हरसिमरत ने कैप्टन को घेरा, बोलीं- एसआईटी की चार्टशीट कांग्रेस दफ्तर में की गई तैयार, सीएम इस्तीफा दे
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केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री के चहेते अधिकारी की ओर से दाखिल चार्जशीट को एसआईटी के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा रद्द किए जाने के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को कोटकपूरा तथा बहिबलकलां पुलिस कार्रवाई की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं का राजनीतिकरण करने की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर जीत दर्ज करने के बाद लोगों को धन्यवाद देने के लिए मानसा में कई जगह बैठकों को संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों से हल करने को कहा। उन्होंने अपनी जेब से जरूरतमंद परिवारों की लड़कियों की शादी के लिए भी सहायता की पेशकश की।
हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर झूठी शपथ खाने वाले मुख्यमंत्री का पहले भी पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब एसआईटी टीम की ओर से पुलिस कार्रवाई की जांच के राजनीतिकरण के खिलाफ उठाई आवाज से मुख्यमंत्री की पोल खुल गई है।
जांच टीम ने कहा है कि मुख्यमंत्री के चहेते आईजी कुंवर विजय ने उनसे सलाह किए बिना चार्जशीट दायर की थी। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि इस जांच का कितना राजनीतिकरण हो चुका है। मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट की तरह यह चार्जशीट भी कांग्रेस भवन में बैठकर तैयार की गई है। मुख्यमंत्री को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोगों ने उनके खिलाफ झूठे प्रचार को रद्द कर दिया है और बेअदबी के मुद्दे का राजनीतिकरण करने वालों को सजा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मेडिकल अध्यापकों की भर्ती करने में लापरवाही के कारण सेहत सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। पहले सरकार ने एम्स संस्थान के निर्माण में रोड़े अटकाए थे। अब यह मेडिकल अध्यापकों की भर्ती से इंकार करके लोगों को अच्छी सेहत सेवाएं देने से भाग रही है।