टेंडर घोटाला: पूर्व मंत्री आशु के करीबी कांग्रेस पार्षद सन्नी भल्ला को विजिलेंस ने किया गिरफ्तार
एसएसपी विजिलेंस रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि सन्नी भल्ला की गिरफ्तारी अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में हुई है। कई ऐसे तथ्य मिले है जिससे यह कहा जा सकता है कि घोटाले में सन्नी भल्ला की भी मिलीभगत है। सन्नी भल्ला को पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया था। कई ऐसे सवाल थे जिनके वह जवाब नहीं दे पा रहे थे। इसके बाद सन्नी भल्ला को गिरफ्तार किया गया है।
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अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में विजिलेंस ने बुधवार को एक और बड़ी कार्रवाई की। पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के सबसे करीबी पार्षद सन्नी भल्ला को विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को सन्नी भल्ला को विजिलेंस की टीम ने पूछताछ के लिए बुलाया था। कई सवालों के जवाब मांगे। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने भल्ला को गिरफ्तार कर लिया है।
पार्षद सन्नी भल्ला पर भी आरोप है कि अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले की उनको जानकारी थी और एजेंसी को उनकी मिलीभगत के भी सबूत मिले हैं। विजिलेंस की टीम ने त्योहार से पहले बड़ी कार्रवाई कर महानगर के कांग्रेसियों को बड़ा झटका दिया है। पार्षद सन्नी भल्ला के गिरफ्तार करने के बाद कांग्रेसियों की सांसे फूलने लगी है।
सन्नी भल्ला को विजिलेंस गुरुवार को अदालत में पेश करेगी। बता दें कि टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री आशु को विजिलेंस ने लुधियाना के एक सैलून से गिरफ्तार किया था। करीब आठ दिन पुलिस रिमांड पर रखने के बाद उन्हें पटियाला जेल भेज दिया गया है। इस घोटाले की जांच में कई टीमें लगी हैं।
मेयर और कारोबारी हेमंत सूद से भी हो चुकी पूछताछ
पार्षद सन्नी भल्ला की गिरफ्तारी के बाद अब महानगर के मेयर बलकार सिंह संधू और महानगर के बड़े कारोबारी हेमंत सूद की मुश्किलें बढ़ सकती है। जिस समय पूर्व मंत्री आशु रिमांड पर चल रहे थे तो विजिलेंस की टीम ने मेयर बलकार संधू को बुलाया था। उनके बाद महानगर के बड़े कारोबारी और निवेशक हेमंत सूद को भी विजिलेंस ने पूछताछ के लिए बुलाया था। दोनों लोगों से उनकी प्रापर्टी के कागजात और इनकम टैक्स रिटर्न भी मांगा था। सन्नी भल्ला पर कार्रवाई के बाद अब महानगर में चर्चा का बाजार गर्म है कि शहर में अब किसका नंबर है। पूर्व मंत्री के नजदीकियों पर लगातार विजिलेंस का शिकंजा कसती ही जा रही है।
क्या कहते है एसएसपी विजिलेंस
एसएसपी विजिलेंस रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि सन्नी भल्ला की गिरफ्तारी अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में हुई है। कई ऐसे तथ्य मिले है जिससे यह कहा जा सकता है कि घोटाले में सन्नी भल्ला की भी मिलीभगत है। सन्नी भल्ला को पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया था। कई ऐसे सवाल थे जिनके वह जवाब नहीं दे पा रहे थे। इसके बाद सन्नी भल्ला को गिरफ्तार किया गया है। अब उनसे पूछताछ की जा रही है।
क्या है अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाला
दरअसल, नवांशहर के ठेकेदार गुरप्रीत सिंह ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि 2020-21 में अनाज लिफ्टिंग का ठेका खाद्य आपूर्ति विभाग ने चहेते ठेकेदार को देने के लिए नीति में बदलाव किया था। वर्ष 2019-20 तक नीति में केवल गेहूं की आवक के अनुसार खरीद क्लस्टर की क्षमता तय होती थी। विभाग ने 2020-21 में गेहूं के साथ धान की भी आवक के अनुसार खरीद क्लस्टर की क्षमता तय कर दी। इस कारण प्रतिस्पर्धा कम हो गई।
कई ठेकेदारों ने टेंडर में हिस्सा नहीं लिया तो कई ठेकेदारों की कमियां निकालकर ठेका रद्द कर दिया गया। बाद में ठेकेदार तेलूराम और उसके साथियों को ठेका दिया गया। आरोप है कि तेलूराम और उसके साथियों ने ठेका लेने के लिए जिन वाहनों के नंबर दिए थे वह दोपहिया वाहन थे। गेट पास सत्यापन के बिना ही भुगतान कर दिया गया। उस समय भारत भूषण आशु खाद्य आपूर्ति मंत्री थे। यही वजह है कि करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार से जुड़े इस मामले में आशु और उनके पीए को भी इस घोटाले में नामजद किया गया है।