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मां दुखभंजनी का मंदिर, जहां दलित परिवार से करवाते हैं पहली पूजा
मोहित धूपड़/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
Updated Tue, 11 Oct 2016 09:15 AM IST
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अंबाला शहर में मां काली का अनोखा मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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जानकार हैरानी होगी कि देश में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां पर नवरात्रों में सबसे पहली पूजा दलित परिवार से करवाई जाती है।
ये मंदिर स्थित है, हरियाणा के अंबाला शहर में। यहां मां दुखभंजनी का एक मंदिर ऐसा हैं, जहां जात-पात की सभी संकीर्णताएं खत्म हो जाती हैं। इस मंदिर में नवरात्र पूजन की शुरुआत एक दलित परिवार से करवाई जाती है।
दलित परिवार को सम्मान के साथ मंदिर में बतौर मेहमान बुलाया जाता है। उसके बाद वह परिवार सबसे पहले मां को दुग्ध स्नान करा पूजा अर्चना करता है। इसी के बाद दूसरे लोगों को मां की पूजा और दुग्ध स्नान की अनुमति मिलती है।
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ये मंदिर स्थित है, हरियाणा के अंबाला शहर में। यहां मां दुखभंजनी का एक मंदिर ऐसा हैं, जहां जात-पात की सभी संकीर्णताएं खत्म हो जाती हैं। इस मंदिर में नवरात्र पूजन की शुरुआत एक दलित परिवार से करवाई जाती है।
दलित परिवार को सम्मान के साथ मंदिर में बतौर मेहमान बुलाया जाता है। उसके बाद वह परिवार सबसे पहले मां को दुग्ध स्नान करा पूजा अर्चना करता है। इसी के बाद दूसरे लोगों को मां की पूजा और दुग्ध स्नान की अनुमति मिलती है।
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मंदिर में 25 साल से निभाई जा रही ये परंपरा
अंबाला शहर में मां काली का अनोखा मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर में ये परंपरा में मंदिर के संस्थापक पंडित विष्णु दत्त ने शुरू की थी। अमर उजाला को विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि ये परंपरा करीब 25 साल से चल रही है। समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, जात-पात की संकीर्ण धारणाओं से व्यथित होकर उन्होंने यह परंपरा शुरू कराई। उन्होंने बताया कि दुग्ध स्नान के बाद एकत्रित हुए दूध की खीर बनाई जाती है। शोभायात्रा के बाद इस खीर के प्रसाद को जगह-जगह बांटा जाता है।