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सफाई पर सेटिंग का कथित ऑडियो वायरल, सदन में बातचीत पर जमकर हंगामा

Tue, 28 Nov 2017 01:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 28 Nov 2017 01:37 PM IST
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Video Viral, Controversy in Nagar Nigam chandiagrh
नगर निगम की बैठक में उपस्थित महिला पार्षद। - फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की सदन की बैठक में सोमवार को सेनिटेशन कमेटी के चेयरमैन और लायंस कंपनी के एक प्रतिनिधि के बीच हुई कथित बातचीत की ऑडियो वायरल होने पर खूब हंगामा हुआ।
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हालांकि सेनिटेशन कमेटी के चेयरमैन व भाजपा पार्षद भरत कुमार ने कहा कि 100 प्रतिशत उनकी आवाज नहीं है और वह इस मामले की पुलिस में शिकायत करेंगे। जबकि कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि सदन में यह ऑडियो सुनाया जाना चाहिए लेकिन पूर्व मेयर अरुण सूद, मेयर आशा जसवाल सहित अन्य भाजपा पार्षद इसलिए तैयार नहीं हुए।
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मालूम हो कि जो ऑडियो वायरल हुआ है उसमें पार्षद और कंपनी के प्रतिनिधि के बीच सेटिंग होने का दावा किया जा रहा है। हंगामे के बाद यह निर्णय लिया गया है कि इसकी अलग से पुलिस में शिकायत की जाएगी और इस ऑडियो की फोरेंसिंक जांच भी करवाई जाएगी। कांग्रेस पार्षद देवेंद्र सिंह बबला को जब ऑडियो सदन में नहीं चलाने दिया गया तो बबला ने मेयर पर आरोप लगाया कि वह कंपनी का बचाव कर रही है जिस पर भाजपा पार्षद देवेश मौदगिल ने कहा कि बबला के इस आरोप पर उन्हें सदन से बर्खास्त किया जाए जबकि मौदगिल ने वायरल हुए ऑडियो की सीबीआई जांच करवाने की मांग की।
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मालूम हो कि इस समय दक्षिणी सेक्टरों में सफाई के लिए लायंस कंपनी को प्रति माह 4 करोड़ 26 लाख रुपये की राशि दी जाती है इस कंपनी पर समय-समय पर कांग्रेस पार्षदों की ओर से आरोप लगते रहे हैं। लेकिन भाजपा के कई पार्षद पिछले सदन में भी इस कंपनी का बचाव करते आए हैं। इस कंपनी को ही पिछले माह सेक्टर-48 की ग्रीन बेल्ट में खुले में कचरा फेंकते हुए पकड़ा गया था जिसकी नगर निगम ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। इस पर नगर निगम ने भी कंपनी पर 5500 के जुर्माने का चालान किया था।

इसके साथ ही हर माह सवा चार करोड़ की राशि कंपनी को देने पर सवाल उठ रहे हैं। जबकि अधिकतर पार्षदों का दावा है कि ऑडियो में सेनिटेशन कमेटी के चेयरमैन भरत कुमार की आवाज नहीं है। यह सिर्फ बदनाम करने की एक शरारत है। भाजपा पार्षद देवेश मौदगिल ने भी सदन में कहा कि क्या इस सारे षडयंत्र में लायंस कंपनी तो शामिल नहीं है। मौदगिल ने कहा कि अगर यह भरत की आवाज नहीं है तो यह काफी गंभीर मामला है। यह पूरा ऑडियो स्क्रिप्ट लिखकर तैयार किया गया है।

ड्राफ्ट पार्किंग पॉलिसी पर चर्चा नहीं की
विवाद से बचने के लिए नगर निगम ने प्रशासन की ओर से पार्किंग पर बनाई ड्राफ्ट पॉलिसी पर चर्चा ही नहीं की। इसलिए सदन में इस पॉलिसी को स्थगित कर दिया गया। जबकि नगर निगम कमिश्नर जितेंद्र यादव ने कहा कि यह सिर्फ पार्षदों की जानकारी के लिए सदन में लाई गई है अगर किसी को इस पॉलिसी पर कोई सुझाव देना है तो वह सीधा प्रशासन को दे सकता है। सुझाव देने के लिए 15 दिन का समय है। मालूम हो कि भाजपा इस पॉलिसी से बच रही है क्योंकि इस पॉलिसी में दूसरी कार खरीदने पर 50 प्रतिशत रोड टैक्स चार्ज करने की शर्त का वीआईपी लोग विरोध कर रहे हैं इसलिए भाजपा पार्षदों ने इससे दूरी बना ली है।

रोज फेस्टिवल पर 55 लाख होगा खर्चा
अगले साल फरवरी माह में होने वाले रोज फेस्टिवल पर 55 लाख का खर्चा होगा। यह खर्चा नगर निगम ने पास कर दिया है। जबकि मेयर ने सभी पार्षदों को कहा कि फेस्टिवल के लिए ज्यादा से ज्यादा सपोंसरशिप तलाशी जाएगी।

मलोया में ग्वालों को अलाट होने वाली लीज हुई तय
सदन की बैठक में मलोया की मिल्क कालोनी में अलाट हुए प्लाट की लीज मनी तय की गई। अब यहां पर ग्वालों से 33 साल की लीज तय की जाएगी। हर साल की करीब एक ग्वाले से 37 हजार रुपये की लीज ली जाएगी।

अधिकारियों ने कालोनी में ग्वालों के बने प्लांट की रिपोर्ट भी पेश की। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल 411 प्लॉट है जिनमें इस समय 129 प्लॉट खाली है और 76 प्लॉटों पर अतिक्रमण हुआ पड़ा है जबकि 74 प्लॉटों का गलत प्रयोग हो रहा है। सिर्फ असली 132 ग्वाले हैं जिन्हें यहां पर प्लाट पहले से ही अलाट हुए हैं।

धार्मिक आयोजन के लिए नहीं मिलेगी कम्यूनिटी सेंटर में मंजूरी
चंडीगढ़। शहर के कम्यूनिटी सेंटरों को धार्मिक आयोजन के लिए बुकिंग करने की मांग को नगर निगम के सदन ने खारिज कर दिया है। जबकि कम्यूनिटी सेंटरों के लिए गठित कमेटी ने जो नए प्रस्तावित बायलॉज बनाए उसमें इस शर्त को रखा गया था कि धार्मिक आयोजन के लिए भी बुकिंग हो पाएगी, लेकिन सोमवार को कई पार्षदों ने इसका विरोध किया तो उन्होंने कहा कि ऐसे में हर धर्म के लोग अपने आयोजन के लिए आ जाएंगे।

जिससे दिक्कत बढ़ जाएगी। कमेटी के चेयरमैन और पूर्व मेयर अरुण सूद ने हर शर्त को पढ़कर सदन को बताया। इसके साथ ही सदन सेक्टर-23 के जंजघर को गेस्ट हाउस बनाने के फैसले को पलट दिया है। निगम के अनुसार अधिकतर लोग चाहते हैं कि यह जंजघर ही रहे। जबकि मेयर आशा जसवाल ने अधिकारियों को कहा कि कैटेगिरी वाइज कम्यूनिटी सेंटरों को उसमें मिलने वाली सुविधाओं के अनुसार बांट लेना चाहिए।

मार्केट एसोसिएशन को भी नि:शुल्क मिलेगा कम्यूनिटी सेंटर
बैठक में जब आरडब्लयूए को माह में एक बार कम्यूनिटी सेंटर निशुल्क देने का प्रस्ताव पास किया तो मनोनीत पार्षद एवं व्यापार मंडल के चेयरमैन चरणजीव सिंह ने भी यह प्रस्ताव रखा कि सभी मार्केट एसोसिएशन को भी अपने एरिया के कम्यूनिटी सेंटर में माह में एक बार बैठक करने की मंजूरी दी जाए जिसे सदन ने मान लिया।


होटलों के बाहर के लॉन के रेट काफी कम
भाजपा पार्षद सतीश कैंथ की ओर से कहा गया कि शहर में कई होटल ऐसे है जिन्होंने होटल के बाहर की सरकारी जमीन को लॉन में बदल लिया है। यह बगीचे शादियों के आयोजन के लिए बुक होते है।  कैंथ ने कहा कि इसकी बुकिंग की राशि के लिए नगर निगम को जो होटल द्वारा शुल्क दिया जाता है वह काफी कम है। ऐसे में निर्णय लिया गया कि अगले सदन की बैठक में इस पर डिटेल रिपोर्ट लाई जाएगी।

 
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