निर्भया फंड से 25 हजार वाहनों में लगेगा ये खास सिस्टम, बटन दबाते ही चंडीगढ़ पहुंचेगा संदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए सूबे में चल रही सभी सरकारी और निजी बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) की कवायद शुरू हो गई है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे जालंधर डिपो से शुरू किया गया है। इस समय प्रदेश में लगभग तीन हजार सरकारी, सात हजार निजी बसें दौड़ रही है।
इसके अलावा वीटीएस को 15 हजार स्कूल वाहनों में भी लगाया जाएगा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार अप्रैल माह तक यह सिस्टम लगभग सभी वाहनों पर लग जाएगा। वीटीएस सिस्टम लगाने के लिए सरकार ने एक कंपनी को ठेका दिया है।
निर्भया कांड के बाद केंद्र सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को देखते निर्भया फंड का गठन किया गया था। इसमें सभी राज्यों को पैसा जारी किया जा चुका है। इस फंड के इस्तेमाल करने के लिए कुछ शेयर राज्य सरकार को भी देना होगा। ट्रांसपोर्ट विभाग ने अब फैसला लिया है कि वह सभी सरकारी, निजी और स्कूल बस में इस सिस्टम को लगाया जाएगा। ताकी किसी भी बस में किसी भी महिला या यात्री को कोई भी समस्या आती है तो वह इसका फायदा ले सके।
वीटीएस के साथ सभी वाहनों में एक पेनिक बटन भी लगेगा। यह बटन बस में एक सीट छोड़कर लगेगा। जैसे ही किसी व्यक्ति को कोई भी समस्या होगी, वह तुरंत पेनिक बटन को दबा सकता है। बटन दबाते ही चंडीगढ़ में बनाए गए कंट्रोल रूम में इसकी सूचना मिलेगी। तुरंत ही बस के अंदर लगे कैमरा ऑन हो जाएगा।
कंट्रोल रूम बैठा व्यक्ति तुरंत इसकी जानकारी नजदीकी पुलिस स्टेशन को देगा, ताकी फौरन व्यक्ति को राहत मिल सके। इसके अलावा आम लोगों के लिए एक एप भी जारी होगा। इस एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति बस की लोकेशन को देख सकता है कि वह इस समय कहां पर पहुंची है।
सिस्टम से बड़े ट्रांसपोर्ट घरानों में मची खलबली
ट्रांसपोर्ट विभाग की तरफ लगाए जा रहे वीटीएस को लेकर बड़े ट्रांसपोर्ट घरानों में खलबली मच गई है। क्योंकि बसों के टाइम टेबल को लेकर हमेशा निजी चालक मनमर्जी करते आ रहे है। इससे सरकार के खजाने के हमेशा चपत लगती आ रही है। वीटीएस लागू होने के बाद कोई भी निजी बस चालक समय से पहले वाहन चला नहीं सकेगा। यहां तक बस की स्पीड को भी ऑनलाइन चेक किया जा सकेगा। वही बसों में कैमरा लगे होने पर संख्या से अधिक सवारी बैठाने का खुलासा भी होगा।
वीटीएस और पैनिक बटन सिस्टम लगाने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग ने कंपनी को ठेका दे दिया है। सबसे पहले जालंधर डिपो की बसों में इस सिस्टम को लगाने का काम चल रहा है। अप्रैल के अंतर तक सभी सरकारी, प्राइवेट और स्कूल बसों में इस सिस्टम को लगा दिया जाएगा। इसका कंट्रोल रूम चंडीगढ़ में बनाया गया है। यहां से हर बस पर अधिकारी नजर रख सकते है। - रविंदर सिंह गिल, सहायक ट्रांसपोर्ट कमिश्नर