनल में प्रकाशित हुआ है।
यह शोध डॉ. संजय कुमार भडाड़ा, डॉ. दुरैराज अरजुनन (एंडोक्रिनोलॉजी विभाग) और डॉ. अजय दुसेजा (हेपेटोलॉजी विभाग) के नेतृत्व में किया गया। इसमें 36 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया जिन्हें टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबॉलिक लिवर डिजीज थी। मरीजों को 12 सप्ताह तक सेमैगलूटाइड की नियंत्रित खुराक (3 से बढ़ाकर 14 मिलीग्राम तक) दी गई।
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शोध में पाया गया कि पुरुष मरीजों में कुल और ट्रैबेक्युलर बोन डेंसिटी में अधिक सुधार हुआ जबकि महिलाओं में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए। यह शोध प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल कैल्सिफाइड टिशू इंटरनेशनल में प्रकाशित हुआ है।
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यह शोध डॉ. संजय कुमार भडाड़ा, डॉ. दुरैराज अरजुनन (एंडोक्रिनोलॉजी विभाग) और डॉ. अजय दुसेजा (हेपेटोलॉजी विभाग) के नेतृत्व में किया गया। इसमें 36 ऐसे मरीजों को शामिल किया गया जिन्हें टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबॉलिक लिवर डिजीज थी। मरीजों को 12 सप्ताह तक सेमैगलूटाइड की नियंत्रित खुराक (3 से बढ़ाकर 14 मिलीग्राम तक) दी गई।
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