{"_id":"59c7553f4f1c1b2f688b5fc4","slug":"upsc-member-chattar-singh-resigned-plot-allotment-scam-case-may-be-reason","type":"story","status":"publish","title_hn":"छतर सिंह ने UPSC के सदस्य पद से इस्तीफा दिया, बड़ी वजह आई सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छतर सिंह ने UPSC के सदस्य पद से इस्तीफा दिया, बड़ी वजह आई सामने
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 24 Sep 2017 01:17 PM IST
विज्ञापन
यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य पूर्व आईएएस अफसर छतर सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसा कदम उठाने के पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है। पूर्व आईएएस छतर सिंह हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव रहे हैं। इस दौरान उन्हें छह माह का सेवा विस्तार भी दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक यूपीएससी में अभी छतर सिंह का कार्यकाल शेष था।
पंचकूला में औद्योगिक प्लाट आवंटन में अनियमितता के मामले में सीबीआई ने पिछले दिनों भूपेंद्र हुड्डा और छतर सिंह से पूछताछ की थी। औद्योगिक प्लाटों के आवंटन के समय छतर सिंह पूर्व सीएम के प्रधान सचिव थे। लिहाजा, दोनों को सीबीआई ने एजेंसी के मुख्यालय में बुलाया था। इसके बाद से ही केंद्र सरकार ने छतर सिंह पर इस्तीफे का दवाब बनाया था। प्लाट आवंटन में अनियमितता के मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
एफआईआर के मुताबिक प्रावधानों में हेरफेर कर 14 लोगों को औद्योगिक प्लाट आवंटित कर दिए गए। इसके अलावा अंतिम तिथि समाप्त होने के बावजूद आवेदन की छूट दी गई। आखिरी तारीख 6 जनवरी, 2012 थी, लेकिन इन 14 लोगों ने 24 जनवरी, 2012 को आवेदन किया। एफआईआर में हरियाणा अर्बन डवेलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) के तत्कालीन अध्यक्ष रहे भूपेंद्र हुड्डा के अलावा हुडा के मुख्य प्रशासक सहित अन्य अधिकारियों का नाम शामिल है।
विज्ञापन
एफआईआर में यह भी दर्ज है कि इन 14 लोगों को बाजार कीमत से काफी रियायती दर पर प्लाट उपलब्ध कराए गए, जिससे राज्य कोषागार को करोड़ों को नुकसान हुआ। जिन लोगों को प्लाट आवंटित किए गए, उनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री, राजनीतिज्ञ, नौकरशाह और प्रभावशाली लोग शामिल हैं।
संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यपद से इस्तीफे के संदर्भ में कुछ भी कहना उचित नहीं समझते हैं।
- छतर सिंह आईएएस (सेवानिवृत्त)
विज्ञापन
पंचकूला में औद्योगिक प्लाट आवंटन में अनियमितता के मामले में सीबीआई ने पिछले दिनों भूपेंद्र हुड्डा और छतर सिंह से पूछताछ की थी। औद्योगिक प्लाटों के आवंटन के समय छतर सिंह पूर्व सीएम के प्रधान सचिव थे। लिहाजा, दोनों को सीबीआई ने एजेंसी के मुख्यालय में बुलाया था। इसके बाद से ही केंद्र सरकार ने छतर सिंह पर इस्तीफे का दवाब बनाया था। प्लाट आवंटन में अनियमितता के मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
विज्ञापन
एफआईआर के मुताबिक प्रावधानों में हेरफेर कर 14 लोगों को औद्योगिक प्लाट आवंटित कर दिए गए। इसके अलावा अंतिम तिथि समाप्त होने के बावजूद आवेदन की छूट दी गई। आखिरी तारीख 6 जनवरी, 2012 थी, लेकिन इन 14 लोगों ने 24 जनवरी, 2012 को आवेदन किया। एफआईआर में हरियाणा अर्बन डवेलपमेंट अथॉरिटी (हुडा) के तत्कालीन अध्यक्ष रहे भूपेंद्र हुड्डा के अलावा हुडा के मुख्य प्रशासक सहित अन्य अधिकारियों का नाम शामिल है।
विज्ञापन
एफआईआर में यह भी दर्ज है कि इन 14 लोगों को बाजार कीमत से काफी रियायती दर पर प्लाट उपलब्ध कराए गए, जिससे राज्य कोषागार को करोड़ों को नुकसान हुआ। जिन लोगों को प्लाट आवंटित किए गए, उनमें तत्कालीन मुख्यमंत्री, राजनीतिज्ञ, नौकरशाह और प्रभावशाली लोग शामिल हैं।
संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यपद से इस्तीफे के संदर्भ में कुछ भी कहना उचित नहीं समझते हैं।
- छतर सिंह आईएएस (सेवानिवृत्त)