अनोखा केस: नो एफआईआर, नो अरेस्ट, फैसला ऑन दा स्पॉट
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हरियाणा के हिसार में बड़ा अनोखा केस सामने आया। इसमें न तो कोई एफआईआर दर्ज की गई, न ही किसी को अरेस्ट किया गया, बल्कि फैसला ऑन द स्पॉट किया गया। मामला चार नाबालिगों द्वारा बस कंडक्टर से मारपीट किए जाने का था। मामले में पुलिस ने जज की भूमिका निभाते हुए खुद ही सजा तय कर दी।
मारपीट के बाद मंगाली पुलिस चौकी में लाए गए चार नाबालिगों से पुलिस ने एक-दूसरे के कान पकड़वाकर उठक-बैठक कराई। इस दौरान हर बार नाबालिगों को एक-दूसरे को तेज से थप्पड़ मारने को भी विवश किया गया। पंचायती मामला निपटाने में लगे रहे और करीब 15 मिनट तक नाबालिगों के गाल पर एक-दूसरे के थप्पड़ पड़ते रहे।
अंत में उन नाबालिगों पर चार हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान बस चालक और परिचालक यात्रियों से भरी बस को चौकी के बाहर रोड पर खड़ी कर समझौते के लिए चौकी में रहे। यात्रियों को भीषण गर्मी में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। बस में 50 से अधिक सवारियां थीं।
यह है मामला
मामले के अनुसार हिसार से मिरान के लिए रोडवेज की बस वाया कैमरी-मंगाली होकर जाती है। शनिवार को बस मंगाली पहुंची तो बस रोकने को लेकर इसके परिचालक के साथ छह नाबालिग युवकों की झड़प हो गई।
किशोरों ने परिचालक की धुनाई कर दी और बस का एक शीशा भी तोड़ दिया। मामले की शिकायत परिचालक ने मंगाली पुलिस चौकी में दी।
रविवार को इस मामले में आरोपी नाबालिगों, उनके परिजनों और चालक-परिचालक को पुलिस चौकी बुलाया गया था। यहीं पर दोनों पक्षों में समझौता तो हो गया, लेकिन चौकी में नाबालिगों पर करीब डेढ़ घंटा बड़ा भारी गुजरा।
यात्रियों को अपने हाल पर छोड़ा
पुलिस चौकी में पंचायत चल रही थी तो इसी दौरान हिसार से मिरान जाने वाली बस मंगाली अड्डे पर पहुंची। इसी बस के परिचालक से एक दिन पहले मारपीट हुई थी। चालक ने यात्रियों से भरी बस चौकी के बाहर रोकी और अंदर चले गए। बस में महिला यात्री व बच्चे भी थे।
गर्मी में यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ यात्री तो दूसरे साधन से रवाना हो गए, लेकिन बहुत से चालक-परिचालक के आने के इंतजार में साथ लगे खोखे पर चाय पीते रहे। चालक-परिचालक तभी वापस आए, जबकि मामला निपटा।
मंगाली पुलिस चौकी प्रभारी रमेश कुमार से इस बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि वे मधुबन कोर्स पर गए हैं। आज क्या हुआ, नहीं पता। मामले की जानकारी लेंगे।
मारपीट मामले में जांच अधिकारी हेड कांस्टेबल जगत सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों को बुलाया था। मामला निपट गया है। उन्होंने नाबालिगों को चौकी में किसी प्रकार के दंड देने की बात से इंकार किया। उन्होंने कहा कि पंचायती तौर पर मामला निपट गया है।