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मामूली तकरार...जज ने समझाई ऐसी बात कि उमड़ा प्यार और बस गया घर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 10 Sep 2017 03:14 PM IST
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- फोटो : सांकेतिक चित्र
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मामूली सी तकरार और बात तलाक तक पहुंच गई। फिर जज ने दोनों को ऐसी बात समझाई कि प्यार उमड़ पड़ा और एक घर टूटते टूटते बस गया। कुछ समय पहले फेसबुक पर दोनों की दोस्ती हुई। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और फिर दोनों ने परिवारों की सहमति से प्रेम विवाह कर लिया। शादी के कुछ समय बाद दोनों में छोटी-छोटी बातों पर नोक झोंक होने लगी। पति को पत्नी की शॉपिंग, उसकी ड्रेसिंग सेंस पर आपत्ति थी। दोनों में खूब झगड़े होने लगे।
नतीजा यह हुआ कि दोनों ने अलग रहने के लिए जिला लोक अदालत में केस दायर किया। शनिवार को केस अदालत पहुंचा तो जज ने दोनों पक्षों को काफी गंभीरता से सुना। जज का कहना था कि उनके हिसाब से तलाक की कोई नौबत ही नहीं बनती है। जज ने दोनों को समझाया तो दोनों साथ रहने को राजी हो गए। इस दौरान कोर्ट रूम तालियों से गूंज उठा। वहीं, जज ने लड़की के भाई से कहा कि जैसे शादी के समय तुम अपनी बहन के साथ गए थे।
वैसे ही बहन को घर छोड़कर आओ। इस दौरान जजों ने दोनों परिवार को कैंटीन में चाय पिलाकर विदा किया। जजों का कहना था कि नई पीढ़ी में ईगो प्रॉब्लम के चलते ऐसी नौबत आती है। जिक्रयोग है लोक अदालत में आने वाले केसों में जो फैसला सुनाया जाता है। वह अंतिम फैसला होता है। क्योंकि फैसले पर दोनों पार्टियों की सहमति होती है। कोर्ट मामले में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करती है।
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नतीजा यह हुआ कि दोनों ने अलग रहने के लिए जिला लोक अदालत में केस दायर किया। शनिवार को केस अदालत पहुंचा तो जज ने दोनों पक्षों को काफी गंभीरता से सुना। जज का कहना था कि उनके हिसाब से तलाक की कोई नौबत ही नहीं बनती है। जज ने दोनों को समझाया तो दोनों साथ रहने को राजी हो गए। इस दौरान कोर्ट रूम तालियों से गूंज उठा। वहीं, जज ने लड़की के भाई से कहा कि जैसे शादी के समय तुम अपनी बहन के साथ गए थे।
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वैसे ही बहन को घर छोड़कर आओ। इस दौरान जजों ने दोनों परिवार को कैंटीन में चाय पिलाकर विदा किया। जजों का कहना था कि नई पीढ़ी में ईगो प्रॉब्लम के चलते ऐसी नौबत आती है। जिक्रयोग है लोक अदालत में आने वाले केसों में जो फैसला सुनाया जाता है। वह अंतिम फैसला होता है। क्योंकि फैसले पर दोनों पार्टियों की सहमति होती है। कोर्ट मामले में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करती है।
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थानेदार ने शादी के 25 साल बाद पत्नी पर लगाए चरित्रहीनता के आरोप
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इस तरह लोक अदालत में मुक्तसर के एक गांव का काफी रोचक मामला आया था। पूर्व सरपंच के थानेदार बेटे ने शादी के 25 साल बाद अपनी पत्नी पर चरित्रहीन होने का आरोप लगाया। अदालत में केस विचाराधीन है। बहू को इंसाफ दिलवाने के लिए बुजुर्ग ससुर बेटे के खिलाफ खड़े हो गए। जिला लोक अदालत में भी इस केस को लेकर फैसला नहीं हो सका।
आंखों में आंसू के साथ गुरचरण सिंह ने कहा कि मैं पूरी जिंदगी दूसरों के फैसले करवाता रहा, लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरे खुद के घर में यह आग लगी हुई है। जबकि बुजुर्ग ने अपने बेटे को ही कसूरवार माना। उनका कहना था कि उनके बेटे के अवैध संबंध है। क्योंकि मेरा पोता 24 साल का है और कनाडा में है।
लोक अदालत में 1051 केसों का हुआ निपटारा
नेशनल लोक अदालत में शनिवार को 1051 केसों का निपटारा किया गया। साथ ही नौ करोड़ 26 लाख 68 हजार 445 रुपये की कीमत के अवार्ड पास किए गए। इस बारे जिला सेशन जज कम चेयरमैन कानूनी सेवाएं अथारिटी अर्चना पुरी ने बताया कि लोग लोक अदालत के माध्यम से अपने केसों के निपटारे के लिए विशेष दिलचस्पी दिखाते हैं।
उन्होंने बताया कि अदालत में गंभीर किस्म के फौजदारी के केसों को छोड़कर हर तरह के केसों का निपटारा किया जाता है। जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी मोनिका लांबा ने कहा कि लोक अदालतों में राजीनामे के आधार पर केसों का निपटारा किया जाता है।
आंखों में आंसू के साथ गुरचरण सिंह ने कहा कि मैं पूरी जिंदगी दूसरों के फैसले करवाता रहा, लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरे खुद के घर में यह आग लगी हुई है। जबकि बुजुर्ग ने अपने बेटे को ही कसूरवार माना। उनका कहना था कि उनके बेटे के अवैध संबंध है। क्योंकि मेरा पोता 24 साल का है और कनाडा में है।
लोक अदालत में 1051 केसों का हुआ निपटारा
नेशनल लोक अदालत में शनिवार को 1051 केसों का निपटारा किया गया। साथ ही नौ करोड़ 26 लाख 68 हजार 445 रुपये की कीमत के अवार्ड पास किए गए। इस बारे जिला सेशन जज कम चेयरमैन कानूनी सेवाएं अथारिटी अर्चना पुरी ने बताया कि लोग लोक अदालत के माध्यम से अपने केसों के निपटारे के लिए विशेष दिलचस्पी दिखाते हैं।
उन्होंने बताया कि अदालत में गंभीर किस्म के फौजदारी के केसों को छोड़कर हर तरह के केसों का निपटारा किया जाता है। जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी मोनिका लांबा ने कहा कि लोक अदालतों में राजीनामे के आधार पर केसों का निपटारा किया जाता है।