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खरखौदा शराब घोटाला : अनिल विज की सिफारिश के बावजूद विजिलेंस का एफआईआर दर्ज करने से इनकार

Tue, 03 Nov 2020 01:33 PM IST
ajay kumar प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 03 Nov 2020 01:33 PM IST
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Vigilance refuses to register FIR in liquor scam in Haryana
अनिल विज। - फोटो : फाइल फोटो

हरियाणा के बहुचर्चित खरखौदा शराब घोटाले में एफआईआर दर्ज करने से विजिलेंस ने मना कर दिया है। विजिलेंस इस मामले की जांच बिना एफआईआर के करेगा। इस संबंध में गृह मंत्री अनिल विज ने विजिलेंस को पत्र लिखा था कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की जाए।

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विज ने एसईटी की रिपोर्ट को पूरी तरह से मानने के बाद यह सिफारिश की थी। 

एसईटी की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्री अनिल विज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिपोर्ट विजिलेंस के पास एफआईआर दर्ज कर जांच करने को भेजी थी, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को तलब कर उनके साथ बैठक भी की लेकिन अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह जानकारी मिली कि अभी तक इस मामले में एफआईआर ही दर्ज नहीं हुई।
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लाख मशक्कत के बावजूद जब एफआईआर नहीं हुई तो अनिल विज ने गृह विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज करवा कर जांच शुरू करवाई जाए। पत्र लिखना इसलिए भी जरूरी था कि विजिलेंस गृह विभाग के अधीन नहीं है।

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मालूम हो कि शराब घोटाले की जांच को लेकर पहले से ही मामला ढीला चल रहा है। पहले इस मामले में एसआईटी और एसईटी के गठन पर मामला उलझा रहा। जिसके बाद एसईटी का गठन हुआ, लेकिन एसईटी को शक्तियां नहीं मिली। एसईटी को शक्तियों के लिए पत्र लिखा तो फाइल कानूनी पचड़ों में ही उलझी रही। अंतत: एसईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट गृह मंत्री को सौंपी।

अफसरों पर खड़े हुए सवाल
जांच रिपोर्ट में आईएएस शेखर विद्यार्थी और आईपीएस प्रतीक्षा गोदारा की भूमिका पर सवाल खड़े हुए। जिसके बाद विज ने इस मामले में विजिलेंस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने को कहा था।

एसईटी ने की कई अधिकारियों से बात
इस मामले में एसईटी ने कई अधिकारियों से बात की है। मामले में आईपीएस जश्नदीप रंधावा से भी बात की गई है। उनके अलावा प्रतीक्षा गोदारा और शेखर विद्यार्थी से बात की गई है। इन तीन अधिकारियों के अलावा प्रदेश में तैनात करीब हर एक डीईटीसी से बात की गई है। सभी अधिकारियों से बातचीत के बाद एसईटी इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि हरियाणा में लॉकडाउन में शराब तस्करी धड़ल्ले से हुई।

विजिलेंस ने इस बारे में एफआईआर दर्ज करने से इनकार किया है लेकिन इस मामले की जांच चल रही है। - अनिल विज, गृह मंत्री हरियाणा।

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