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जब प्रशासन ने नहीं सुनीं तो गांव की महिलाओं ने लिया एक्शन, सड़क पर बही शराब की नदी
अमित रूखाया/अमर उजाला, फतेहाबाद(हरियाणा)
Updated Sat, 06 May 2017 05:38 PM IST
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सड़क पर टूटी शराब और बीयर की हजारों बोतलें
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मामला हरियाणा के फतेहाबाद का है, जहां गांव ढाणी सांचला के मेन बस अड्डे पर शराब के ठेके के खिलाफ कई दिनों से चला आ रहा महिलाओं का गुस्सा आखिरकार शनिवार सुबह फूट ही गया।
गुस्साई महिलाओं ने ना केवल शराब के ठेके में तोडफ़ोड़ की बल्कि ठेके के अंदर रखी सैंकड़ों की संख्या में शराब और बीयर की बोतलों को सड़क पर लाकर तोड़ दिया। ढाणी सांचला की ग्रामीण महिलाएं पिछले काफी दिनों से से गांव में शराब का ठेका खोलने का विरोध कर रही थी। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को ये ठेका हटवाने की मांग की थी लेकिन कोई सुनवाई ना होने से गुस्साई ग्रामीण महिलाओं ने खुद ही इस ठेके के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह ग्रामीण महिलाओं ने शराब ठेकेदार को यहां से ठेका हटवाने को कहा लेकिन उसने ये जवाब दिया कि उसने नियमों के अनुसार ही शराब का ठेके के लिए सबसे ऊंची बोली दी थी। ऐसे में अगर वो शराब का ठेका छोड़ता है तो उसे काफी नुक्सान होगा। लेकिन ग्रामीण महिलाओं ने उसकी एक नहीं सुनी। बार-बार कहने के बावजूद जब उसने शराब का ठेका बंद करने की बात नहीं मानी तो गुस्साई महिलाओं ने उसी समय ठेके में तोडफ़ोड़ शुरु कर दी और अंदर रखी सारी बोतलें और पेटियां बाहर सड़क पर लाकर रख दी और लाठियों से सारी बोतलें तोड़ दी।
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गुस्साई महिलाओं ने ना केवल शराब के ठेके में तोडफ़ोड़ की बल्कि ठेके के अंदर रखी सैंकड़ों की संख्या में शराब और बीयर की बोतलों को सड़क पर लाकर तोड़ दिया। ढाणी सांचला की ग्रामीण महिलाएं पिछले काफी दिनों से से गांव में शराब का ठेका खोलने का विरोध कर रही थी। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को ये ठेका हटवाने की मांग की थी लेकिन कोई सुनवाई ना होने से गुस्साई ग्रामीण महिलाओं ने खुद ही इस ठेके के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह ग्रामीण महिलाओं ने शराब ठेकेदार को यहां से ठेका हटवाने को कहा लेकिन उसने ये जवाब दिया कि उसने नियमों के अनुसार ही शराब का ठेके के लिए सबसे ऊंची बोली दी थी। ऐसे में अगर वो शराब का ठेका छोड़ता है तो उसे काफी नुक्सान होगा। लेकिन ग्रामीण महिलाओं ने उसकी एक नहीं सुनी। बार-बार कहने के बावजूद जब उसने शराब का ठेका बंद करने की बात नहीं मानी तो गुस्साई महिलाओं ने उसी समय ठेके में तोडफ़ोड़ शुरु कर दी और अंदर रखी सारी बोतलें और पेटियां बाहर सड़क पर लाकर रख दी और लाठियों से सारी बोतलें तोड़ दी।
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'बच्चे यहां आकर पीते थे शराब'
सड़क पर टूटी शराब और बीयर की हजारों बोतलें
इस बीच कुछ महिलाओं ने शराब की बोतलों को गांव के जोहड़ में भी फैंक दिया। महिलाओं का आरोप था कि ठेके के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। ठेके में आने वाले पुरुष अपने बच्चों की फीस तो भरते नहीं लेकिन यहां आकर शराब जरूर पीने लगे थे। उनके अनुसार यहां पर कई बार गांव के युवा बच्चे भी देखे गए हैं, ऐसे में उन्हें गांव का भविष्य भी शराब में डूबता दिखा तो मजबूरन उन्हें ये कदम उठाना पड़ा।
ग्रामीण महिलाओं ने ये भी आरोप लगाया कि ठेके पर बैठने वाले शराबी लोग अक्सर एक-दूसरे को ऊंची आवाज में गाली-गलौच करते थे जिसके कारण गांव की बहु-बेटियों का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया था।
गौरतलब है कि ढाणी सांचला गांव को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने गोद लिया हुआ है और वे यहां पर कई प्रकार के विकास कार्य करवाने के लिए जुटे हुए हैं। दूसरी ओर ग्रामीणों ने इस मामले में शराब का ठेका औपचारिक रूप से हटवाने के लिए अब सीपीएस सीमा त्रिखा को भी पत्र लिखा है।
ग्रामीण महिलाओं ने ये भी आरोप लगाया कि ठेके पर बैठने वाले शराबी लोग अक्सर एक-दूसरे को ऊंची आवाज में गाली-गलौच करते थे जिसके कारण गांव की बहु-बेटियों का यहां से गुजरना मुश्किल हो गया था।
गौरतलब है कि ढाणी सांचला गांव को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने गोद लिया हुआ है और वे यहां पर कई प्रकार के विकास कार्य करवाने के लिए जुटे हुए हैं। दूसरी ओर ग्रामीणों ने इस मामले में शराब का ठेका औपचारिक रूप से हटवाने के लिए अब सीपीएस सीमा त्रिखा को भी पत्र लिखा है।