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कजौली वाटर वर्क्स में घुसा पानी, ट्राइसिटी में पानी का संकट, सप्लाई बंद
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Sat, 23 Jul 2016 10:29 PM IST
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water supply
- फोटो : demo
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शुक्रवार रात हुई बारिश से कजौली वाटर वर्क्स के मेन हेडर में बरसाती पानी घुस गया। पानी की सप्लाई करने वाले आठ पंपिंग मोटर पानी से बुरी तरह से भीग गईं। इससे वाटर वर्क्स के सभी चार फेज की लाइनों के कनेक्शन हेडर से टूट गए। इससे ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) में पानी की सप्लाई बंद हो गई और लोग पानी के लिए परेशान रहे।
इसकी जानकारी मिलते चंडीगढ़ और मोहाली के अधिकारी सक्रिय हो गए। हेडर टूटने से कजौली वाटर वर्क्स के बाहर बुरी तरह से जलभराव हो गया। पानी को निकालने के लिए दमकल विभाग की चंडीगढ़ से तीन और मोहाली से दमकल की गाड़ियां भी भेजी र्गइं। इन मोटरों को सुखाने के लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला भेजा गया है। कजौली वाटर वर्क्स में एक, दो और चार फेज का रखरखाव पंजाब वाटर सप्लाई और सैनिटेशन विभाग करता है, जबकि तीन फेज का रखरखाव चंडीगढ़ नगर निगम के जिम्मे है।
चंडीगढ़ नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि कजौली वाटर वर्क्स का प्रमुख हेडर टूट गया है, इसके कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। चंडीगढ़ में पहले से स्टोर पानी की सप्लाई की जा रही है। तीन मोटर ठीक हो चुकी है। उम्मीद है कि रविवार शाम तक सभी मोटर की रिपेयर पूरी हो जाएगी। ट्रांसफार्मर को भी मरम्मत के लिए भेज दिया गया है।
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वाटर सप्लाई विभाग, मोहाली के एक्सईएन एचएस ढिल्लों का कहना है कि मोटरों की मरम्मत में कर्मचारी जुटे हुए हुए हैं। जल्दी ही मोटरों को रिस्टोर कर लिया जाएगा। कुछ समय के लिए मोहाली के लोगों को लो प्रेशर का सामना करना पड़ेेगा। इस विपरीत समय में शहरवासी हमारा साथ दें।
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इसकी जानकारी मिलते चंडीगढ़ और मोहाली के अधिकारी सक्रिय हो गए। हेडर टूटने से कजौली वाटर वर्क्स के बाहर बुरी तरह से जलभराव हो गया। पानी को निकालने के लिए दमकल विभाग की चंडीगढ़ से तीन और मोहाली से दमकल की गाड़ियां भी भेजी र्गइं। इन मोटरों को सुखाने के लिए चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला भेजा गया है। कजौली वाटर वर्क्स में एक, दो और चार फेज का रखरखाव पंजाब वाटर सप्लाई और सैनिटेशन विभाग करता है, जबकि तीन फेज का रखरखाव चंडीगढ़ नगर निगम के जिम्मे है।
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चंडीगढ़ नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा का कहना है कि कजौली वाटर वर्क्स का प्रमुख हेडर टूट गया है, इसके कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। चंडीगढ़ में पहले से स्टोर पानी की सप्लाई की जा रही है। तीन मोटर ठीक हो चुकी है। उम्मीद है कि रविवार शाम तक सभी मोटर की रिपेयर पूरी हो जाएगी। ट्रांसफार्मर को भी मरम्मत के लिए भेज दिया गया है।
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वाटर सप्लाई विभाग, मोहाली के एक्सईएन एचएस ढिल्लों का कहना है कि मोटरों की मरम्मत में कर्मचारी जुटे हुए हुए हैं। जल्दी ही मोटरों को रिस्टोर कर लिया जाएगा। कुछ समय के लिए मोहाली के लोगों को लो प्रेशर का सामना करना पड़ेेगा। इस विपरीत समय में शहरवासी हमारा साथ दें।
मोहाली, चंडीगढ़ के कर्मचारियों ने ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया
पानी टैंकर।
- फोटो : demo pic
विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मेन हेडर में कुल आठ मोटर लगी हुईं हैं। इसमें दो चंडीगढ़ व छह मोहाली की हैं। मोहाली और चंडीगढ़ के कर्मचारियों ने कजौली वाटर वर्क्स में ज्वाइंट आपरेशन चलाकर शनिवार रात तक तीन मोटर ठीक कर दी। बाकी बची मोटर की रिपेयर रविवार को कर दी जाएगी। ऐसे में रविवार सुबह और शाम को लो प्रेशर से पानी की सप्लाई होगी। ऐसे में पंपिंग स्टेशनों में स्टोर पानी ही सप्लाई किया जाएगा।
पार्षदों और निगम अफसरों के घनघनाते रहे फोन
शनिवार को सुबह से ही लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। इस दौरान आहत लोग निगम अधिकारियों व पार्षदों को फोन करते रहे। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस तरफ तुरंत ध्यान दिया जाए।
क्या होता है हेडर
कजौली वाटर वर्क्स में जो हेडर लगा हुआ है कि उसकी मियाद समाप्त हो गई है अब भी उसे रिपेयर किया जा रहा है। क्योंकि इतनी जल्दी नया हेडर नहीं लगाया जा सकता। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार कजौली वाटर वर्क्स की मोटर से पानी पंपिंग करते हुए हेडर में जाता है। हेडर के बाद चार अलग अलग फेज की मेन पाइप के साथ जुड़ता है। ऐसे में हेडर टूटने से अब पानी सेक्टर-39 के प्रमुख वाटर वर्क्स में नहीं आ रहा है।
किस किस को कितना मिलता है पानी
कजौली वाटर वर्क्स से चार फेज से कुल 80 एमजीडी पानी की सप्लाई आती है। जिसमे से 10 एमजीडी मोहाली, छह एमजीडी चंडी मंदिर, छह एमजीडी पंचकूला और चंडीगढ़ को 58 एमजीडी पानी की सप्लाई मिलती है। इसके अलावा इन सभी जगहों पर टयूबवेल से भी पानी की सप्लाई की जाती है। चंडीगढ़ में 220 टयूबवेल से इस समय 20 एमजीडी पानी की सप्लाई की जा रही है। ऐसा कई साल बाद हुआ है जबकि सभी चार फेज एक साथ खराब हुए हो।
चंडीगढ़ को 36 एमजीडी पानी की शार्टेज
गरमी में चंडीगढ़ में पानी की मांग 116 एमजीडी हो जाती है। इस समय चंडीगढ़ को कजौली वाटर वर्क्स से 58 एमजीडी पानी मिल रहा है ऐसे में गर्मी में 36 एमजीडी पानी की शार्टेज होती है।
पार्षदों और निगम अफसरों के घनघनाते रहे फोन
शनिवार को सुबह से ही लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। इस दौरान आहत लोग निगम अधिकारियों व पार्षदों को फोन करते रहे। लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस तरफ तुरंत ध्यान दिया जाए।
क्या होता है हेडर
कजौली वाटर वर्क्स में जो हेडर लगा हुआ है कि उसकी मियाद समाप्त हो गई है अब भी उसे रिपेयर किया जा रहा है। क्योंकि इतनी जल्दी नया हेडर नहीं लगाया जा सकता। जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार कजौली वाटर वर्क्स की मोटर से पानी पंपिंग करते हुए हेडर में जाता है। हेडर के बाद चार अलग अलग फेज की मेन पाइप के साथ जुड़ता है। ऐसे में हेडर टूटने से अब पानी सेक्टर-39 के प्रमुख वाटर वर्क्स में नहीं आ रहा है।
किस किस को कितना मिलता है पानी
कजौली वाटर वर्क्स से चार फेज से कुल 80 एमजीडी पानी की सप्लाई आती है। जिसमे से 10 एमजीडी मोहाली, छह एमजीडी चंडी मंदिर, छह एमजीडी पंचकूला और चंडीगढ़ को 58 एमजीडी पानी की सप्लाई मिलती है। इसके अलावा इन सभी जगहों पर टयूबवेल से भी पानी की सप्लाई की जाती है। चंडीगढ़ में 220 टयूबवेल से इस समय 20 एमजीडी पानी की सप्लाई की जा रही है। ऐसा कई साल बाद हुआ है जबकि सभी चार फेज एक साथ खराब हुए हो।
चंडीगढ़ को 36 एमजीडी पानी की शार्टेज
गरमी में चंडीगढ़ में पानी की मांग 116 एमजीडी हो जाती है। इस समय चंडीगढ़ को कजौली वाटर वर्क्स से 58 एमजीडी पानी मिल रहा है ऐसे में गर्मी में 36 एमजीडी पानी की शार्टेज होती है।