पंजाबः पटियाला-मुक्तसर, बठिंडा और फिरोजपुर में बाढ़ के हालात, एक हजार लोग बेघर
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बठिंडा में लगातार छह घंटे 161 एमएम हुई बारिश ने 14 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। बठिंडा में इससे पहले 5 जुलाई 2005 को 106 एमएम बारिश हुई थी। हालात यह है कि शहर पूरी तरह से डूब गया है। लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। डिप्टी कमिश्नर, आईजी, एसएसपी की कोठी में पांच फुट तक पानी जमा हो गया।
डिप्टी कमिश्नर बी श्रीनिवासन की आवास में पानी घुसने से सारा सामान भीग गया। उनका सामान आनन-फानन में उठाकर सर्किट हाउस पहुंचाया गया। बारिश से तीन स्थानों पर छत गिरने से सात लोग घायल गए। वहीं भगता भाईका नथाना रोड पर स्थित गौशाला का लेंटर गिरने से 38 गोवंश की मौत हो गई। पटियाला में घरों में पानी घुसने से एक हजार लोग बेघर हो चुके हैं।
डीसी कुमार अमित ने अगले आदेश तक सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी है। वहीं बठिंडा में प्रशासन ने सड़कों पर नावे उतार दी हैं। पटियाला की बड़ी नदी खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गई। बड़ी नदी का पानी सोमवार देर रात करीब एक बजे सन्नौर रोड स्थित गोपाल कालोनी में 250 घरों में घुस गया। इससे 1000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। घन्नौर में घग्गर नदी का पानी भी 16 फुट तक पहुंचकर खतरे के निशान को पार कर चुका है।
उधर मुक्तसर में सोमवार रात शुरू हुई जोरदार बारिश मंगलवार सुबह तक तेज-आंधी के साथ जारी रही। इससे पूरा शहर जलमग्न हो गया। कोटकपूरा रोड, मलोट रोड, अबोहर रोड, मस्जिद चौक, घास मंडी चौक, गांधी चौक, कोटली रोड, गुरुद्वारा साहिब के नाकों के अलावा अन्य क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। बारिश का पानी लोगों के घरों, दुकानों और मंदिरों के अंदर तक घुस गया।
फिरोजपुर शहर में पिछले 24 घंटों से रुक-रुककर हो रही बरसात से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। एक ओर जहां तेज आंधी के कारण पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए हैं, वहीं शहर में बाढ़ की स्थिति बनी है।
बस्ती टैंकावाली में बने रेलवे अंडर ब्रिज में करीब 5 फुट पानी भर जाने से आवाजाही रोक दी गई है। पूरे शहर में बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अबोहर के फाजिल्का रोड पर स्थित पंजाब एग्रो व मार्कफेड के गोदाम में रखा लाखों क्विंटल गेहूं भी पूरी तरह भीग गया है।
जुलाई 2005 में हुई थी 106 एमएम बरसात
बठिंडा में 14 वर्षो में दूसरी बार भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग के अधिकारी सुरिंदर पाल सिंह ने बताया कि 5 जुलाई 2005 को 106 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। आज बारिश 161 एमएम दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले कभी भी इतनी भारी बारिश नहीं हुई। आने वाले अगले 24 घंटो में और बारिश होने की संभावना है।
बारिश से तीन स्थानों पर गिरी छत, सात घायल
छह घंटे लगातार हुई तेज बारिश से शहर के स्थानों पर मकान की छत गिर गई। इससे पांच वर्षीय बच्चे समेत सात लोग घायल हो गए। घायलों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार सुबह 5:30 बजे नरूआना रोड पर एक कमरे की छत गिर गई। इससे परिवार के तीन लोग घायल हो गए।
अमरपुरा बस्ती गली नं-5 मे एक मकान की छत गिर जाने से एक महिला और 5 माह का बच्चा गंभीर घायल हो गए। बैंक कालोनी में छत गिरने से एक व्यक्ति गंभीर घायल हो गया। इसके अलावा अनाज मंडी में एक व्यक्ति छत से गिरकर गंभीर घायल हो गया। उक्त सभी घायलों को सहारा जन सेवा की लाइफ सेविंग ब्रिगेड टीम ने सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया।