चुनाव में पहली बार वीवीपीएटी, जानिए क्या है यह?
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हरियाणा चुनाव में पहली बार राज्य निर्वाचन आयोग वोटर वेरिफाइबल पेपर ऑडिट ट्रायल प्रणाली (वीवीपीएटी) की शुरुआत करने जा रहा है। पहले चरण में इस तकनीक का प्रयोग छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में किया जाएगा।
इसके तहत मतदान के बाद मतदाता को एक स्लिप मिलेगी, जिसमें उसके मतदान की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत वाल्गद ने बताया कि हरियाणा में पहली बार प्रयोग के तौर पर छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों सोनीपत, पानीपत, करनाल, थानेसर, गुड़गांव और रोहतक में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ प्रिंटर भी अटैच किया जाएगा।
इससे मतदान के बाद मतदाता को एक स्लिप मिलेगी, जिसमें उसके मतदान की पूरी जानकारी होगी। अभी तक मतदान के समय निर्वाचन अधिकारी मतदाता की अंगुली पर स्याही का निशान लगाते रहे हैं।
सु्प्रीमकोर्ट ने आयोग से कहा था
यह स्याही इस बात का सबूत होती है कि वोटर ने मतदान किया है, लेकिन वीवीपीएटी के जरिए मतदाता को यह पता चल सकेगा कि उसने किसे मतदान किया है।
यह प्रयोग सफल रहने के बाद भविष्य में इसे जरूरी कर दिया जाएगा। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कहा था कि वर्ष 2014 के चुनाव में चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के साथ ही कागज की पर्ची देने की व्यवस्था शुरू की जाए।
स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव के लिए यह आवश्यक है और इससे मतदाताओं का विश्वास बहाल होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को भी निर्देश दिए हैं कि ईवीएम के साथ वीवीपीएटी व्यवस्था लागू करने के लिए निर्वाचन आयोग को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।