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ट्राईसिटी की 5 महिलाओं को समाजसेवा के लिए विशेष सम्मान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 05 Mar 2016 10:45 AM IST
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अवार्ड, तालियां
- फोटो : फाइल फोटो
समाज में महिलाओं के सशक्तीकरण में विशेष योगदान देने के लिए ट्राइसिटी की पांच महिलाओं को सम्मानित किया गया। शुक्रवार को महिलाओं को एसआरएल डायगोस्टिक्स लिमिटेड द्वारा चंडीगढ़ प्रैस क्लब में एक कार्यक्रम के दौरान सम्मानित किया गया।
सम्मानित होने वाली महिलायों में चंडीगढ़ की पूजा ठाकुर, रजनी तलवार और सहार घराचोरलू, पंचकूला की रेणु माथुर और मोहाली की राजिंदर रोजी हैं। पंचकुला की रेणु माथुर एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
उन्होंने एक हेल्पलाइन शुरू की है जिस पर वो सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कॉल सुनती है और मदद करती है। वे दहेज उत्पीड़न, एसिड अटैक, यौन शोषण पीड़ित महिलाओं को हर संभव मदद मुहैया करवाती हैं।
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मोहाली की राजिंदर रोजी की 20 साल की उम्र में ही शादी हो गई थी। वे 11वीं पास हैं, लेकिन पढ़ने लिखने का जज्बा कम नहीं हुआ। उन्होंने मेहनत से हिंदी, अंग्रेजी, उर्द्, पंजाबी और संस्कृत सीखी। वे 500 से अधिक कविताएं लिख चुकी हैं। कई किताबों का अलग अलग भाषाओं में अनुवाद कर चुकी है।
राजिंदर रोजी को साहित्य के क्षेत्र में काम करने केलिए पुरस्कृत किया गया। चंडीगढ़ की सहार घराचोरलू को एसिड अटैक पीड़ितों, गरीब लड़कियों की शादी, सुविधाओं से वंचित बच्चों की मदद करने के लिए सम्मानित किया गया।
इसी तरह एचआईवी पीड़ित पूजा ठाकुर एड्स के प्रति महिलाओं को जागरूक और उनकी मदद कर रही हैं और स्व रोजगार के तहत मिलकर काम कर जीवन यापन कर रही हैं। शहर की रजनी तलवार अपना एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं और गरीब लड़कियों को प्रशिक्षण दे कर उनकों अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करती हैं। साथ ही यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को लड़ाई लड़ने में मदद करती है। 11 गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी भी करवा चुकी हैं।
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सम्मानित होने वाली महिलायों में चंडीगढ़ की पूजा ठाकुर, रजनी तलवार और सहार घराचोरलू, पंचकूला की रेणु माथुर और मोहाली की राजिंदर रोजी हैं। पंचकुला की रेणु माथुर एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
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उन्होंने एक हेल्पलाइन शुरू की है जिस पर वो सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कॉल सुनती है और मदद करती है। वे दहेज उत्पीड़न, एसिड अटैक, यौन शोषण पीड़ित महिलाओं को हर संभव मदद मुहैया करवाती हैं।
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मोहाली की राजिंदर रोजी की 20 साल की उम्र में ही शादी हो गई थी। वे 11वीं पास हैं, लेकिन पढ़ने लिखने का जज्बा कम नहीं हुआ। उन्होंने मेहनत से हिंदी, अंग्रेजी, उर्द्, पंजाबी और संस्कृत सीखी। वे 500 से अधिक कविताएं लिख चुकी हैं। कई किताबों का अलग अलग भाषाओं में अनुवाद कर चुकी है।
राजिंदर रोजी को साहित्य के क्षेत्र में काम करने केलिए पुरस्कृत किया गया। चंडीगढ़ की सहार घराचोरलू को एसिड अटैक पीड़ितों, गरीब लड़कियों की शादी, सुविधाओं से वंचित बच्चों की मदद करने के लिए सम्मानित किया गया।
इसी तरह एचआईवी पीड़ित पूजा ठाकुर एड्स के प्रति महिलाओं को जागरूक और उनकी मदद कर रही हैं और स्व रोजगार के तहत मिलकर काम कर जीवन यापन कर रही हैं। शहर की रजनी तलवार अपना एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं और गरीब लड़कियों को प्रशिक्षण दे कर उनकों अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करती हैं। साथ ही यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को लड़ाई लड़ने में मदद करती है। 11 गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी भी करवा चुकी हैं।