फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Weather update in Haryana: There will be rain in Haryana by the end of April

हरियाणा: बारिश के साथ अप्रैल का अंत और मई की होगी शुरुआत, कई जगह मंडियों में पड़ा गेहूं भीगा

Mon, 27 Apr 2020 11:12 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार/कुरुक्षेत्र/करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार/कुरुक्षेत्र/करनाल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Mon, 27 Apr 2020 11:12 PM IST
विज्ञापन
Weather update in Haryana: There will be rain in Haryana by the end of April
कुरुक्षेत्र में तिरपाल से गेहूं को ढककर बारिश से बचाने की कोशिश।

कोरोना संकट के बीच मौसम का नरम तेवर लोगों की चिंता बढ़ाने वाला है। सोमवार को अंबाला में सबसे अधिक 25 एमएम बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके चलते तापमान सामान्य से 12 डिग्री नीचे चला गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश में 30 अप्रैल और 1 मई को तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ छिटपुट हल्की बारिश के आसार हैं।  

विज्ञापन


हिसार में दिनभर मौसम परिवर्तनशील बना रहा। हल्की हवाएं चलती रहीं और बीच-बीच में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। हालांकि अधिकतम तापमान पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा और यह सामान्य से लगभग 5 डिग्री कम 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 
विज्ञापन


न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरकर 18.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राज्य में मौसम आमतौर पर 30 अप्रैल तक परिवर्तनशील रहेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
30 अप्रैल को यहां हो सकती है बारिश 

  • चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी 


01 मई को यहां बारिश के आसार 

  • सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी

तीसरे दिन भी मंडी में भीगा गेहूं, किसानों की बढ़ी मुश्किलें 

Weather update in Haryana: There will be rain in Haryana by the end of April

लगातार तीसरे दिन भी बारिश से कुरुक्षेत्र की मंडियों में किसानों का व एजेंसियों द्वारा खरीदा गया गेहूं भीग गया। सोमवार को थानेसर में 3, लाडवा में 1, शाहाबाद में 3 व इस्माइलाबाद में 2.7 एमएम बारिश हुई। दोपहर करीब डेढ़ बजे से लेकर 2 बजे तक हुई बारिश से जहां गेहूं की खरीद प्रभावित हुई, वहीं मंडी में खुले में रखी गेहूं की बोरियों के नीचे पानी भर गया। 

पिहोवा व बाबैन के खरीद केंद्र में बारिश न होने के चलते खरीद कार्य सुचारू रूप से जारी रहा। थानेसर अनाज मंडी के अलावा ब्रह्मसरोवर के आस-पास बनी अस्थाई मंडियों में किसान खुले में पड़े गेहूं को बारिश के बीच तिरपाल से ढक कर बचाने का प्रयास करते रहे। लेकिन बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने तिरपाल उड़ा दी, जिससे गेहूं भीग गया।

लॉकडाउन के चलते इस बार मंडियों में मजदूरों की कमी भारी कमी खल रही है। इस कमी का सीधा असर गेहूं के उठान पर दिखाई दे रहा है। खरीद एजेंसियों द्वारा मंडियों से अभी तक 25 प्रतिशत खरीदे गए गेहूं की उठान हो पाई है। 

करनाल: कहीं बारिश तो कहीं किसानों पर वज्रपात!

Weather update in Haryana: There will be rain in Haryana by the end of April
बारिश से करनाल में गलियां उफान पर। - फोटो : अमर उजाला

किसानों की फसल पर दूसरे दिन भी बारिश और ओलावृष्टि आफत बनकर गिरी तो अन्नदाता के दिलों की धड़कने बढ़ गई। रविवार को हुई बारिश से अभी किसान संभल भी नहीं पाया था कि सोमवार को फिर शहर के जीटी रोड पार पूर्वी क्षेत्र में दोपहर दो बजे बारिश शुरू होने के साथ ही ओलावृष्टि शुरू हो गई। लगभग एक घंटे बारिश के साथ ओले भी गिरे, हालांकि शहरी क्षेत्र व अधिकांश क्षेत्रों में ओलावृष्टि नहीं हुई।  

सोमवार को लगा कि आज मौसम साफ रहेगा लेकिन दोपहर होते होते मौसम का मिजाज बदलता चला गया। खेत खलिहानों में तो रविवार की बारिश के बाद से ही कटाई ठहर गई थी। किसान फसल में कुछ धूप लगने के बाद कटाई शुरू कराने की प्रतीक्षा कर रहे थे लेकिन सोमवार को दोपहर बाद बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि शुरू हो गई। जिसके कारण गेहूं की कटाई का काम शुरू नहीं हो सका। 

घरों के बाहर खुले में एकत्र गेहूं भी दोबारा भीग गया। जिले में करीब 1.72 लाख हेक्टेयर गेहूं का रकबा है, जिसमें से करीब 75 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो चुकी है। बाकी गेहूं की फसल की कटाई कराना किसानों के लिए चुनौती बन चुका है। बारिश से तमाम कृषि कार्य बंद हो गए। किसान क्लब के प्रदेश महासचिव विजय कपूर ने कहा कि फरवरी, मार्च और अप्रैल में खेती के लिए मौसम खराब रहा। 

किसानों का करीब 40 प्रतिशत तक गेहूं की फसल का काम नहीं निपटा। जो फसल हाथ से कटवाई थी, उसकी कतराई नहीं हुई। करीब 15 से 20 प्रतिशत तक कटाई का काम भी रुका हुआ है। अप्रैल के महीने में चौमासा जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम की यही स्थिति रही तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed