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हरियाणा-पंजाब नहीं दे रहे यूटी को डाक्टर, बिना स्पेशलिस्ट के चल रहे हैं अस्पताल

Mon, 26 Dec 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 26 Dec 2016 12:03 AM IST
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UT Haryana-Punjab are not doctors, are running without specialist hospital
चिकित्सक - फोटो : demo pic

करीब 17 साल  बाद 63 डाक्टरों के पद स्वीकृत किए गए थे। काफी मेहनत के बाद बड़ी कामयाबी थी। छह महीने बीत गए हैं, लेकिन अब तक एक भी डाक्टर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इससे चंडीगढ़ अस्पतालों के कई डिपार्टमेंट बिना स्पेशलिस्ट के चल रहे हैं। 

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यूटी प्रशासन की दलील है कि डाक्टरों की नियुक्ति में हरियाणा व पंजाब सहयोग नहीं कर रहे। दोनों राज्यों की राजधानी होने के कारण पंजाब व हरियाणा से डाक्टरों के नाम आने थे, लेकिन अभी तक दोनों राज्यों से नाम नहीं आ पाए है। बताया गया है कि यूटी प्रशासन ने कई बार हरियाणा व पंजाब को पत्र लिखे। 
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मीटिंग हुई लेकिन कोई ठोस रिस्पांस नहीं मिल पाया। इस वजह से डाक्टरों की नियुक्ति नहीं हो पाई है। बीच में यूटी ने अपनी तरफ डाक्टरों की नियुक्ति का प्रोसेस शुरू किया था, लेकिन उसी वक्त हरियाणा व पंजाब के चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि यूटी अपना खुद का कैडर नहीं बना सकता। 

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रेगुलर डाक्टरों की नियुक्ति नहीं होने से दिक्कत

UT Haryana-Punjab are not doctors, are running without specialist hospital
डॉक्टर

हरियाणा व पंजाब से ही भेजे गए डाक्टरों से पद भरे जाएंगे। इस बात को हुए काफी दिन बीत गए हैं, लेकिन अब तक नाम नहीं भेज गए। सूत्रों ने बताया है कि हरियाणा व पंजाब में भी डाक्टरों की काफी कमी है। दोनों राज्यों में कई बार विज्ञापन निकाले गए, लेकिन पद नहीं भर पाए। 

जब राज्यों में ही पूरे नहीं हो रहे हैं तो यूटी में कैसे भेजेंगे? इस वजह से डाक्टरों की पोस्ट नहीं भरी जा रही। बताया गया है कि बाद में पंजाब से कुछ नाम तो भेजे गए, लेकिन हरियाणा से तो एक भी नाम नहीं आए हैं। यूटी प्रशासन ने बताया है कि यदि 31 दिसंबर तक  नाम नहीं आते हैं, तो यूटी अपनी तरफ डाक्टरों की भरती के लिए कोई इंतजाम करेगा। विकल्प के तौर पर कांट्रैक्ट पर डाक्टरों की नियुक्ति कर सकता है।

रेगुलर डाक्टरों की नियुक्ति नहीं होने से दिक्कत
रेगुलर डाक्टरों की नियुक्ति नहीं होने शहर के सिविल अस्पताल बिना स्पेशलिस्ट के चल रहे हैं। इससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मरीज सीधे जीएमएसएच 16 आते हैं। इससे मरीजों की बेवजह भीड़ बढ़ती है। सेक्टर 22 में तो मेडिसिन, सर्जन, आरथो, ईएनटी के डाक्टर नहीं है। ये सभी मरीज जीएमएसएच 16 आते हैं। आई और स्किन की ओपीडी हफ्ते में कुछ दिन चलती है। ऐसा ही कुछ हाल सेक्टर 45 का है।

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