{"_id":"590ff75b4f1c1b9c238b456a","slug":"water-crisis-in-chandigarh-nagar-nigam-all-plannings-fail","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"निगम के दावों की निकली हवा, हर प्लानिंग हुई फेल, पानी का संकट गहराया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम के दावों की निकली हवा, हर प्लानिंग हुई फेल, पानी का संकट गहराया
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 08 May 2017 10:13 AM IST
विज्ञापन
पानी की समस्या
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ के अधिकतर सेक्टरों, गांव और कॉलोनियों में पानी का संकट गहरा गया है। नगर निगम ने पानी पहुंचाने की जो प्लानिंग की थी वह फेल हो गई। ग्राउंड फ्लोर पर ही तय समय से पहले पानी चला जाता है जबकि नगर निगम ने एक माह से पानी के समय में सुबह और शाम आफिशियल तौर पर आधे घंटे कटौती कर दी है। इस समय वीआईपी सेक्टर भी पानी की किल्लत का सामना कर रहा है। नगर निगम के पार्षदों को भी पानी की किल्लत का सामान करना पड़ रहा है।
इन क्षेत्रों में आ रही है दिक्कत :
सेक्टर-7,15,16,18,20,21,24,25,26,27,29,30,32,37,38,39,40,42,44,45,47,49,52 और 61 में लगातार पानी के लो प्रैशर की दिक्कत से लोगों को झेलना पड़ रहा है। इसके साथ ही सेक्टर-63 की हाउसिंग सोसाइटी में भी पानी के लो प्रैशर की दिक्कत आ रही है। इसका लोकार्पण पीएम ने डेढ़ साल पहले किया था।
यहां तक कि जिन एरिया में बूस्टर भी लगे हुए हैं वहां पर भी पानी के लो प्रैशर की दिक्कत आ रही है। इसके साथ ही पलसौरा, मनीमाजरा, धनास, बापूधाम, मलोया और गांव के एरिया में पानी के किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को ग्राउंड फ्लोर या खुद मेहनत करके पानी चढ़ाना पड़ रहा है या फिर मोटर लगाई है जिससे बिजली का खर्चा बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इन क्षेत्रों में आ रही है दिक्कत :
सेक्टर-7,15,16,18,20,21,24,25,26,27,29,30,32,37,38,39,40,42,44,45,47,49,52 और 61 में लगातार पानी के लो प्रैशर की दिक्कत से लोगों को झेलना पड़ रहा है। इसके साथ ही सेक्टर-63 की हाउसिंग सोसाइटी में भी पानी के लो प्रैशर की दिक्कत आ रही है। इसका लोकार्पण पीएम ने डेढ़ साल पहले किया था।
विज्ञापन
यहां तक कि जिन एरिया में बूस्टर भी लगे हुए हैं वहां पर भी पानी के लो प्रैशर की दिक्कत आ रही है। इसके साथ ही पलसौरा, मनीमाजरा, धनास, बापूधाम, मलोया और गांव के एरिया में पानी के किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को ग्राउंड फ्लोर या खुद मेहनत करके पानी चढ़ाना पड़ रहा है या फिर मोटर लगाई है जिससे बिजली का खर्चा बढ़ गया है।
विज्ञापन
नाकाफी साबित हुए निगम के ये इंतजाम
गर्मी में पानी पीकर प्यास बुझाता एक युवक।
सुबह और शाम की पानी की सप्लाई के समय में आधे-आधे घंटे की कटौती। सुबह पानी की सप्लाई कजौली वाटर वर्क्स से एक घंटा पहले ढाई बजे छोड़ी जा रही ताकि सुबह उनके उठने से पहले लोगों की छतों तक पानी स्टोर हो जाए। पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर उनके चालान काटे जा रहे हैं। एक कनाल से ऊपर की कोठियों के लिए टरशरी वाटर के कनेक्शन लेने जरूरी किए गए।
पानी खरीद कर पी रहे है :
सेक्टर-48 की इंडियन एक्सप्रेस सोसाइटी के फ्लैट नंबर-237 के मोनिका रावत का कहना है कि वह एक माह से पीने का पानी खरीद रहे हैं। उनका कहना है कि हर तीसरे दिन 20 लीटर पानी की बोतल खरीद रहे हैं। जबकि नहाने और कपड़े धोने के लिए पानी मोटर से चढ़ाया जाता है।
मेयर के वार्ड में तीन दिन से पानी नहीं :
मेयर आशा जसवाल के वार्ड में शामिल सेक्टर-21 सी में पिछले तीन दिन से बिलकुल भी पानी नहीं आ रहा है। जिस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर-21 की सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष बलजिंदर सिंह का कहना है कि ट्यूबवैल की मोटर खराब हो गई है।
हैरानी की बात यह कि स्मार्ट सिटी की बात की जा रही है, लेकिन ट्यूबवैलों में स्टैंड बाई मोटरें ही नहीं रखी हैं। उनका कहना है कि स्मार्ट सिटी में 24 घंटे पानी देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यहां तो लोगों को सुबह और शाम तीन तीन घंटे पानी मिल जाए तो वह ही काफी है।
पानी खरीद कर पी रहे है :
सेक्टर-48 की इंडियन एक्सप्रेस सोसाइटी के फ्लैट नंबर-237 के मोनिका रावत का कहना है कि वह एक माह से पीने का पानी खरीद रहे हैं। उनका कहना है कि हर तीसरे दिन 20 लीटर पानी की बोतल खरीद रहे हैं। जबकि नहाने और कपड़े धोने के लिए पानी मोटर से चढ़ाया जाता है।
मेयर के वार्ड में तीन दिन से पानी नहीं :
मेयर आशा जसवाल के वार्ड में शामिल सेक्टर-21 सी में पिछले तीन दिन से बिलकुल भी पानी नहीं आ रहा है। जिस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सेक्टर-21 की सिटीजन एसोसिएशन के अध्यक्ष बलजिंदर सिंह का कहना है कि ट्यूबवैल की मोटर खराब हो गई है।
हैरानी की बात यह कि स्मार्ट सिटी की बात की जा रही है, लेकिन ट्यूबवैलों में स्टैंड बाई मोटरें ही नहीं रखी हैं। उनका कहना है कि स्मार्ट सिटी में 24 घंटे पानी देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन यहां तो लोगों को सुबह और शाम तीन तीन घंटे पानी मिल जाए तो वह ही काफी है।
टंकियों पर तो दूर ऊपर की मजिलों तक ही पानी नहीं पहुंचता
टैंकर से पानी भरते लोग
- फोटो : अमर उजाला
फॉसवेक के वाइस चेयरमैन एवं सेक्टर-43 निवासी हितेश पुरी का कहना है कि उनकी एचआईजी कालोनी में छतों की टंकियों तक पानी तो दूर ऊपर की मंजिलों में पानी भी नहीं आ रहा है। निचली फ्लोर में भी लो प्रैशर का पानी आ रहा है। जबकि नगर निगम पानी के रेट बढ़ाने का लोगों पर दबाव बना रहा है।
116 एमजीडी पानी की है मांग :
गर्मी में शहर में पानी की मांग 116 एमजीडी पानी की हो जाती है। इस समय शहर को कजौली वाटर वर्क्स से 58 एमजीडी पानी मिल रहा है जबकि शहर में लगे 235 ट्यूबवैल से 22 एमजीडी पानी मिल रहा है। ऐसे में गर्मियों में 36 एमजीडी पानी की शार्टेज होती है जो कि इस साल भी लोगों को सहनी पड़ रही है।
वाटर सप्लाई कमेटी की सिर्फ एक बैठक :
शहर में पानी का संकट गहराया हुआ है, लेकिन इस साल अब तक वाटर सप्लाई कमेटी की एक ही बैठक हुई है। हालांकि कमेटी के चेयरमैन सतीश कैंथ का कहना है कि जल्द ही बैठक की जाएगी और लो प्रैशर की शिकायतों की जांच करने वह खुद फील्ड में निकलेंगे। उनका कहना है कि कजौली वाटर वर्क्स के दो नए फेज से पानी लाने का काम जारी है। अगली गर्मियों में कोई दिक्कत नहीं रहेगी। शहर को 34 एमजीडी नया पानी मिल जाएगा।
मेयर बोली, दूर की जाएंगी सभी शिकायतें :
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि उन्होंने वाटर सप्लाई कमेटी के सभी सदस्यों को ट्यूबवैलों का निरीक्षण करने के लिए कहा है। उनका कहना है कि सेक्टर-21सी में आई पानी की किल्लत को दूर कर दिया गया है। ट्यूबवैल की मोटर ठीक करवा दी गई है।
इससे पहले सेक्टर-34 से भी पानी के लो प्रैशर की शिकायत आई है। उनका कहना है कि वाटर सप्लाई कमेटी के सदस्यों के साथ वह खुद सोमवार को बैठक करेगी। जहां जहां से पानी की शिकायतें आ रही है उसे दूर किया जाएगा। 0172-2540200 पर फोन करके शहरवासी अपने घर पर पानी का टैंकर भी मंगवा सकते हैं।
116 एमजीडी पानी की है मांग :
गर्मी में शहर में पानी की मांग 116 एमजीडी पानी की हो जाती है। इस समय शहर को कजौली वाटर वर्क्स से 58 एमजीडी पानी मिल रहा है जबकि शहर में लगे 235 ट्यूबवैल से 22 एमजीडी पानी मिल रहा है। ऐसे में गर्मियों में 36 एमजीडी पानी की शार्टेज होती है जो कि इस साल भी लोगों को सहनी पड़ रही है।
वाटर सप्लाई कमेटी की सिर्फ एक बैठक :
शहर में पानी का संकट गहराया हुआ है, लेकिन इस साल अब तक वाटर सप्लाई कमेटी की एक ही बैठक हुई है। हालांकि कमेटी के चेयरमैन सतीश कैंथ का कहना है कि जल्द ही बैठक की जाएगी और लो प्रैशर की शिकायतों की जांच करने वह खुद फील्ड में निकलेंगे। उनका कहना है कि कजौली वाटर वर्क्स के दो नए फेज से पानी लाने का काम जारी है। अगली गर्मियों में कोई दिक्कत नहीं रहेगी। शहर को 34 एमजीडी नया पानी मिल जाएगा।
मेयर बोली, दूर की जाएंगी सभी शिकायतें :
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि उन्होंने वाटर सप्लाई कमेटी के सभी सदस्यों को ट्यूबवैलों का निरीक्षण करने के लिए कहा है। उनका कहना है कि सेक्टर-21सी में आई पानी की किल्लत को दूर कर दिया गया है। ट्यूबवैल की मोटर ठीक करवा दी गई है।
इससे पहले सेक्टर-34 से भी पानी के लो प्रैशर की शिकायत आई है। उनका कहना है कि वाटर सप्लाई कमेटी के सदस्यों के साथ वह खुद सोमवार को बैठक करेगी। जहां जहां से पानी की शिकायतें आ रही है उसे दूर किया जाएगा। 0172-2540200 पर फोन करके शहरवासी अपने घर पर पानी का टैंकर भी मंगवा सकते हैं।