पंजाब: अबोहर, मुक्तसर और बठिंडा में आंधी के साथ बारिश, मंडियों में हजारों बोरी गेहूं भीगा
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अबोहर में शनिवार देर शाम के बाद रविवार की दोपहर आई तेज आंधी और भारी बरसात से मंडी में गेहूं की हजारों बोरियां भीग गईं। आए दिन हो रही बरसात से खराब हो रहे गेहूं के लिए किसानों ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। आरोप है कि मार्केट कमेटी की लापरवाही के कारण ही मंडी में अभी तक नए शेडों का निर्माण नहीं हो सका।
शनिवार रात करीब 8 बजे अचानक जोरदार बरसात हुई। इसके साथ ही रविवार दोपहर बाद तेज आंधी के साथ काफी देर तक झमाझम बरसात हुई। इससे मुख्य अनाज मंडी और आसपास के खरीद केंद्रों में रखा गेहूं भीग गया। वहीं रविवार को गेहूं की कटाई भी प्रभावित हुई है। इतना ही नहीं जिन किसानों ने नरमा की बिजाई कर दी है, वहां पौधे उगने में समस्या पैदा हो गई है।
बरसात के कारण खेतों में पानी रुक गया और जमीन की पहली परत मजबूत हो गई। इससे नरमा का अंकुर बाहर नहीं निकल सकता। इसी प्रकार लगातार गीला हो रहा गेहूं भी बदरंग होने की संभावना है।
मंडी में गेहूं बेचने आए किसानों का कहना था कि अगर मार्केट कमेटी के अधिकारी शेडों का उचित प्रबंध करते तो इतनी बड़ी तादात में गेहूं गीला नहीं होता। उनका आरोप था कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही मंडी में नए शेड का निर्माण कार्य करीब एक वर्ष से अधूरा है। रविवार को हुई बरसात से मंडी में भरी रखी गेहूं की बोरियों के आसपास पानी भर गया। वहीं गांवों के खरीद केंद्रों में भी हजारों क्विंटल गेहूं गीला हो गया।
बठिंडा में तेज आंधी के साथ बारिश
बठिंडा में रविवार शाम साढे चार बजे के करीब तेज आंधी के साथ शुरू हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। जिले के किसान गेहूं की फसल बेचने के लिए मंडियों में पहुंचे हैं। जिले की अधिकतर मंडियों में शेड न होने कारण किसानों को अपनी फसल खुले आसमान तले रखकर बेचनी पड़ रही है।
भारतीय किसान यूनियन उगराहा के नेता शिंगारा सिंह मान ने कहा कि मौजूदा समय में गेहूं की फसल मंडियों में लेकर आए किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि जिले की अधिकतर मंडियों में किसानों की फसल को रखने के लिए शेड ना होने कारण खुले आसमान तले पड़ी गेहूं की फसल बेमौसम बारिश से भीग जाती है।
इससे नुकसान किसान का ही होता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मंडी में गेहूं की फसल लेकर आने वाले किसानों की फसल को बेमौसम की बारिश से बचाने के लिए शेड के नीचे ही फसल को रखवाया जाए। इसके अलावा जिन किसानों की फसल बारिश से खराब हो, उनको सरकार तुरंत मुआवजा राशि जारी करें।
वहीं मौसम विभाग के अधिकारी सुरिंदरपाल सिंह ने बताया कि अगले तीन दिनों तक और बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि रविवार को न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री और अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मुक्तसर: आंधी के साथ बारिश, दिन में रात का नजारा
मुक्तसर में रविवार की शाम करीब पांच बजे आई जोरदार बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से अनेक जगह खेतों में पककर तैयार फसल गिर गई। वहीं अनाज मंडी में खुले में पड़ी गेहूं की बोरियां भी भीग गईं। हालांकि जो बोरियां भीग गईं, उसमें से ज्यादातर बिक चुकी हैं। धीमी लिफ्टिंग के अभाव में उठाई नहीं जा सकी थी। ऐसे में नुकसान आढ़तियों को होगा।
वहीं खेतों में पककर तैयार फसल गिरने से किसान चिंतित हैं। शाम पांच बजे के आस-पास अचानक ही काली घटाएं छा गईं। दिन में ही रात जैसा नजारा नजर आने लगा। कुछ ही देर में जोरदार आंधी चल पड़ी। आंधी इतनी तेज थी कि कई लोगों के घरों के शेड तक हवा में उड़कर पड़ोस के घरों में जा गिरे। वहीं कई लोगों की डिश की छतरियां तक गिर गईं। आंधी के बाद जोरदार बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटा आंधी व बारिश से कई निचले क्षेत्र जलमग्न भी हो गए।