फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Work crisis still in front of workers in Chandigarh after six months of Lockdown

मजदूरों की हालत खराब, मुश्किल खाने तक का इंतजाम, पढ़ें- लॉकडाउन की ये कहानियां

Sun, 27 Sep 2020 04:56 PM IST
ajay kumar नीरज कुमार, चंडीगढ़
नीरज कुमार, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 27 Sep 2020 04:56 PM IST
विज्ञापन
Work crisis still in front of workers in Chandigarh after six months of Lockdown
सेक्टर- 20 लेबर चौक पर काम मिलने की आस में बैठे मजदूर। - फोटो : अमर उजाला

कोरोना की सबसे ज्यादा मार दिहाड़ीदार मजदूरों पर पड़ी है। निर्माण कार्य बंद होने से काम नहीं मिल रहा है। महीने भर में आठ से 10 दिन काम मिल पा रहा है। मजदूर सुबह आठ बजे लेबर चौक पर पहुंच जाते हैं। सुबह 11 बजे तक काम नहीं मिला तो घर लौटना पड़ता है। 

विज्ञापन


सेक्टर-20 लेबर चौक पर खड़े बिहार के दयानंद शर्मा ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़े बेटे ने बारहवीं फर्स्ट डिवीजन में पास किया। पैसा न होने की वजह से उसे आगे पढ़ा नहीं सकता, इसलिए काम के लिए गांव से बुला लिया लेकिन अब काम नहीं है। सात दिन से लेबर चौक से बिना काम के वापस जाते हैं।
विज्ञापन


बिहार के ही लखीसराय के रहने वाले माधो यादव कहते हैं कि लेबर चौक पर 150 लोगों में से सिर्फ 20 से 25 लोगों को ही काम मिलता है। लॉकडाउन से पहले ऐसा नहीं था। राज मिस्त्री दुखी प्रसाद कहते हैं कि इस महीने अब तक सिर्फ तीन दिन काम मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंद्रजीत यादव ने बताया कि 15 दिन से काम की तलाश में आ रहे हैं लेकिन काम नहीं मिलने से लौट जाते हैं। सेक्टर-44 के लेबर चौक पर खड़े शंभू, चंदू, राम भरोसे, राम कृपाल, राधे श्याम और ओम प्रकाश सहित अन्य मजदूरों का कहना है कि लॉकडाउन से पहले 90 प्रतिशत लोगों को काम मिल जाता था। अब 10 प्रतिशत मजदूरों को ही काम मिलता है। 


कई बार तो 200 से 300 रुपये में काम करना पड़ता है। गजेंद्र ने बताया कि उन्हें अपने घर से आए डेढ़ महीने हो चुके हैं लेकिन काम नहीं मिल रहा। हालत इतनी खराब है कि घर के लिए आवश्यक चीजें भी नहीं खरीद पा रहे। घर के किराये, खाने के इंतजाम के साथ कुछ पैसे बचाकर घर भेजना बहुत मुश्किल हो गया है। घर से फोन आता है कि पैसे नहीं भेजोगे तो खाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसा सुनकर मन बहुत दुखी होता है, लेकिन क्या करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed