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चंडीगढ़ः साढ़े 8 करोड़ की लागत से बने अंडरपास का शुभारंभ हुआ नहीं, बारिश में रिसने लगीं दीवारें
Tue, 20 Aug 2019 11:25 AM IST
खुशबू गोयल
अनुभव अवस्थी/अमर उजाला, चंडीगढ़
अनुभव अवस्थी/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 20 Aug 2019 11:25 AM IST
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अंडरपास की दीवारों से रिसता पानी
- फोटो : अमर उजाला
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यूटी प्रशासन सरकारी धन खर्च करने में कितना बेपरवाह है, इसका एक छोटा सा नमूना सेक्टर 17 से रोज गार्डन को मिलाने वाले अंडरपास में देखने को मिला। करीब 8.50 करोड़ की लागत से बनने वाला यह अंडरपास शुरू होने से पहले ही टपकने लगा। अंडरपास की दीवारों में लीकेज होने से बारिश का पानी कई जगहों से निकलता रहा।
लीकेज को रोकने के लिए कार्यदायी संस्था ने सीमेंट के घोल से प्लास्टर भी किया है। इसके बावजूद पानी का लीकेज बंद नहीं हुआ। सेक्टर 17 से सेक्टर 16 स्थित रोज गार्डन को जाने के लिए लोगों को सड़क क्रास न करनी पड़े, इसलिए अंडरपास का निर्माण कराया गया। इस अंडरपास के निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है।
यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का कहना है कि अगले महीने इसका शुभारंभ करा दिया जाएगा। रोज गार्डन अंडरपास के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री प्रयुक्त होने से पहली ही बारिश में कई जगहों पर लीकेज हो गया। अंडरपास में पानी भी भर गया है। साइड की दीवारों में अधिक लीकेज दिख रहा है। इस संदर्भ में यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि अभी अंडरपास से ही होकर आया हूं। वहां तो कोई लीकेज नहीं दिखी।
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ऐसे शुरू हुआ निर्माण कार्य
अप्रैल 2017 में अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उस दौरान इसे एक ही साल में पूरा करने की बात कही गई थी, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत चुका है। अभी तक तक अंडरपास शुरू नहीं हो पाया है। इस अंडरपास के निर्माण कार्य में 8.50 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं। अंडरपास का निर्माण कार्य अब लगभग पूरा होने वाला है। प्रशासन की अनुमति मिलते ही यह आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
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लीकेज को रोकने के लिए कार्यदायी संस्था ने सीमेंट के घोल से प्लास्टर भी किया है। इसके बावजूद पानी का लीकेज बंद नहीं हुआ। सेक्टर 17 से सेक्टर 16 स्थित रोज गार्डन को जाने के लिए लोगों को सड़क क्रास न करनी पड़े, इसलिए अंडरपास का निर्माण कराया गया। इस अंडरपास के निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है।
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यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट का कहना है कि अगले महीने इसका शुभारंभ करा दिया जाएगा। रोज गार्डन अंडरपास के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री प्रयुक्त होने से पहली ही बारिश में कई जगहों पर लीकेज हो गया। अंडरपास में पानी भी भर गया है। साइड की दीवारों में अधिक लीकेज दिख रहा है। इस संदर्भ में यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि अभी अंडरपास से ही होकर आया हूं। वहां तो कोई लीकेज नहीं दिखी।
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ऐसे शुरू हुआ निर्माण कार्य
अप्रैल 2017 में अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उस दौरान इसे एक ही साल में पूरा करने की बात कही गई थी, लेकिन दो साल से अधिक का समय बीत चुका है। अभी तक तक अंडरपास शुरू नहीं हो पाया है। इस अंडरपास के निर्माण कार्य में 8.50 करोड़ से अधिक खर्च किए गए हैं। अंडरपास का निर्माण कार्य अब लगभग पूरा होने वाला है। प्रशासन की अनुमति मिलते ही यह आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।