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यूटी की नई फीस पॉलिसी पर बनी सहमति, एडवाइजर ने दी मंजूरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 21 Feb 2017 09:28 AM IST
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- फोटो : File Photo
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शहर के प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस और अन्य खर्चों पर नकेल कसने के लिए नई फीस पॉलिसी को यूटी प्रशासनिक स्तर पर मंजूरी मिल गई है। सूत्रों के अनुसार सोमवार एडवाइजर परिमल राय और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों की फीस पॉलिसी की फाइल को लेकर बैठक हुई और पॉलिसी को मंजूरी दे दी गई।
इस पर अंतिम मुहर के लिए यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनोर के पास भेज गया है। अगले दो-तीन दिन में यूटी की नई फीस पॉलिसी पर अंतिम मुहर लग जाएगी। लेकिन यूटी प्रशासन इस मामले में एमएचए से भी मंजूरी लेगा। अधिकारियों के अनुसार अप्रैल से पहले यूटी की नई फीस पॉलिसी हर हाल में लागू कर दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में एंट्री लेवल दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फीस पॉलिसी लागू नहीं होने से कई प्राइवेट स्कूलों ने अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलनी शुरू कर दी। मामले को लेकर कई प्राइवेट स्कूलों के अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
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चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन करीब 9 महीने सेे प्राइवेट स्कूलों की फीस, प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें पाठ्यक्रमों में शामिल करने और स्कूल कैंपस में ही मनमाने ढंग से ड्रेस बेचने के खिलाफ आवाज उठा रही है। अभिभावकों के विरोध को देखते हुए यूटी प्रशासन ने अब पंजाब की एजुकेशन फीस पॉलिसी-2016 को ही फॉलो करने का फैसला लिया है। पॉलिसी में कुछ संशोधन करने की सिफारिश की गई है।
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इस पर अंतिम मुहर के लिए यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनोर के पास भेज गया है। अगले दो-तीन दिन में यूटी की नई फीस पॉलिसी पर अंतिम मुहर लग जाएगी। लेकिन यूटी प्रशासन इस मामले में एमएचए से भी मंजूरी लेगा। अधिकारियों के अनुसार अप्रैल से पहले यूटी की नई फीस पॉलिसी हर हाल में लागू कर दी जाएगी।
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जानकारी के अनुसार प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में एंट्री लेवल दाखिले की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फीस पॉलिसी लागू नहीं होने से कई प्राइवेट स्कूलों ने अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलनी शुरू कर दी। मामले को लेकर कई प्राइवेट स्कूलों के अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
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चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन करीब 9 महीने सेे प्राइवेट स्कूलों की फीस, प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें पाठ्यक्रमों में शामिल करने और स्कूल कैंपस में ही मनमाने ढंग से ड्रेस बेचने के खिलाफ आवाज उठा रही है। अभिभावकों के विरोध को देखते हुए यूटी प्रशासन ने अब पंजाब की एजुकेशन फीस पॉलिसी-2016 को ही फॉलो करने का फैसला लिया है। पॉलिसी में कुछ संशोधन करने की सिफारिश की गई है।
एमएचएस से भी ली जाएगी मंजूरी
स्कूल स्टूडेंट्स
- फोटो : File Photo
गौरतलब है कि यूटी के पूर्व शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह की ओर से फीस पॉलिसी ड्राफ्ट तैयार किया गया था। लेकिन प्रशासन के कानून अधिकारियों ने उसे रद्द कर दिया। जिसके बाद यूटी प्रशासन ने पंजाब फीस पॉलिसी एक्ट-2016 को ही लागू करने का फैसला किया। मामले को लेकर यूटी प्रशासन के अधिकारियों की 27 जनवरी और फिर 15 फरवरी दो बार मीटिंग स्थगित हो चुकी है। सोमवार को मामले में आपात बैठक बुलाकर फीस पॉलिसी को प्रशासनिक स्तर पर मंजूरी देकर प्रशासक के पास भेज दिया है।
क्या होगा नई फीस पॉलिसी में
यूटी में पंजाब के सर्विस रूल्स फॉलो होने के कारण पंजाब की फीस पॉलिसी एक्ट-2016 को लागू किया जाएगा। पॉलिसी के तहत कोई भी स्कूल 8 फीसदी से अधिक ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकेगा। प्राइवेट स्कूलों की फीस की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों का एक बोर्ड गठित होगा। फीस में मनमानी करने वाले स्कूलों पर 30 हजार से 1.50 लाख तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
क्या होगा नई फीस पॉलिसी में
यूटी में पंजाब के सर्विस रूल्स फॉलो होने के कारण पंजाब की फीस पॉलिसी एक्ट-2016 को लागू किया जाएगा। पॉलिसी के तहत कोई भी स्कूल 8 फीसदी से अधिक ट्यूशन फीस नहीं बढ़ा सकेगा। प्राइवेट स्कूलों की फीस की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों का एक बोर्ड गठित होगा। फीस में मनमानी करने वाले स्कूलों पर 30 हजार से 1.50 लाख तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।