फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   ward number increasing in chandigarh after 9 years

चंडीगढ़ में नौ साल बाद अब फिर बढ़ेंगे वार्ड

Mon, 22 Jun 2015 03:52 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 22 Jun 2015 03:52 PM IST
विज्ञापन
ward number increasing in chandigarh after 9 years

प्रशासन जल्द ही नगर निगम के वार्ड बढ़ाने पर फैसला ले सकता है। इससे पहले वर्ष-2006 में वार्डों की संख्या 20 से बढ़ाकर 26 की गई थी और अब अगले साल ही दिसंबर में चुनाव होने वाला है। इसलिए प्रशासन चाहता है कि इसी साल नए सिरे से वार्डबंदी करा दी जाए।

विज्ञापन


इसी कड़ी में प्रशासन ने बुधवार को बैठक बुलाई है। इस दौरान सलाहकार विजय देव के नेतृत्व में नए सिरे से वार्डबंदी का निर्णय लिया जा सकता है। उम्मीद है कि नई वार्डबंदी के बाद वार्डों की संख्या 32 से 40 तक हो सकती है।
विज्ञापन


नगर निगम चाहता है कि इस समय जो 13 गांव प्रशासन के अंतर्गत आते हैं, उन्हें नगर निगम में शामिल करके वार्डों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके लिए नगर निगम नवंबर 2013 में तत्कालीन मेयर सुभाष चावला के कार्यकाल में 10 शर्तों के साथ प्रस्ताव भी पास कर चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नगर निगम में गांव शामिल होने के बाद शहर से पंचायती राज भी समाप्त हो जाएगा, लेकिन एक शर्त पर प्रशासन को आपत्ति है, जिसमें कहा गया है कि गांवों को शामिल करने के बाद आबादी के बाहर बने मकानों को भी रेगुलर किया जाए।

सूत्रों का कहना है कि अगर गांवों को निगम में शामिल करने पर सहमति नहीं बनी तो साल 2011 की जनगणना के आधार पर भी वार्डों की संख्या 32 तक पहुंच सकती है। प्रशासन चाहता है कि हर वार्ड में मतदाताओं की संख्या बराबर हो, जबकि इस समय ऐसा नहीं है।

पुनर्वास योजना के तहत कालोनियों को हटाकर हजारों लोगों को धनास, मौलीजागरां और सेक्टर-49 में शिफ्ट किया जा चुका है। ऐसे में नई वार्डबंदी जरूरी है।

इस समय पांच गांव हैं निगम के अधीन
शहर में कुल 17 गांव हैं, जिनमें पांच गांवों को साल 2006 में नगर निगम में शामिल करके वार्ड की संख्या 20 से बढ़ाकर 26 कर दी गई थी। इन गांवों का विकास अब नगर निगम ही कर रहा है। इस समय जो गांव नगर निगम में शामिल हैं, उनमें हल्लोमाजरा, कजेहड़ी, पलसौरा, मलोया और डड्डूमाजरा शामिल हैं।

इन गांवों को शामिल करने का है प्रस्ताव
किशनगढ़, मौलीजागरां, दड़वा, रायपुरकलां, मक्खन माजरा, बहलाना, रायपुर खुर्द, धनास, सारंगपुर, खुड्डा अलीशेर, कैंबवाला, खुड्डा लहौरा और खुड्डा जस्सू ऐसे गांव हैं, जिन्हें नगर निगम में शामिल करने पर चर्चा होगी। यदि इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई तो पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद और मार्केट कमेटी के चुनाव नहीं होंगे। इसलिए गांव के कई प्रतिनिधि निगम में शामिल होने का विरोध भी कर रहे हैं।

इन्हें प्रतिनिधित्व देने की सिफारिश
नगर निगम से जो प्रस्ताव पास करके प्रशासन को भेजा गया है, उसमें कहा गया है कि ग्राम पंचायत, जिला परिषद और पंचायत समिति के महत्वपूर्ण लोगों को प्रशासन की अलग-अलग कमेटियों में प्रतिनिधित्व दिया जाए, क्योंकि गांव के शामिल होने पर उक्त इकाइयाें का गठन समाप्त हो जाएगा।


शहर में नगर निगम के वार्डों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे पर बुधवार को बैठक बुलाई गई है। सभी पहलुओं पर विचार करके ही प्रशासन निर्णय लेगा।
- विजय देव, सलाहकार

नगर निगम पहले ही 13 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव पास कर चुका है और अंतिम निर्णय प्रशासन को लेना है। प्रस्ताव पास करते हुए प्रशासन से कुछ शर्तें भी पूरी करने के लिए कहा गया है। वार्डों की संख्या बढ़ाने के साथ आबादी के बाहर बने एरिया को भी प्रशासन को रेगुलर कर देना चाहिए।
- सुभाष चावला, पूर्व मेयर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed