गजबः जिस स्कूल में चार शिक्षकों का किया ट्रांसफर, वह 'जमीन' पर बना ही नहीं
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शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विभाग ने चार शिक्षकों का जिस स्कूल में ट्रांसफर किया, वह स्कूल मौजूद ही नहीं है। विभाग की इस लापरवाही के कारण इन शिक्षकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। दिनभर ये शिक्षक ज्वाइनिंग को लेकर स्कूल ढूंढते रहे। आखिर में यह स्कूल न मिलने पर सभी शिक्षक अधिकारी के पास पहुंचे और उन्हें मामले से अवगत कराया।
पहले तो अधिकारियों ने इस बात पर यकीन नहीं किया कि इस नाम से कोई स्कूल है ही नहीं। मगर बाद में विभाग की इस गलती का पता चलने पर पांचों शिक्षकों को बीईओ कार्यालय में ही ज्वाइन करा लिया गया। अब इन शिक्षकों का कहना है कि चूंकि अब जिले में सभी पद भरे जा चुके हैं तो ऐसे में उन्हें दूसरों जिलों में भेजा जाएगा, जबकि इसमें पूरी गलती विभाग की है।
बता दें कि विभाग ने चार सितंबर को सीऐंडवी, टीजीटी और एलीमेंट्री स्कूल हेडमास्टर की ट्रांसफर लिस्ट जारी की। विभाग के आदेशानुसार इन्हें छह सितंबर को पुराने स्कूल से रिलीव होकर नए स्कूल में ज्वाइन करना था।
ये शिक्षक हुए विभाग की लापरवाही का शिकार
शिक्षा विभाग ने चार शिक्षकों का कालवास ढाणी 7154 में ट्रांसफर किया। जिन शिक्षकों का इस स्कूल में ट्रांसफर किया गया, उनमें जीएसएसएस गंगवा से कृष्णा देवी, जीएचएस रावलवास खुर्द से सरोज देवी, बुगाना स्कूल से सुशील कुमार व जयबीर शामिल हैं। 6 सितंबर को यह सभी शिक्षक अपने-अपने स्कूल से रिलीव होकर ज्वाइनिंग के लिए कालवास ढाणी पहुंचे।
यहां आकर इन्हें पता चला कि इस नाम से यहां कोई स्कूल ही नहीं है। यह सुनकर सभी हैरान हो गए। इसके बाद उन्होंने डीईईओ देवेंद्र सिंह को इस बारे में अवगत कराया। डीईईओ ने उच्च अधिकारी से इस बारे में बात की। जब वहां आईटी सेल में बात की गई तो उन्होंने भी यही कहा कि ऐसा कोई स्कूल मौजूद नहीं है।
इसके बाद उच्च अधिकारियों ने इन शिक्षकों को बीईओ कार्यालय में ज्वाइन करने को कहा। इसके बाद इन शिक्षकों ने बीईओ कार्यालय में ज्वाइन किया। अब इन शिक्षकों का कहना है कि ये सभी नौ सितंबर को विभाग के डायरेक्टर से मुलाकात कर उनसे जिले में स्टेशन दिए जाने की मांग करेंगे।
लिस्ट में स्कूल का कोड नंबर गलत लिखा गया। यह कोड नंबर किसी और स्कूल का होगा। हमने इस बारे में विभाग को अवगत करा दिया है। वह कोड नंबर रिवाइज करके भेज देंगे। इन शिक्षकों को जिले में ही पोस्टिंग मिलेगी। - देवेंद्र सिंह, डीईईओ, हिसार
यह विभाग की सरासर लापरवाही है। विभाग अपनी गलती में तुरंत सुधार कर इन शिक्षकों को जिले में ही स्टेशन अलॉट करें। - राज सिंह मलिक, जिलाध्यक्ष, हरियाणा मास्टर वर्ग एसोसिएशन