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फेसबुक पर विदेश भेजने का झांसा देकर वीजा लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले दो शातिर आरोपी गिरफ्तार
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चंडीगढ़। विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को साइबर सेल ने गिरफ्तार कर 26 मोबाइल फोन, 22 पासपोर्ट और 3 लैपटॉप बरामद किया है। पासपोर्ट राजस्थान, असम, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, आंधा प्रदेेश व अन्य जगह के हैं। आरोपियों की पहचान मोहाली थ्रीबीटू निवासी वरिंदर सिंह और परमिंदर सिंह के रूप में हुई है। मूलरूप से वरिंदर सिंह अंबाला के गांव विल बरौला और परमिंदर शाहाबाद के गांव झरौली खुर्द का रहनेे वाला है। पुलिस ने रविवार को दोनों आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस पता लगा रही है कि जालसाजी में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके अलावा आरोपियों द्वारा जिस कंसलटेंट कंपनी के नाम से लोगों को ठगा जा रहा था वह है या नहीं। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि आंध्र प्रदेश निवासी टाटा नागा वामसी की शिकायत पर 12 मार्च को सेक्टर-17 थाने में केस दर्ज किया था। पीड़ित ने बताया था कि उसने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर गोल्डन कैरियर कंसल्टेंसी की ओर से विदेश भेजने के लिए कनाडा का वीजा लगवाने को लेकर डाला गया विज्ञापन देखा था। विज्ञापन देखने के बाद नंबर पर व्हाट्सएप कॉल कर संपर्क किया। कंपनी की ओर से कहा गया कि उन्हें वीजा के लिए मेन ब्रांच में आकर 1.50 लाख रुपए देने होंगे।
जब शिकायतकर्ता सेक्टर-17 पहुंचा तो आरोपियों ने उन्हें सेक्टर 17 स्थित बस स्टैंड के पीछे आने के लिए कहा। जहां पर गोल्डन कैरियर कंपनी का कंसलटेंट उसके पास आया और कहने लगा के कोरोना के चलते ब्रांच बंद है। यह कहकर आरोपी वीजा लगवाने का झांसा दे डाक्यूमेंट और डेढ़ लाख रुपए लेकर चला गया। इसके बाद शिकायतकर्ता को फिर से एक नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद का नाम परमिंदर सिंह बताते हुए कहा कि कोरोना के चलते वीजा का प्रोसेस कैंसिल हो गया है। इसलिए उन्हें फिर से कोटक महिंद्रा बैंक में पैसे जमा करने होंगे। इस पर शिकायतकर्ता ने फिर से बताए गए बैंक खाते में 1 लाख 44 हजार 500 रुपए जमा करवा दिए। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस के दी। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।
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निरीक्षक हरिओम के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम ने शनिवार को दोनों आरोपियों को सेक्टर-47 से गिरफ्तार कर लिया। हरिओम शर्मा ने बताया कि आरोपियों के पास से जो पासपोर्ट बरामद हुए हैं वह राजस्थान, असम, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, आंधा प्रदेेश व अन्य जगह के हैं। आरोपी चंडीगढ़ में दफ्तर होने के कारण दूर के राज्यों के लोगों के साथ ठगी करते थे।
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पुलिस पता लगा रही है कि जालसाजी में कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके अलावा आरोपियों द्वारा जिस कंसलटेंट कंपनी के नाम से लोगों को ठगा जा रहा था वह है या नहीं। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक हरिओम शर्मा ने बताया कि आंध्र प्रदेश निवासी टाटा नागा वामसी की शिकायत पर 12 मार्च को सेक्टर-17 थाने में केस दर्ज किया था। पीड़ित ने बताया था कि उसने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर गोल्डन कैरियर कंसल्टेंसी की ओर से विदेश भेजने के लिए कनाडा का वीजा लगवाने को लेकर डाला गया विज्ञापन देखा था। विज्ञापन देखने के बाद नंबर पर व्हाट्सएप कॉल कर संपर्क किया। कंपनी की ओर से कहा गया कि उन्हें वीजा के लिए मेन ब्रांच में आकर 1.50 लाख रुपए देने होंगे।
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जब शिकायतकर्ता सेक्टर-17 पहुंचा तो आरोपियों ने उन्हें सेक्टर 17 स्थित बस स्टैंड के पीछे आने के लिए कहा। जहां पर गोल्डन कैरियर कंपनी का कंसलटेंट उसके पास आया और कहने लगा के कोरोना के चलते ब्रांच बंद है। यह कहकर आरोपी वीजा लगवाने का झांसा दे डाक्यूमेंट और डेढ़ लाख रुपए लेकर चला गया। इसके बाद शिकायतकर्ता को फिर से एक नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद का नाम परमिंदर सिंह बताते हुए कहा कि कोरोना के चलते वीजा का प्रोसेस कैंसिल हो गया है। इसलिए उन्हें फिर से कोटक महिंद्रा बैंक में पैसे जमा करने होंगे। इस पर शिकायतकर्ता ने फिर से बताए गए बैंक खाते में 1 लाख 44 हजार 500 रुपए जमा करवा दिए। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस के दी। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया।
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निरीक्षक हरिओम के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। टीम ने शनिवार को दोनों आरोपियों को सेक्टर-47 से गिरफ्तार कर लिया। हरिओम शर्मा ने बताया कि आरोपियों के पास से जो पासपोर्ट बरामद हुए हैं वह राजस्थान, असम, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, आंधा प्रदेेश व अन्य जगह के हैं। आरोपी चंडीगढ़ में दफ्तर होने के कारण दूर के राज्यों के लोगों के साथ ठगी करते थे।