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हफ्ते में दो दिन ही करते हैं काम
अमर उजाला/ ब्यूरो, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 23 Aug 2014 12:27 AM IST
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पिहोवा उपमंडल के गांव लोहार माजरा में धीमी गति से चल रहे सड़क निर्माण से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि पिहोवा रोड को कैथल रोड से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को बनाने की कवायद दोबारा शुरू की गई थी। सड़क को ऊपर उठाने के लिए विभाग की ओर से पत्थर व मिट्टी डालने का काम शुरू किया गया था।
सड़क बनाने के काम की धीमी गति के चलते हजारों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि यहां पर महिला कॉलेज व स्कूल होने के कारण यहां से रोजाना हजारों की संख्या में स्कूली छात्रों को गुजरना पड़ता है।
सड़क पर पड़े पत्थरों के चलते अब तो छात्र-छात्राओं को अपने साइकिल या दोपहिया वाहन को छोड़कर पैदल ही स्कूल तक का सफर तय करना पड़ता है।
ग्रामीण जोगिंद्र, शमशेर, राकेश व मनोज का कहना है कि इस सड़क को उखाड़ कर प्रशासन ने उनकी दिक्कतों को और भी अधिक बढ़ा दिया है।
यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों से लगातार धूल उड़ने से उनका सांस लेना भी दूभर हो गया है। सड़क पर सप्ताह में केवल एक या दो दिन ही काम चलता है, ऐसे में ग्रामीणों को डर है कि कहीं यहां से उड़ने वाली धूल उनको बीमारियां परोसने का काम न कर दें।
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गौरतलब है कि पिहोवा रोड को कैथल रोड से जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को बनाने की कवायद दोबारा शुरू की गई थी। सड़क को ऊपर उठाने के लिए विभाग की ओर से पत्थर व मिट्टी डालने का काम शुरू किया गया था।
सड़क बनाने के काम की धीमी गति के चलते हजारों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि यहां पर महिला कॉलेज व स्कूल होने के कारण यहां से रोजाना हजारों की संख्या में स्कूली छात्रों को गुजरना पड़ता है।
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सड़क पर पड़े पत्थरों के चलते अब तो छात्र-छात्राओं को अपने साइकिल या दोपहिया वाहन को छोड़कर पैदल ही स्कूल तक का सफर तय करना पड़ता है।
ग्रामीण जोगिंद्र, शमशेर, राकेश व मनोज का कहना है कि इस सड़क को उखाड़ कर प्रशासन ने उनकी दिक्कतों को और भी अधिक बढ़ा दिया है।
यहां से गुजरने वाले भारी वाहनों से लगातार धूल उड़ने से उनका सांस लेना भी दूभर हो गया है। सड़क पर सप्ताह में केवल एक या दो दिन ही काम चलता है, ऐसे में ग्रामीणों को डर है कि कहीं यहां से उड़ने वाली धूल उनको बीमारियां परोसने का काम न कर दें।
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