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अफसरों और कर्मियों के लिए कड़ा फरमान, अब रिटायर होते ही खाली करना होगा सरकारी आवास
Fri, 31 May 2019 11:42 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 31 May 2019 11:42 AM IST
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पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अफसरों और कर्मचारियों के लिए यूटी प्रशासन की ओर से हाउस अलॉटमेंट को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। अब रिटायर्ड होते ही चंडीगढ़ की तरह पंजाब और हरियाणा के भी अफसरों को सरकारी मकान खाली करने पड़ेंगे। ये अफसर चाहे किसी आयोग अथवा बोर्ड के अध्यक्ष ही क्यों न हों।
यूटी प्रशासन के इस निर्णय से 7ए टाइप के 30 बड़े आवास जल्द ही प्रशासन को मिल जाएंगे। यूटी प्रशासन की ओर से हॉल ही में पंजाब और हरियाणा को एक पत्र जारी करके चंडीगढ़ की तर्ज पर ही हाउस अलॉटमेंट प्रक्रिया को चलाने की बात कही गई थी।
प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि पत्र में कहा गया था कि जिस प्रकार से चंडीगढ़ के अफसर रिटायर होने के तुरंत बाद सरकारी मकानों को खाली कर देते हैं। उसी प्रकार से पंजाब और हरियाणा के अफसरों को भी सरकारी मकानों को खाली कर देना चाहिए।
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चाहे वह अफसर किसी सरकार में किसी बोर्ड या फिर आयोग का सदस्य ही क्यों न हो। पत्र में लिखा गया है कि इससे बाहर से आने वाले अफसरों को आसानी से सरकारी मकान अलॉट हो सकेगा।
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यूटी प्रशासन के इस निर्णय से 7ए टाइप के 30 बड़े आवास जल्द ही प्रशासन को मिल जाएंगे। यूटी प्रशासन की ओर से हॉल ही में पंजाब और हरियाणा को एक पत्र जारी करके चंडीगढ़ की तर्ज पर ही हाउस अलॉटमेंट प्रक्रिया को चलाने की बात कही गई थी।
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प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि पत्र में कहा गया था कि जिस प्रकार से चंडीगढ़ के अफसर रिटायर होने के तुरंत बाद सरकारी मकानों को खाली कर देते हैं। उसी प्रकार से पंजाब और हरियाणा के अफसरों को भी सरकारी मकानों को खाली कर देना चाहिए।
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चाहे वह अफसर किसी सरकार में किसी बोर्ड या फिर आयोग का सदस्य ही क्यों न हो। पत्र में लिखा गया है कि इससे बाहर से आने वाले अफसरों को आसानी से सरकारी मकान अलॉट हो सकेगा।
पंजाब ने किया मंजूर
आवास अलॉटमेंट को लेकर यूटी प्रशासन के फार्मूले को पंजाब ने स्वीकार कर लिया है, जबकि हरियाणा ने अभी इस मसले पर पत्राचार की बात कही है। पंजाब की ओर से प्रशासन के सुझाव पर अमल करने की बात कही गई है, इसलिए अब जल्द ही 7ए टाइप के करीब 30 बड़े मकान प्रशासन को मिल जाएंगे। इसके बाद प्रशासन इन आवासों को वेटिंग में लगे अफसर को वैधता के क्रम में अलॉट करेगा।
ऐसा है आवासों का आंकड़ा
प्रशासन के पास 12 हजार से अधिक सरकारी आवास हैं। इसमें कर्मचारी और अफसरों के आवास शामिल हैं। तीन- तीन हजार आवास पंजाब और हरियाणा सरकार के पास हैं, जबकि 1800 के करीब आवास हाईकोर्ट के जजों और स्टॉफ के लिए हैं। इसके अलावा 4 हजार आवास यूटी के खाते में आते हैं।
अब चाल नहीं आएगी काम
चंडीगढ़ में हाउस अलॉटमेंट डिपार्टमेंट यूटी प्रशासन के लिए अहम है। यहीं से पंजाब और हरियाणा के अफसरों व कर्मचारियों को भी आवास मुहैया कराया जाता है। अच्छा मकान पाने के लिए कर्मचारियों की लाइन लगी रहती है। कई बार तो अफसर अच्छा आवास रिटायर्ड होने के बाद भी नहीं छोड़ते हैं। इसमें ज्यादातर अफसर ऐसे होते हैं, जो रिटायर होने के बाद सरकार में आयोग के सदस्य बन जाते हैं या फिर किसी बोर्ड के मेंबर्स। अब इन्हें खाली करना पड़ेगा।
ऐसा है आवासों का आंकड़ा
प्रशासन के पास 12 हजार से अधिक सरकारी आवास हैं। इसमें कर्मचारी और अफसरों के आवास शामिल हैं। तीन- तीन हजार आवास पंजाब और हरियाणा सरकार के पास हैं, जबकि 1800 के करीब आवास हाईकोर्ट के जजों और स्टॉफ के लिए हैं। इसके अलावा 4 हजार आवास यूटी के खाते में आते हैं।
अब चाल नहीं आएगी काम
चंडीगढ़ में हाउस अलॉटमेंट डिपार्टमेंट यूटी प्रशासन के लिए अहम है। यहीं से पंजाब और हरियाणा के अफसरों व कर्मचारियों को भी आवास मुहैया कराया जाता है। अच्छा मकान पाने के लिए कर्मचारियों की लाइन लगी रहती है। कई बार तो अफसर अच्छा आवास रिटायर्ड होने के बाद भी नहीं छोड़ते हैं। इसमें ज्यादातर अफसर ऐसे होते हैं, जो रिटायर होने के बाद सरकार में आयोग के सदस्य बन जाते हैं या फिर किसी बोर्ड के मेंबर्स। अब इन्हें खाली करना पड़ेगा।