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गृहणियों के लिए बड़ी खबर, सब्जियों सस्ती हो गई हैं, देखिए नई कीमतें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 02 Jan 2017 04:58 PM IST
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एक सब्जी की दुकान पर रखीं सब्जियां
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गृहणियों के लिए बड़ी खबर। उनकी रसाई अब आसान हो गई है, क्योंकि सब्जियां सस्ती हो गई हैं। नई कीमतें जानकार काफी खुशी होगी। इसका कारण है नोटबंदी। इससे जहां व्यापारियों, किसानों, आढ़तियों का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ, वहां गृहणियों को इससे बड़ा फायदा हुआ।
इस समय सब्जियों के रेट इतने कम हो गए हैं, जितने कि 7 साल पहले हुआ करते थे। इसका बुरा प्रभाव किसानों पर पड़ा है। उन्हें अपनी फसल के पूरी कीमत नहीं मिल पा रही है। किसानों को मंडी में सब्जी लाने का किराया मुश्किल से निकल रहा है।
सब्जियों के रेट में (किलो में)
सब्जी-------------वर्तमान रेट---------7 दिसंबर के रेट
मटर------------------15---------------80
फूलगोभी----------------5---------------60
बैगन------------------10---------------30
शिमला मिर्च------------20---------------60
खीरा------------------20---------------40
बीन-------------------20--------------60
गाजर------------------20--------------30
नींबू-------------------50--------------100
लहसुन----------------140-------------150
आलू--------------------8--------------20
प्याज-------------------16-------------30
अरबी-------------------30-------------40
कद्दू-------------------20-------------25
लौकी------------------30--------------50
हरी मिर्च----------------40--------------60
अदरक-----------------40--------------40
टमाटर-----------------20--------------50 से 60
लाल शिमला मिर्च--------40---------------100
मशरूम----------------70---------------100
जिमीकंद---------------40---------------60
दालों के रेट
दाल---------वर्तमान रेट-------7 दिसंबर के रेट
मूंग------------80--------------95
मा साबुत------110-------------120
राजमा--------110--------------120
अरहर--------120--------------130
पांच पांच साल पहले इस सीजन में टमाटर और प्याज 50 से 60 रुपये किलो बिकता था, लेकिन इस बार नोटबंदी के कारण इसमें काफी गिरावट आई है। किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। बंदगोभी 5 रुपये किलो परचून में ही बिक रही है, जबकि किसानों से आढ़ती दो रुपये किलो में ही खरीद रहे हैं। ऐसे में उनको लाने का भाड़ा भी पूरा नहीं हो रहा है।
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- देसराज, अध्यक्ष, स्माल सेलर वेजिटेबल एसोसिएशन
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इस समय सब्जियों के रेट इतने कम हो गए हैं, जितने कि 7 साल पहले हुआ करते थे। इसका बुरा प्रभाव किसानों पर पड़ा है। उन्हें अपनी फसल के पूरी कीमत नहीं मिल पा रही है। किसानों को मंडी में सब्जी लाने का किराया मुश्किल से निकल रहा है।
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सब्जियों के रेट में (किलो में)
सब्जी-------------वर्तमान रेट---------7 दिसंबर के रेट
मटर------------------15---------------80
फूलगोभी----------------5---------------60
बैगन------------------10---------------30
शिमला मिर्च------------20---------------60
खीरा------------------20---------------40
बीन-------------------20--------------60
गाजर------------------20--------------30
नींबू-------------------50--------------100
लहसुन----------------140-------------150
आलू--------------------8--------------20
प्याज-------------------16-------------30
अरबी-------------------30-------------40
कद्दू-------------------20-------------25
लौकी------------------30--------------50
हरी मिर्च----------------40--------------60
अदरक-----------------40--------------40
टमाटर-----------------20--------------50 से 60
लाल शिमला मिर्च--------40---------------100
मशरूम----------------70---------------100
जिमीकंद---------------40---------------60
दालों के रेट
दाल---------वर्तमान रेट-------7 दिसंबर के रेट
मूंग------------80--------------95
मा साबुत------110-------------120
राजमा--------110--------------120
अरहर--------120--------------130
पांच पांच साल पहले इस सीजन में टमाटर और प्याज 50 से 60 रुपये किलो बिकता था, लेकिन इस बार नोटबंदी के कारण इसमें काफी गिरावट आई है। किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। बंदगोभी 5 रुपये किलो परचून में ही बिक रही है, जबकि किसानों से आढ़ती दो रुपये किलो में ही खरीद रहे हैं। ऐसे में उनको लाने का भाड़ा भी पूरा नहीं हो रहा है।
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- देसराज, अध्यक्ष, स्माल सेलर वेजिटेबल एसोसिएशन