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जाट आरक्षण आंदोलन: सरकार और सीएमओ को कमेटी की क्लीन चिट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Jun 2016 05:38 PM IST
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जाट हिंसा पर प्रकाश सिंह ने सीएम को रिपोर्ट सौंपते।
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट ने सरकार और सीएमओ को अपनी रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार और सीएमओ अपने स्तर पर ठीक-ठाक काम कर रहे थे। होम सेक्रेट्री, डीजीपी सहित फील्ड में तैनात अधिकारी सही काम नहीं कर पाए। 414 पेज की इस रिपोर्ट में पेज नंबर 415 और 416 को जोड़ने के बाद यह तथ्य उजागर हुए हैं।
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रिपोर्ट के मुताबिक कैबिनेट की बैठक 18 फरवरी को हुई थी, जिसमें घटनाक्रम का रिव्यू किया गया और स्थिति से निपटने के बारे में चर्चा की गई। 19 फरवरी को 11 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इसमें सभी दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने बैठक में विधानसभा के चालू सत्र में बिल लाने का आश्वासन दिया। इसको लेकर सभी प्रतिनिधि तैयार थे। बाहर निकलकर जनप्रतिनिधियों से शांति व्यवस्था बनाए रखने के बयान भी दिए, लेकिन चंद ही घंटों में उपद्रव शुरू हो गया।
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रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सीएमओ पूरी तरह से मुस्तैद था और संबंधित अधिकारियों को लगातार निर्देश दे रहा था। होम सेक्रेट्री और डीजीपी को को सभी एमपी एमएलए के निवास और कार्यालयों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कहा गया। उपरोक्त दोनों अधिकारियों को वीडियो कांफ्रें स करने के लिए कहा गया। उन्हें यह भी कहा गया कि आईजी और पुलिस अधीक्षकों के साथ सीधा संवाद करें और उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दें। साथ ही मुख्यमंत्री को पल-पल की रिपोर्ट देते रहें।
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घटनाएं होती रहीं और कंट्रोल रूम तक नहीं बना :
प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी राज्य में इस तरह का घटनाक्रम होता है तो सबसे पहले मुख्यालय स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाता है। आश्चर्यजनक है कि राज्य पुलिस ने इस स्तर का कोई प्रयास नहीं किया। हालांकि पांच जून के अल्टीमेटम को देखते हुए इस बार पुलिस ने कंट्रोल रूम की तैयारियां पूरी कर ली हैं।