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10 साल की बच्ची के गर्भपात का मामला, SC ने पीजीआई चंडीगढ़ से पूछा बड़ा सवाल

Tue, 25 Jul 2017 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 25 Jul 2017 09:21 AM IST
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underage girl kid pregnancy demolition case Supreme Court hearing
child rape
10 साल की बच्ची के गर्भपात का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है, जिसकी सुनवाई करते हुए बेंच ने चंडीगढ़ पीजीआई से बड़ा सवाल पूछा। सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी मांगी है कि क्या बच्ची के गर्भ में पल रहे बच्चे को 30 हफ्ते का होने पर गिराया जा सकता है? चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह जानकारी मांगी, वहीं मामले की अगली सुनवाई अब शुक्रवार को होगी।
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बता दें कि बच्ची का गर्भपात कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमें दुष्कर्म पीड़िता के गर्भ में पल रहे 26 हफ्ते के बच्चे को गिराने की इजाजत मांगी गई। याचिका में कहा गया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और विधि मंत्रालय को एम्स के डॉक्टरों का पैनल गठित करने का निर्देश दिया जाए। इससे 26 हफ्ते के गर्भ को सुरक्षित तरीके से गिराया जा सकेगा।
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याचिका में ये दलीलें दी गईं

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बच्ची के साथ दुराचार किया
याचिका में सुप्रीम कोर्ट से इस तरह के मामलों के लिए उचित दिशानिर्देश बनाने की भी मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि चिकित्सा विशेषज्ञों ने साफ तौर पर राय दी है कि अगर 10 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को बच्चे को जन्म देने के लिए बाध्य किया जाता है तो यह पीड़िता और बच्चे के लिए घातक हो सकता है। केंद्र सरकार को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट, 1971 की धारा-तीन में संशोधन करने का निर्देश देने की मांग की गई है। मौजूदा प्रावधान के मुताबिक गर्भधारण के 20 हफ्ते के बाद गर्भपात की इजाजत नहीं दी जा सकती।

लेकिन अधिनियम की धारा-पांच में यह प्रावधान है कि अगर गर्भ के कारण महिला की जान को खतरा हो तो 20 हफ्ते के बाद महिला को गर्भपात कराने की इजाजत दी जा सकती है। जान लिजिए कि इससे पहले चंडीगढ़ की जिला अदालत ने 18 जुलाई को गर्भपात की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। 

ये है मामला

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child rape
चंडीगढ़ में सेक्टर-37 निवासी बच्ची से उसके मामा ने दुराचार किया था। जब तक घरवालों को पता चलता तब तक वह छह माह की गर्भवती हो चुकी थी। इस समय बच्ची जीएमसीएच-32 में भर्ती है। बच्ची के पिता सरकारी कर्मचारी हैं और मां घरों मे काम करती हैं। गत शुक्रवार को ही बच्ची के साथ रेप का खुलासा हुआ। बच्ची की तबीयत खराब हुई तो मां ने टेस्ट किया। वह गर्भवती निकली तो पुलिस को शिकायत दी गई।

काउंसिलिंग के दौरान बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसका मामा पिछले कुछ समय से घर आता था और उसके साथ गलत काम करता था। साथ ही बच्ची को धमकाता था कि किसी को बताया तो उसकी बहन के साथ भी गलत काम करेगा। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके आरोपी मामा कुल बहादुर को गिरफ्तार कर लिया है।
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