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वर्कशॉप में खुलासा: एक डोनर बचा सकता है 15 जिंदगियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sat, 19 Mar 2016 08:22 PM IST
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पीजीआई रीजनल आर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट आर्गनाइजेशन (रोटो) की ओर से पहली वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान और चंडीगढ़ के डेलीगेशन शामिल हुए। कार्यक्रम का मकसद आर्गन की कमी को दूर करना और डोनेशन रेट को बढ़ाना है।
वर्कशॉप का उद्घाटन पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. योगेश कुमार चावला ने किया। इस मौके पर उन्होंने रोटो की वेबसाइट का उद्घाटन किया गया। रोटो के लोगो से परदा उठाया गया। इस दौरान आए विशेषज्ञों ने बताया कि एक डोनर 15 जिंदगियां को बचा सकता है।
इस मौके पर डायरेक्टर जनरल आफ हेल्थ सर्विसेस के एडिशनल डीडीजी डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि हर आर्गन डोनेशन में ट्रांसप्लांट को-आर्डिनेटर की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए सेंटरों को इस बारे में सोचना होगा। कार्यक्रम में सभी हास्पिटल को आर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम के बारे में शिक्षित किया गया और नोटो व रोटो से रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कहा गया, ताकि ऑनलाइन डाटा शेयर किया जा सके। कार्यक्रम में डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट विपिन कौशल, डॉ. मुकुट मिंज, डॉ. अरुणांशु बेहरा, डॉ. मनीष राठी, डॉ. आरके धीमन व अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।
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वर्कशॉप का उद्घाटन पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. योगेश कुमार चावला ने किया। इस मौके पर उन्होंने रोटो की वेबसाइट का उद्घाटन किया गया। रोटो के लोगो से परदा उठाया गया। इस दौरान आए विशेषज्ञों ने बताया कि एक डोनर 15 जिंदगियां को बचा सकता है।
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इस मौके पर डायरेक्टर जनरल आफ हेल्थ सर्विसेस के एडिशनल डीडीजी डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि हर आर्गन डोनेशन में ट्रांसप्लांट को-आर्डिनेटर की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए सेंटरों को इस बारे में सोचना होगा। कार्यक्रम में सभी हास्पिटल को आर्गन ट्रांसप्लांट प्रोग्राम के बारे में शिक्षित किया गया और नोटो व रोटो से रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए कहा गया, ताकि ऑनलाइन डाटा शेयर किया जा सके। कार्यक्रम में डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट विपिन कौशल, डॉ. मुकुट मिंज, डॉ. अरुणांशु बेहरा, डॉ. मनीष राठी, डॉ. आरके धीमन व अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।
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