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हरियाणा-पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश से बदला मौसम, ओलावृष्टि, आंधी से फसलों को नुकसान

Sun, 01 Mar 2020 12:40 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/हिसार ( हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक/हिसार ( हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 01 Mar 2020 12:40 PM IST
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Weather changed after rain in Haryana-Punjab and Chandigarh
- फोटो : अमर उजाला

पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार शाम रोहतक समेत प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश रबी की फसलों को संजीवनी दे गई। हालांकि, हिसार, भिवानी में आधे घंटे तक तेज बारिश और ओलावृष्टि से कई गांवों में गेहूं की अगेती फसल खेतों में बिछ गई।

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महेंद्रगढ़ में सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। करीब 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने से यातायात के साथ फसलें भी प्रभावित हुईं। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश की संभावना है। 
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शनिवार सुबह से ही काली घटाओं और धूप की लुकाछिपी जारी रही। महीने के आखिरी दिन पंचकूला, अंबाला, चंडीगढ़ समेत कई हिस्सों में दिन में करीब तीन एमएम बारिश हुई। शाम पांच बजे से फिर गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जो साढ़े सात बजे तक रुक-रुक कर जारी रही। रोहतक में सबसे अधिक 8.6 एमएम बारिश हुई। महेंद्रगढ़, हिसार, सोनीपत, भिवानी, रेवाड़ी, फरीदाबाद समेत कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में आंधी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। 

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महेंद्रगढ़ जिले के 50 गांवों में ओलावृष्टि की सूचना है। किसानों ने बताया कि ओलों से सरसों की अगेती फसलों को नुकसान होने का खतरा हो गया है। रेवाड़ी के खोल खंड में ओलावृष्टि से सरसों और गेहूं की फसल को 20 से 50 फीसदी तक नुकसान होने की आशंका है।

बावल और कोसली में तेज अंधड़ से गेहूं की फसल गिर गई है। हालांकि चरखी दादरी, झज्जर, रोहतक समेत कई जिलों में जहां सिर्फ बारिश हुई, वहां गेहूं और सरसों की फसलों के लिए फायदेमंद बताई जा रही है। पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा ने बताया कि महेंद्रगढ़ इलाके में ओले गिरने से सरसों की 80 फीसदी फसल नष्ट हो गई है। उन्होंने सीएम से फोन पर बातचीत कर गिरदावरी करवा कर मुआवजा देने की मांग की है।

नारनौल में दिन का पारा 30 डिग्री रहा तो हिसार में रात का 16.2 डिग्री 
प्रदेश में दिन का तापमान सबसे अधिक नारनौल में 30 डिग्री दर्ज किया गया, दूसरी तरफ हिसार में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोनों जगहों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। दिन और रात का तापमान बढ़ते ही बारिश का माहौल बन गया। बारिश के बाद तापमान में 5-6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम में एक बार फिर ठंडक फरवरी की शुरुआत की तरह घुल गई। बारिश से वायु प्रदूषण धुलने से लोगों को राहत मिली है।   

औसत से अधिक बारिश, बंपर पैदावार की उम्मीद

प्रदेश में फरवरी में 30 एमएम बारिश होती है। महीने के आखिरी दिन अच्छी बारिश के बाद औसत से अधिक बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। इससे गेहूं और सरसों की फसलों की बंपर पैदावार की संभावना है। 

तापमान गिरने से फसलों को फायदा
एचएयू के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां गेहूं की अगेती व सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, जो फसलों के फायदेमंद साबित होगी।

प्रदेश में आगे कैसा रहेगा मौसम

  • 1 मार्च - कहीं-कहीं हल्की बारिश
  • 2-3 मार्च - खुश्क रहेगा मौसम
  • 5-6 मार्च- बारिश के आसार

प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्र्री सेल्सियस)

              शहर        अधिकतम   न्यूनतम

  • चंडीगढ़        23.7         17.7
  • अंबाला        25.1         15.4
  • हिसार        26.3          16.2
  • करनाल     21.0           14.8
  • नारनौल     30.0          14.5
  • रोहतक    22.8            15.2
  • सिरसा     25.0           15.9    

रविवार को भी आंशिक बादल छाए रहेंगे। कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। 3 मार्च के बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। इसके असर से 5 व 6 मार्च को कहीं-कहीं हल्की बारिश बारिश की संभावना है। - डॉ. मदन खीचड़, अध्यक्ष, कृषि मौसम विभाग, हकृवि

मौसम ने ली करवट, तेज हवाएं और बारिश से गिरा तापमान

चंडीगढ़ में सर्दी एक बार फिर दस्तक देती नजर आ रही है। पिछले करीब एक सप्ताह से लगातार धूप के बाद शनिवार को मौसम ने करवट ले ली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। सुबह शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी ने दोपहर आते-आते भारी बारिश का रूप ले लिया। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। 

सर्दी से बचने के लिए लोग एक बार फिर से गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 23.7 और न्यूनतम 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने पहले से ही शनिवार को आसमान में दिनभर बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई हुई थी। मौसम विभाग के अनुसार रविवार, सोमवार और मंगलवार को मौसम के साफ रहने की उम्मीद है। दिन में धूप खिली रहेगी। 

पटियालाः मौसम का बिगड़ा मिजाज, दिन में छाया अंधेरा, हुई बारिश
पटियाला में भी मौसम का मिजाज अचानक से बदल गया। दिन में अंधेरा छा गया और कुछ देर बाद बारिश होने लगी। इस बारिश से जहां फिर से मौसम ठंडा हो गया है, वहीं किसान भी चिंता में डूब गए हैं। बारिश के साथ तेज हवा चलने कारण फसलों को नुकसान होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक दोपहर बाद करीब ढाई बजे तक 5 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। जबकि बारिश कारण अधिकतम तापमान करीब 23 डिग्री रहा। वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री था। इस तरह से पारे में दो डिग्री की गिरावट देखी गई। मौसम ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। 

लुधियानाः एक घंटे तक महानगर में हुई तेज बरसात

लुधियाना में एक घंटे के करीब बरसात हुई। जिस कारण मौसम में काफी बदलाव हो गया। तेज बरसात के बाद जहां मौसम ठंडा हुआ वहीं तापमान में भी गिरावट आई है। जोरदार बारिश के कारण नीचले इलाकों में पानी भी भर गया। बारिश के कारण कई सड़कों पर जाम भी लग गया। पीएयू के माहिर डॉ. केके गिल का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। 

ट्रांसपोर्ट नगर, मिल्लरगंड,, चीमा चौक, ताजपुर रोड टिब्बा रोड, घुमारमंडी, माधोपुरी, समराला रोड के साथ साथ कई इलाकों में बारिश का पानी भर गया। इस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। 

क्या कहते है पीएयू के माहिर
पीएयू के मौसम विभाग के माहिर डॉ. केके गिल ने कहा कि लुधियाना में दोपहर बाद नौ एमएम बारिश हुई है। जबकि बीती बीस फरवरी को छह एमएम बारिश हुई थी। इस साल फरवरी महीने में बीस एमएम के मुकाबले 15 एमएम ही बारिश हुई है। यह बारिश गेहूं और सरसों की फसल को तापमान बढ़ने के साथ लगते चेपा रोग से बचाएगा। दोपहर तक ज्यादा तापमान 22.2 डिग्री था जो बारिश के बाद करीब दो डिग्री कम दर्ज किया गया।

तेज हवाओं ने बढ़ाई चिंता 
जालंधर में भी तेज बारिश और हवाओं ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। हालांकि बारिश ने किसानों की फसलों को फायदा ही पहुंचाया है लेकिन बारिश के साथ चल रही तेज हवाओं ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। दरअसल जिले में 1.70 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है। 

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